अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- نَذِيرٌ (नज़ीर) — डराने वाला, सचेत करने वाला।
- مُبِينٌ (मुबीन) — स्पष्ट, खुला हुआ, जिसमें कोई अस्पष्टता न हो।
तफ़सीर (व्याख्या):
हज़रत नूह (अलैहिस्सलाम) ने अपनी क़ौम को सम्बोधित करते हुए कहा: "ऐ मेरी क़ौम के लोगो! मैं तुम्हारे लिए एक स्पष्ट चेतावनी देने वाला हूँ।" यानी मैं कोई रहस्यमयी या अस्पष्ट बात नहीं कह रहा, बल्कि मैं अल्लाह का भेजा हुआ रसूल हूँ और मेरा काम यह है कि तुम्हें उस अज़ाब से डराऊँ जो तुम्हारे सिर पर मंडरा रहा है, अगर तुम अपनी शिर्क और नाफ़रमानी से तौबा नहीं करोगे।
मेरी चेतावनी बिल्कुल साफ़ और स्पष्ट है — इसमें कोई धोखा नहीं, कोई मिलावट नहीं। मैं तुम्हें बता रहा हूँ कि अल्लाह की इबादत करो, उसके साथ किसी को शरीक न करो, और मेरी बात मानो। अगर तुमने ऐसा किया तो अल्लाह तुम्हारे गुनाह माफ़ कर देगा और तुम्हें लंबी उम्र देगा। लेकिन अगर तुमने इनकार किया, तो तुम पर एक ऐसा अज़ाब आएगा जिसे कोई टाल नहीं सकता।
यह चेतावनी केवल डराने के लिए नहीं थी, बल्कि इसके पीछे अल्लाह की रहमत और मेहरबानी थी। अल्लाह तआला ने हर ज़माने में अपने नबियों को भेजा ताकि लोगों को अंधेरे से निकालकर रोशनी की तरफ लाएँ। हज़रत नूह (अलैहिस्सलाम) की यह पुकार सिर्फ उनकी क़ौम के लिए नहीं थी, बल्कि हर उस इंसान के लिए एक सबक़ है जो अल्लाह के रसूलों की बातों को सुनकर भी अनसुना कर देता है।
प्यारे भाइयों और बहनों! यह आयत हमें सिखाती है कि अल्लाह के नबी अपनी क़ौम के लिए सबसे ज़्यादा शफ़ीक़ (मेहरबान) होते हैं। वे चाहते हैं कि लोग जहन्नुम की आग से बच जाएँ और जन्नत की नेमतें हासिल करें। इसलिए हमें चाहिए कि जब भी हमें अल्लाह का पैग़ाम पहुँचे, तो हम उसे खुले दिल से क़बूल करें और अपनी ज़िंदगी को अल्लाह की रज़ा के मुताबिक ढालें। याद रखें, अल्लाह की रहमत उन लोगों के लिए है जो उसकी तरफ रुजू करते हैं, और उसका अज़ाब उनके लिए है जो उसकी नाफ़रमानी पर अड़े रहते हैं।
📜 आयत 1-4 — नूह
अनुवाद — नूह 2
सूरा नूह आयत 2 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : तो नूह (अपनी क़ौम से) कहने लगे ऐ मेरी क़ौम…सूरा आयत 2/28 — नूह نوح (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: नूह सुनें, नूह अनुवाद, नूह mp3, नूह pdf. आयत 1–4. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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