अल-मुद्दस्सिर · 36/56
अनुवाद उच्चारण — अल-मुद्दस्सिर
نَذِيرًا لِّلْبَشَرِ ۝٣٦
Nazeeral lilbashar
📖 हिंदी अर्थ
(और) लोगों के डराने वाली है
📜

अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • नज़ीरन: डराने वाला, सचेत करने वाला, चेतावनी देने वाला।
  • लिल्बशर: सभी इंसानों के लिए, पूरी मानव जाति के लिए।

तफ़सीर (व्याख्या):

इस आयत में अल्लाह तआला फ़रमाता है कि वह (जहन्नम की आग) सभी इंसानों के लिए एक चेतावनी और डराने वाली चीज़ है। यानी अल्लाह ने यह आग इसलिए पैदा की और उसका ज़िक्र क़ुरआन में इसलिए किया ताकि लोग उससे डरें, अपने गुनाहों से तौबा करें और अल्लाह की इताअत (आज्ञाकारिता) की तरफ रुजू करें। यह आग कयामत के दिन उन लोगों के लिए है जो अल्लाह के रसूल (ﷺ) को झुठलाते हैं और उनके लाए हुए दीन को क़बूल नहीं करते।

यह आयत उन लोगों के जवाब में है जो कहते थे कि यह (क़ुरआन) सिर्फ जादू है या इंसान का कलाम है। अल्लाह तआला फ़रमाता है कि यह आग एक बहुत बड़ी चीज़ है, और उसे इसलिए बयान किया गया है ताकि वह हर उस इंसान के लिए खुली हुई चेतावनी हो जो उसे देखना या समझना चाहता है। जो आगे बढ़ना चाहे (यानी नेकी करके अल्लाह की रज़ा हासिल करना चाहे) या पीछे हटना चाहे (यानी गुनाहों में मुब्तला रहना चाहे), उसके लिए यह चेतावनी काफी है।

दावती पहलू:

यह आयत हमें बताती है कि अल्लाह तआला ने अपने बंदों पर कितना बड़ा एहसान किया है कि उन्हें आग से डराया, ताकि वे उसमें गिरने से बचें। यह अल्लाह की रहमत है कि उसने पहले से चेतावनी दे दी, वरना अचानक अज़ाब आ जाता तो कोई बचाव न होता। इसलिए हमें चाहिए कि इस चेतावनी को गंभीरता से लें, अपनी ज़िंदगी को सुधारें, नमाज़ क़ायम करें, गुनाहों से बचें और अल्लाह के रसूल (ﷺ) की सुन्नत पर चलें। याद रखें, अल्लाह की रहमत उसके अज़ाब से कहीं ज़्यादा वसीअ है, और जो लोग दुनिया में ही संभल जाएं, उनके लिए जन्नत की खुशखबरी है। यह चेतावनी सिर्फ डराने के लिए नहीं, बल्कि हिदायत और नजात (मुक्ति) के लिए है।

🎧 सुनें

📜 आयत 34-38 — अल-मुद्दस्सिर

34وَالصُّبْحِ إِذَا أَسْفَرَ
और सुबह की जब रौशन हो जाए
35إِنَّهَا لَإِحْدَى الْكُبَرِ
कि वह (जहन्नुम) भी एक बहुत बड़ी (आफ़त) है
36نَذِيرًا لِّلْبَشَرِ
(और) लोगों के डराने वाली है
37لِمَن شَاءَ مِنكُمْ أَن يَتَقَدَّمَ أَوْ يَتَأَخَّرَ
(सबके लिए नहीें बल्कि) तुममें से वह जो शख़्श (नेकी की तरफ़) आगे बढ़ना
38كُلُّ نَفْسٍ بِمَا كَسَبَتْ رَهِينَةٌ
और (बुराई से) पीछे हटना चाहे हर शख़्श अपने आमाल के बदले गिर्द है
अल-मुद्दस्सिरकुरान सूची
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36आयत

अनुवाद — अल-मुद्दस्सिर 36

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Tuesday, August 18, 2026

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