Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- السَّاعَةِ: क़ियामत, वह घड़ी जिसमें सब मरकर जी उठेंगे।
- أَيَّانَ: कब, किस समय।
- مُرْسَاهَا: उसका स्थापित होने का समय, यानी वह वक़्त जब वह क़ायम होगी।
- لَا يُجَلِّيهَا: उसे प्रकट नहीं करता।
- ثَقُلَتْ: भारी हो गई, यानी उसका इल्म छिपा और दुर्गम है।
- بَغْتَةً: अचानक, बिना किसी पूर्व सूचना के।
- حَفِيٌّ: पूछने वाला, जो बार-बार पूछकर जानने का प्रयास करे।
तफ़सीर (व्याख्या):
ऐ नबी! ये लोग आपसे क़ियामत के बारे में पूछते हैं कि वह कब आएगी और उसका वक़्त क्या है? आप उन्हें जवाब दें कि इसका इल्म सिर्फ़ मेरे रब के पास है। उसे उसके मुक़र्रर वक़्त पर सिर्फ़ अल्लाह ही ज़ाहिर करेगा। यह बात इतनी छिपी और भारी है कि आसमानों और ज़मीन वालों पर भी उसका इल्म मुश्किल है। यानी न किसी फ़रिश्ते को, न किसी नबी को उसका वक़्त मालूम है। वह घड़ी तुम्हारे पास अचानक ही आएगी, बिना किसी आगाही के। ये लोग आपसे ऐसे पूछते हैं जैसे आप उसके बारे में बहुत ज़्यादा जानने वाले हों और आपने उसके बारे में खूब पूछताछ की हो। आप उनसे कह दें कि इसका इल्म सिर्फ़ अल्लाह के पास है। लेकिन अक्सर लोग यह नहीं जानते कि यह इल्म सिर्फ़ अल्लाह ही को है, और वे इस बात को समझते नहीं।
फ़ायदे (उपदेश):
- यह आयत हमें सिखाती है कि क़ियामत का इल्म सिर्फ़ अल्लाह को है, इसलिए हमें उस वक़्त की फ़िक्र में पड़ने के बजाय अपने आमाल (कर्मों) को सुधारना चाहिए।
- यह हमारे ईमान को मज़बूत करती है कि अल्लाह ही हर चीज़ का इल्म रखता है, और उसकी क़ुदरत से ही सब कुछ वक़्त पर होता है।
- क़ियामत का अचानक आना हमें यह सबक़ देता है कि हमें हर वक़्त नेकी पर अमल करना चाहिए और गुनाहों से बचना चाहिए, क्योंकि हमें मालूम नहीं कि वह घड़ी कब आ जाए।
- यह आयत हमें अल्लाह के सामने अपनी इन्क़ियादी (समर्पण) का सबक़ देती है कि जो चीज़ अल्लाह ने छिपा रखी है, उसके बारे में बेकार की तफ़तीश (खोज) न करें, बल्कि उस पर भरोसा रखें।
📜 आयत 185-189 — सूरा अल-आराफ
अनुवाद — अल-आराफ 187
सूरा अल-आराफ आयत 187 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : (ऐ रसूल) तुमसे लोग क़यामत के बारे में पूछा करते…सूरा आयत 187/206 — सूरा अल-आराफ الأعراف (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-आराफ सुनें, सूरा अल-आराफ अनुवाद, सूरा अल-आराफ mp3, सूरा अल-आराफ pdf. आयत 185–189. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Friday, October 2, 2026
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