Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- مُتَّكِئِينَ: तकिया लगाए हुए, आराम से बैठे हुए।
- سُرُرٍ مَصْفُوفَةٍ: कतारबद्ध (एक पंक्ति में) लगाए गए तख्त (सिंहासन)।
- زَوَّجْنَاهُم: हमने उन्हें (विशेष रूप से) मिलाया या जोड़ा।
- حُورٍ: (حوراء की बहुवचन) वे औरतें जिनकी आँखों की सफेदी बहुत सफेद और काली बहुत काली हो, अत्यधिक सुंदर।
- عِينٍ: (عيناء की बहुवचन) बड़ी और खूबसूरत आँखों वाली।
तफसीर (व्याख्या):
अल्लाह तआला अपने नेक बंदों की उस शानदार मेहमाननवाज़ी का ज़िक्र कर रहे हैं जो उन्हें जन्नत में मिलेगी। वे लोग अपने अच्छे कर्मों के बदले में जन्नत की नेमतों का आनंद लेंगे, जहाँ वे आराम से तकिया लगाकर सजे-सजाए तख्तों पर बैठेंगे, जो एक-दूसरे के सामने कतारबद्ध होंगे। यह दृश्य उनके आपसी मेल-जोल, प्रेम और भाईचारे को दर्शाता है, जहाँ कोई दुश्मनी, ईर्ष्या या कड़वाहट नहीं होगी।
इसके अलावा, अल्लाह ने उन्हें हूर-ए-ईन (खूबसूरत आँखों वाली पवित्र पत्नियाँ) से मिलाने का वादा किया है। ये ऐसी पाक और पवित्र साथी होंगी जो बेहद सुंदर, निगाहों को ठंडक पहुँचाने वाली और पूरी तरह से पाक-साफ होंगी। ध्यान रहे, जन्नत का यह मिलन दुनिया के शादी-ब्याह जैसा नहीं होगा, बल्कि यह अल्लाह की ओर से एक विशेष इज़्ज़त और सम्मान होगा, जो उसकी रहमत और करम से मिलेगा।
दावती पहलू:
यह आयत मोमिनों के लिए एक बहुत बड़ी खुशखबरी है। अल्लाह ने अपने बंदों के लिए ऐसी नेमतें तैयार की हैं जिनका कोई अंदाज़ा नहीं लगा सकता। जो लोग दुनिया में अल्लाह की इबादत करते हैं, उसके हुक्मों का पालन करते हैं और अच्छे काम करते हैं, उनके लिए यह इनाम है। यह हमें सिखाता है कि दुनिया की अस्थायी सुख-सुविधाओं पर भरोसा न करें, बल्कि उस स्थायी और अटल जीवन की तैयारी करें जो कभी खत्म नहीं होगा। अल्लाह की रहमत और उसका इनाम उन लोगों के लिए है जो उस पर ईमान रखते हैं और अच्छे कर्म करते हैं। यह हमें अच्छे कामों की ओर प्रेरित करता है और बताता है कि अल्लाह अपने बंदों को कभी निराश नहीं करता।
📜 आयत 18-22 — सूरा अत-तूर
अनुवाद — अत-तूर 20
सूरा अत-तूर आयत 20 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : तकिए लगाकर ख़ूब मज़े से खाओ पियो और हम बड़ी…सूरा आयत 20/49 — सूरा अत-तूर الطور (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अत-तूर सुनें, सूरा अत-तूर अनुवाद, सूरा अत-तूर mp3, सूरा अत-तूर pdf. आयत 18–22. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Thursday, October 1, 2026
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