अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- الْخَالِقُ (अल-ख़ालिक़): सृष्टि को तय करने वाला, हर चीज़ को अस्तित्व देने से पहले उसका अनुमान लगाने वाला।
- الْبَارِئُ (अल-बारी): अस्तित्वहीन से अस्तित्व में लाने वाला, सृष्टि को बनाने वाला।
- الْمُصَوِّرُ (अल-मुसव्विर): अपनी सृष्टि को आकार और रूप देने वाला, जैसा चाहे वैसा रूप बनाने वाला।
- الْأَسْمَاءُ الْحُسْنَى (अल-अस्माउल हुस्ना): सबसे सुंदर नाम, जो अल्लाह की उत्तम विशेषताओं को दर्शाते हैं।
- يُسَبِّحُ (युसब्बिहु): पवित्रता बयान करना, हर कमी और दोष से अल्लाह को पाक बताना।
- الْعَزِيزُ (अल-अज़ीज़): सबसे शक्तिशाली, जिसे कोई हरा न सके।
- الْحَكِيمُ (अल-हकीम): सबसे बुद्धिमान, जो हर काम हिकमत (बुद्धि) से करता है।
तफ़सीर (व्याख्या):
यह आयत हमें अल्लाह की उन खूबियों से परिचित कराती है जो उसकी महानता और कुदरत (शक्ति) को दर्शाती हैं। अल्लाह ही वह है जो ख़ालिक़ है, यानी उसने हर चीज़ को पहले से तय किया और उसे अस्तित्व दिया। वह बारी है, यानी उसने इस पूरी दुनिया को शून्य से पैदा किया, बिना किसी मिसाल के। और वह मुसव्विर है, यानी उसने हर मख़लूक (प्राणी) को अपनी इच्छा के अनुसार अलग-अलग आकार और रूप दिए — इंसान, जानवर, पेड़-पौधे, पहाड़, समुद्र — सब कुछ उसी की बनाई हुई शक्लें हैं।
अल्लाह के लिए ही सबसे सुंदर नाम हैं। ये नाम उसकी बेमिसाल विशेषताओं को बयान करते हैं, जैसे रहमान (दयालु), रहीम (कृपाशील), मलिक (बादशाह), क़ुद्दूस (पवित्र)। इन नामों में उसकी सारी अच्छाइयाँ और कमालियतें शामिल हैं। जो इंसान इन नामों को समझकर अपनी ज़िंदगी में अपनाता है, वह अल्लाह के करीब हो जाता है और उसकी रहमत का हक़दार बनता है।
आसमानों और ज़मीन में जो कुछ भी है — चाहे वह फ़रिश्ते हों, इंसान हों, जिन्नात हों, जानवर हों या पेड़-पौधे — सब अल्लाह की पवित्रता का बयान करते हैं। हर चीज़ अपने अस्तित्व से यह गवाही देती है कि अल्लाह हर कमी और दोष से पाक है। यहाँ तक कि पक्षियों की चहचहाहट और हवा का बहना भी उसी की तस्बीह (पवित्रता का बयान) है।
और अल्लाह अज़ीज़ है, यानी इतना शक्तिशाली कि उसे कोई हरा नहीं सकता, और वह अपने दुश्मनों से सख्त बदला लेने वाला है। साथ ही वह हकीम है, यानी उसकी हर रचना, हर हुक्म और हर फैसले में गहरी बुद्धि और हिकमत है। उसने कुछ भी बेकार नहीं बनाया, और न ही कोई काम बिना मकसद के किया।
यह आयत हमें सिखाती है कि हम अपने रब को पहचानें, उसके नामों से उसे याद करें, और उसकी बनाई हुई दुनिया में उसकी कुदरत के निशानों पर गौर करें। जब हम यह समझ जाएँगे कि हमारा रब कितना महान है, तो हमारा दिल उसकी मोहब्बत से भर जाएगा, हम उसकी इबादत में मज़ा पाएँगे, और उसकी हर बात को खुशी-खुशी मानेंगे। यही सच्ची कामयाबी है — कि हम उस अल्लाह को पहचानें जो हमारा ख़ालिक़, बारी और मुसव्विर है, और उसी की तरफ अपनी ज़िंदगी का रुख करें।
📜 आयत 22-24 — अल-हश्र
अनुवाद — अल-हश्र 24
सूरा अल-हश्र आयत 24 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : वही ख़ुदा (तमाम चीज़ों का ख़ालिक) मुजिद सूरतों का बनाने…सूरा आयत 24/24 — अल-हश्र الحشر (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-हश्र सुनें, अल-हश्र अनुवाद, अल-हश्र mp3, अल-हश्र pdf. आयत 22–24. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए








