अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- مَا لَهُ مِن دَافِعٍ: उस (अज़ाब) को टालने वाला या रोकने वाला कोई नहीं।
तफ़सीर (व्याख्या):
अल्लाह तआला फ़रमाता है कि तेरे रब का अज़ाब (यानी क़यामत का दिन और उस दिन काफ़िरों पर आने वाली सज़ा) निश्चित रूप से वाक़े होने वाला है। यह कोई ऐसी चीज़ नहीं है जो टल सके या जिसे कोई रोक सके। जिस दिन यह अज़ाब आएगा, उस दिन आसमान हिल जाएगा, उसका निज़ाम बिगड़ जाएगा, पहाड़ अपनी जगह से उखड़कर बादलों की तरह उड़ने लगेंगे, और सारी कायनात में हलचल मच जाएगी। यह उस वक़्त होगा जब दुनिया की ज़िंदगी खत्म होगी और आख़िरत की शुरुआत होगी।
इस आयत में अल्लाह तआला ने यह बात साफ़ कर दी है कि उसके अज़ाब को कोई टाल नहीं सकता। न कोई ताक़तवर बादशाह, न कोई बड़ा से बड़ा इंसान, न कोई देवता और न ही कोई सिफ़ारिशी। जब अल्लाह किसी पर अपना अज़ाब नाज़िल करने का फ़ैसला कर लेता है, तो उसे रोकने की ताक़त किसी में नहीं होती। यह बात उन लोगों के लिए बड़ी नसीहत है जो अल्लाह के अज़ाब से ग़ाफ़िल हैं और अपनी ज़िंदगी में सिर्फ़ दुनिया के कामों में लगे हुए हैं।
दावत और नसीहत:
ऐ बंदों! ज़रा सोचो, जिस दिन अल्लाह का अज़ाब आएगा, उस दिन कोई नहीं बचाएगा। आज हमारे पास मौक़ा है कि हम तौबा कर लें, अपने गुनाहों से बाज़ आएँ और अल्लाह की राह पर चलें। अल्लाह तआला बड़ा मेहरबान और रहीम है, वह चाहता है कि हम उसकी तरफ़ रुजू करें। यह क़ुरआन और यह पैग़ाम हमारे लिए रहमत है, ताकि हम उस दिन की परेशानी से बच जाएँ। जो लोग आज अल्लाह की इबादत करेंगे और उसके हुक्मों पर अमल करेंगे, उनके लिए जन्नत की खुशख़बरी है, जहाँ कोई ग़म, कोई दर्द और कोई डर नहीं होगा। अल्लाह से दुआ है कि वह हमें उस दिन की सख़्ती से बचाए और अपनी रहमत से नवाज़े। आमीन।
📜 आयत 6-10 — अत-तूर
अनुवाद — अत-तूर 8
सूरा अत-तूर आयत 8 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : (और) इसका कोई रोकने वाला नहींसूरा आयत 8/49 — अत-तूर الطور (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अत-तूर सुनें, अत-तूर अनुवाद, अत-तूर mp3, अत-तूर pdf. आयत 6–10. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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