Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- فَاسْجُدْ لَهُ: उसके लिए सजदा करो, अर्थात नमाज़ पढ़ो और उसके आगे झुको।
- وَسَبِّحْهُ: उसकी तस्बीह (पवित्रता का वर्णन) करो, अर्थात नमाज़ और ज़िक्र के माध्यम से उसे याद करो।
- لَيْلًا طَوِيلًا: लंबी रात, यानी रात का अधिकांश हिस्सा।
तफसीर (व्याख्या):
अल्लाह तआला अपने नबी ﷺ और अपने मोमिन बंदों को निर्देश देता है कि दिन के कामों के बाद रात के समय भी उसकी इबादत करो। रात के कुछ हिस्से में उसके लिए सजदा करो, यानी मग़रिब और इशा की नमाज़ पढ़ो, और फिर रात के लंबे हिस्से में तहज्जुद की नमाज़ पढ़ो और उसकी तस्बीह करो। यह वह समय है जब दुनिया के शोर-शराबे से अलग होकर इंसान अपने रब से अकेले में मुनाजात करता है, और यह इबादत दिल को सुकून देती है, ईमान को मज़बूत करती है और इंसान को अल्लाह के करीब लाती है।
रात की नमाज़ (तहज्जुद) एक बहुत बड़ी नेमत है। यह गुनाहों का कफ्फारा (प्रायश्चित) है, दिल को रौशन करती है, और इंसान को दुनिया की मुश्किलों से निजात दिलाती है। अल्लाह ने इस आयत में रात के लंबे हिस्से का ज़िक्र किया है, जिसका मतलब है कि जितना हो सके रात में इबादत करो—चाहे आधी रात हो, तिहाई रात हो, या दो-तिहाई—हर मुसलमान अपनी हैसियत और हालत के मुताबिक इस नेकी में हिस्सा ले।
यह आयत हमें सिखाती है कि जीवन सिर्फ दुनिया के कामों में नहीं गुज़ारना चाहिए, बल्कि रात का कुछ हिस्सा अल्लाह की इबादत के लिए खास करना चाहिए। जो बंदा रात में उठकर अल्लाह के आगे सजदा करता है, अल्लाह उस पर फख्र करता है और उसे वो दर्जे देता है जो दिन की इबादत से नहीं मिलते। यही वह रास्ता है जो इंसान को जन्नत तक पहुंचाता है और उसे अल्लाह की मोहब्बत का हक़ीकी जायका देता है।
इसलिए, प्यारे मुसलमान भाइयों और बहनों! आइए, हम अपनी रातों को अल्लाह की इबादत से रौशन करें, तहज्जुद की नमाज़ पढ़ें, और उसकी तस्बीह करें। यही वह अमल है जो हमें दुनिया और आखिरत दोनों में कामयाबी देगा। अल्लाह हम सबको इस तौफीक अता करे। आमीन।
📜 आयत 24-28 — सूरा अल-इंसान
अनुवाद — अल-इंसान 26
सूरा अल-इंसान आयत 26 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और कुछ रात गए उसका सजदा करो और बड़ी रात…सूरा आयत 26/31 — सूरा अल-इंसान الإنسان (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-इंसान सुनें, सूरा अल-इंसान अनुवाद, सूरा अल-इंसान mp3, सूरा अल-इंसान pdf. आयत 24–28. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा अल-इंसान
पवित्र क़ुरआन
Thursday, October 1, 2026
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