अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- नज़ीरन: डराने वाला, सचेत करने वाला, चेतावनी देने वाला।
- लिल्बशर: सभी इंसानों के लिए, पूरी मानव जाति के लिए।
तफ़सीर (व्याख्या):
इस आयत में अल्लाह तआला फ़रमाता है कि वह (जहन्नम की आग) सभी इंसानों के लिए एक चेतावनी और डराने वाली चीज़ है। यानी अल्लाह ने यह आग इसलिए पैदा की और उसका ज़िक्र क़ुरआन में इसलिए किया ताकि लोग उससे डरें, अपने गुनाहों से तौबा करें और अल्लाह की इताअत (आज्ञाकारिता) की तरफ रुजू करें। यह आग कयामत के दिन उन लोगों के लिए है जो अल्लाह के रसूल (ﷺ) को झुठलाते हैं और उनके लाए हुए दीन को क़बूल नहीं करते।
यह आयत उन लोगों के जवाब में है जो कहते थे कि यह (क़ुरआन) सिर्फ जादू है या इंसान का कलाम है। अल्लाह तआला फ़रमाता है कि यह आग एक बहुत बड़ी चीज़ है, और उसे इसलिए बयान किया गया है ताकि वह हर उस इंसान के लिए खुली हुई चेतावनी हो जो उसे देखना या समझना चाहता है। जो आगे बढ़ना चाहे (यानी नेकी करके अल्लाह की रज़ा हासिल करना चाहे) या पीछे हटना चाहे (यानी गुनाहों में मुब्तला रहना चाहे), उसके लिए यह चेतावनी काफी है।
दावती पहलू:
यह आयत हमें बताती है कि अल्लाह तआला ने अपने बंदों पर कितना बड़ा एहसान किया है कि उन्हें आग से डराया, ताकि वे उसमें गिरने से बचें। यह अल्लाह की रहमत है कि उसने पहले से चेतावनी दे दी, वरना अचानक अज़ाब आ जाता तो कोई बचाव न होता। इसलिए हमें चाहिए कि इस चेतावनी को गंभीरता से लें, अपनी ज़िंदगी को सुधारें, नमाज़ क़ायम करें, गुनाहों से बचें और अल्लाह के रसूल (ﷺ) की सुन्नत पर चलें। याद रखें, अल्लाह की रहमत उसके अज़ाब से कहीं ज़्यादा वसीअ है, और जो लोग दुनिया में ही संभल जाएं, उनके लिए जन्नत की खुशखबरी है। यह चेतावनी सिर्फ डराने के लिए नहीं, बल्कि हिदायत और नजात (मुक्ति) के लिए है।
📜 आयत 34-38 — अल-मुद्दस्सिर
अनुवाद — अल-मुद्दस्सिर 36
सूरा अल-मुद्दस्सिर आयत 36 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : (और) लोगों के डराने वाली हैसूरा आयत 36/56 — अल-मुद्दस्सिर المدثر (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-मुद्दस्सिर सुनें, अल-मुद्दस्सिर अनुवाद, अल-मुद्दस्सिर mp3, अल-मुद्दस्सिर pdf. आयत 34–38. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए








