अत-तूर · 7/49
अनुवाद उच्चारण — सूरा अत-तूर
إِنَّ عَذَابَ رَبِّكَ لَوَاقِعٌ ۝٧
Inna `azaaba Rabbika lawaaqi
📖 हिंदी अर्थ
कि तुम्हारे परवरदिगार का अज़ाब बेशक वाकेए होकर रहेगा

M Mishary Rashid Alafasy ✓
M Mahmoud Khalil Al-Husary ✓
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अनुवाद — Tafsir

शब्दार्थ:

  • عَذَابَ (अज़ाब) — दंड, यातना
  • رَبِّكَ (रब्बिक) — तुम्हारे पालनहार की ओर से
  • لَوَاقِعٌ (लवाक़ि') — अवश्य घटित होने वाला, निश्चित रूप से आने वाला

व्याख्या:

ऐ नबी! तुम्हारे पालनहार की ओर से इनकार करने वालों पर जो दंड का वादा किया गया है, वह अवश्य घटित होकर रहेगा। यह कोई धमकी भरा शब्द नहीं है, बल्कि एक सत्य और अटल वचन है, जिसे टालने या रोकने की शक्ति किसी में नहीं है। जब वह समय आएगा, तो आकाश अपनी व्यवस्था खो देगा, उसका संतुलन बिगड़ जाएगा और उसके हिस्से टुकड़े-टुकड़े हो जाएंगे। पहाड़ अपने स्थानों से उखड़कर बादलों की तरह उड़ते हुए दिखेंगे। यह सब उस दिन होगा जब दुनिया का अंत निकट आएगा और सृष्टि का यह वर्तमान रूप बदल जाएगा।

यह दंड विशेष रूप से उन काफिरों के लिए है जिन्होंने सत्य को जानते हुए भी उसे ठुकरा दिया और अपने पालनहार की आयतों को झुठलाया। जिस प्रकार यह वादा सत्य है, उसी प्रकार इसका घटित होना भी सुनिश्चित है। इसमें कोई संदेह नहीं कि अल्लाह का फैसला आने वाला है, और उसके फैसले के आगे किसी की चाल नहीं चल सकती।

दृष्टिकोण (उपदेश):

यह आयत हमें सचेत करती है कि इस दुनिया की ज़िंदगी ही सब कुछ नहीं है। जो लोग आज अपने कर्मों में लापरवाह हैं और अल्लाह की निशानियों से आँखें मूँद लेते हैं, उन्हें एक दिन अपने किए का सामना करना ही पड़ेगा। लेकिन साथ ही, यह आयत मोमिन के लिए एक सुखद समाचार भी है कि अल्लाह का न्याय अवश्य आएगा — अत्याचारी चाहे कितनी भी देर तक अपने ज़ुल्म में मगन रहे, उसकी पकड़ से बच नहीं सकता। अतः हमें चाहिए कि हम अपने जीवन को अल्लाह की रज़ा के अनुसार ढालें, उसकी चेतावनियों को गंभीरता से लें, और उस दिन की तैयारी करें जब कोई पलायन संभव नहीं होगा। याद रखें — अल्लाह का वादा सत्य है, और उसका दंड भी सत्य है। इससे बचने का एक ही रास्ता है: ईमान लाना, अच्छे कर्म करना, और अपने पालनहार की ओर लौटना।



📜 आयत 5-9 — सूरा अत-तूर

5وَالسَّقْفِ الْمَرْفُوعِ
और ऊँची छत (आसमान) की
6وَالْبَحْرِ الْمَسْجُورِ
और जोश व ख़रोश वाले समन्दर की
7إِنَّ عَذَابَ رَبِّكَ لَوَاقِعٌ
कि तुम्हारे परवरदिगार का अज़ाब बेशक वाकेए होकर रहेगा
8مَّا لَهُ مِن دَافِعٍ
(और) इसका कोई रोकने वाला नहीं
9يَوْمَ تَمُورُ السَّمَاءُ مَوْرًا
जिस दिन आसमान चक्कर खाने लगेगा
अत-तूरकुरान सूची
49आयत
मक्कीअवतरण स्थान
7आयत

अनुवाद — अत-तूर 7

सूरा अत-तूर आयत 7 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : कि तुम्हारे परवरदिगार का अज़ाब बेशक वाकेए होकर रहेगा

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Monday, September 28, 2026

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