अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- लीनह (لينة): उत्तम प्रकार की खजूर की नर या मादा पेड़, यहाँ विशेष रूप से खजूर का पेड़ मुराद है।
- अस्ल (أصول): जड़ें, तना, वह आधार जिस पर पेड़ खड़ा रहता है।
- फ़ासिक़ीन (الفاسقين): आज्ञा का उल्लंघन करने वाले, अवज्ञाकारी, जो अल्लाह के हुक्म से बाहर निकल जाएं।
तफ़सीर (व्याख्या):
ऐ ईमानवालों! जब तुमने बनी नज़ीर (यहूदी क़बीले) के साथ मुठभेड़ की, तो अल्लाह के हुक्म से तुमने उनके बाग़ों में से कुछ खजूर के पेड़ काट डाले, और कुछ को उनकी जड़ों पर खड़ा छोड़ दिया — ताकि उनका मनोबल टूटे और वे समझें कि उनका ठिकाना समाप्त हो गया। यह कार्य तुम्हारी अपनी मर्ज़ी से नहीं, बल्कि अल्लाह की इजाज़त और उसकी मंशा से हुआ। अल्लाह ने यह इसलिए किया कि उन अवज्ञाकारियों को रुसवा करे, जिन्होंने अल्लाह और उसके रसूल (ﷺ) से किया हुआ वादा तोड़ दिया, और विश्वासघात का रास्ता अपनाया।
कुछ मुसलमानों के दिलों में यह ख्याल आया कि क्या पेड़ काटना ज़मीन में फ़साद फैलाना नहीं है? तो अल्लाह ने स्पष्ट कर दिया कि यह फ़साद नहीं, बल्कि उसकी आज्ञा का पालन है। जब अल्लाह का हुक्म हो, तो उसमें भलाई ही भलाई है — चाहे वह पेड़ काटना हो या छोड़ना। यह कार्य अल्लाह की इजाज़त से था, और इसका उद्देश्य था कि अल्लाह अपने दुश्मनों को ज़लील करे और ईमानवालों को उन पर ग़लबा (विजय) दे।
इस घटना में हमारे लिए बड़ी सीख है कि अल्लाह की राह में किया गया हर काम — चाहे वह जंग का सामान हो या दुश्मन की ताकत को कमज़ोर करना — अल्लाह की मर्ज़ी के बिना नहीं होता। और जब अल्लाह की मर्ज़ी होती है, तो उसमें बरकत और हिकमत (समझदारी) छिपी होती है।
दावती पहलू (प्रेरणादायक संदेश):
यह आयत हमें सिखाती है कि अल्लाह पर भरोसा रखें और उसके हुक्म के आगे सिर झुकाएं। जब अल्लाह किसी काम का आदेश देता है, तो उसमें दुनिया और आख़िरत की भलाई होती है, भले ही हमारी अक़्ल उसे न समझ पाए। यह भी याद रखें कि अल्लाह अपने नेक बंदों की मदद करता है और उन्हें दुश्मनों पर फ़तह देता है — बशर्ते वे सब्र करें और उसकी आज्ञा का पालन करें। आज भी जो लोग अल्लाह की राह में क़ुर्बानी देते हैं, अल्लाह उन्हें इज़्ज़त देता है और उनके दुश्मनों को रुसवा करता है।
📜 आयत 3-7 — अल-हश्र
अनुवाद — अल-हश्र 5
सूरा अल-हश्र आयत 5 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : (मोमिनों) खजूर का दरख्त जो तुमने काट डाला या जूँ…सूरा आयत 5/24 — अल-हश्र الحشر (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-हश्र सुनें, अल-हश्र अनुवाद, अल-हश्र mp3, अल-हश्र pdf. आयत 3–7. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए








