अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- ख़ुलफ़ा: उत्तराधिकारी, पीढ़ी दर पीढ़ी एक के बाद एक आने वाले।
- बव्वा-अकुम: तुम्हें जगह दी, बसाया, अधिकार दिया।
- सुहूलिहा: उसके मैदान, समतल भूमि।
- क़ुसूर: महल, ऊँची इमारतें।
- तन्हितून: तराशते हो, काटते हो।
- आला-अल्लाह: अल्लाह की नेमतें, अनगिनत उपकार।
- ता'सौ: फसाद फैलाना, ज़मीन में बिगाड़ पैदा करना।
तफ़सीर (व्याख्या):
अल्लाह तआला अपने बंदों को उनकी नेमतें याद दिलाता है, ताकि उनके दिल शुक्र से भर जाएँ और वे अपने रब की तरफ झुकें। यह ख़िताब क़ौमे-समूद से है, जिन्हें आद की क़ौम के बाद ज़मीन का उत्तराधिकारी बनाया गया। आद की क़ौम अपनी ताकत और सरकशी की वजह से हलाक हुई, और अल्लाह ने समूद को उनकी जगह दी। उन्हें ज़मीन में ऐसा मकाम दिया गया कि वे मैदानों में ऊँचे-ऊँचे महल बनाते थे और पहाड़ों को काटकर उसमें घर तराशते थे। यह उनकी तरक्की, ताकत और सभ्यता की निशानी थी, लेकिन यह सब अल्लाह की देन थी।
अल्लाह उनसे कहता है: "मेरी नेमतों को याद करो, उन पर शुक्र अदा करो, और ज़मीन में फसाद न फैलाओ।" यानी जो ताकत और सामर्थ्य तुम्हें दी गई है, उसका इस्तेमाल अल्लाह की इताअत में करो, न कि उसकी नाफ़रमानी में। फसाद फैलाने से मुराद अल्लाह के साथ कुफ्र करना, उसके हुक्मों की खिलाफ़वर्ज़ी करना और लोगों के साथ ज़ुल्म करना है। यह आयत हमें सिखाती है कि जब अल्लाह हमें नेमतें देता है, तो हमें उनका सही इस्तेमाल करना चाहिए और अपनी ताकत को ग़ुरूर में नहीं बदलना चाहिए।
दावती पहलू (प्रेरणादायक संदेश):
यह आयत हर उस इंसान के लिए एक जागृति है जो तरक्की और सुख-सुविधाओं में डूबा हुआ है। अल्लाह हमें याद दिलाता है कि यह सब कुछ उसकी बख्शिश है, हमारी अपनी काबिलियत का करिश्मा नहीं। जब हम अपने घरों, नौकरियों, सेहत और परिवार को देखें, तो समझें कि यह अल्लाह की मेहरबानी है। यही एहसास हमें शुक्रगुज़ार बनाता है और शुक्र अदा करने का तरीक़ा यह है कि हम अल्लाह की इताअत करें, उसके बताए रास्ते पर चलें और ज़मीन में भलाई फैलाएँ। फसाद, ज़ुल्म, रिश्वत, झूठ और नाफ़रमानी से बचें। याद रखें, जो क़ौमें अल्लाह की नेमतों को भूलकर फसाद में लग गईं, वे हलाक हुईं। इसलिए हमें चाहिए कि हम अल्लाह के शुक्रगुज़ार बंदे बनें और अपनी ज़िंदगी को उसकी रज़ा के मुताबिक़ ढालें। अल्लाह हमें यह तौफ़ीक़ दे। आमीन।
📜 आयत 72-76 — अल-आराफ
अनुवाद — अल-आराफ 74
सूरा अल-आराफ आयत 74 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और वह वक्त याद करो जब उसने तुमको क़ौम आद…सूरा आयत 74/206 — अल-आराफ الأعراف (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-आराफ सुनें, अल-आराफ अनुवाद, अल-आराफ mp3, अल-आराफ pdf. आयत 72–76. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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