Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- لِيَوْمِ الْفَصْلِ: उस दिन के लिए जो सृष्टि के बीच न्याय और फ़ैसले का दिन है, जिसमें सत्य और असत्य, नेक और बदकार सब अलग कर दिए जाएँगे।
तफ़सीर:
जब आसमान फट जाएगा, सितारों की रोशनी बुझ जाएगी, पहाड़ उड़कर धूल बन जाएँगे, और रसूलों (अलैहिमुस्सलाम) के लिए एक निश्चित समय निर्धारित किया जाएगा — तो कहा जाएगा: "यह सब किस दिन के लिए टाला गया?" तो उत्तर होगा: उस दिन के लिए जो फ़ैसले का दिन है, यानी क़यामत का वह दिन जब अल्लाह तआला अपने बंदों के बीच पूरे न्याय के साथ फ़ैसला करेगा। उस दिन हर अच्छे और बुरे काम को तोला जाएगा, हक़ बातिल से अलग होगा, नेक लोग जन्नत की तरफ़ और बुरे लोग जहन्नम की तरफ़ भेजे जाएँगे। यह वह दिन है जिसकी हर मख़लूक़ को ज़रूरत है, क्योंकि इसी दिन ज़ालिम से मज़लूम का हक़ लिया जाएगा और हर इंसान को उसके अमल का पूरा बदला मिलेगा।
और आप (ऐ इंसान!) क्या जानते हो कि वह फ़ैसले का दिन कितना भयानक और सख़्त होगा? उस दिन की हौलनाकी का अंदाज़ा लगाना मुश्किल है। उस दिन उन लोगों के लिए बड़ी तबाही और विनाश है जिन्होंने इस दिन को झुठलाया और उस पर ईमान नहीं लाए।
दावती पहलू:
यह आयत हमें बताती है कि यह दुनिया आख़िरी मंज़िल नहीं है, बल्कि एक इम्तिहान की जगह है। जो लोग अल्लाह के हुक्मों पर चलते हैं और रसूलों (अलैहिमुस्सलाम) की शिक्षाओं को अपनाते हैं, उनके लिए उस दिन कामयाबी और खुशी है। यह दिन हमें याद दिलाता है कि हम अपनी ज़िंदगी को ग़ौर से देखें — क्या हम ऐसे काम कर रहे हैं जो उस दिन हमारे लिए रोशनी बनेंगे, या ऐसे काम जो हमें शर्मिंदा कर देंगे? अल्लाह तआला ने यह दिन इसलिए मुक़र्रर किया है ताकि इंसाफ़ पूरा हो और हर अच्छाई को उसका अज्र मिले। यह अल्लाह की रहमत का सबूत है कि उसने हमें मौक़ा दिया है कि हम तौबा करें, नेक काम करें और उस दिन के लिए तैयारी करें। आओ, हम अपने रब की इबादत करें, उसके रसूल (ﷺ) की सुन्नत पर चलें, और उस दिन की मुश्किलों से बचने की कोशिश करें — क्योंकि जो लोग उस दिन पर ईमान रखते हैं और अच्छे काम करते हैं, उनके लिए अल्लाह ने जन्नत और खुशी तैयार की है।
📜 आयत 11-15 — सूरा अल-मुरसलात
अनुवाद — अल-मुरसलात 13
सूरा अल-मुरसलात आयत 13 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : फ़ैसले के दिन के लिएसूरा आयत 13/50 — सूरा अल-मुरसलात المرسلات (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-मुरसलात सुनें, सूरा अल-मुरसलात अनुवाद, सूरा अल-मुरसलात mp3, सूरा अल-मुरसलात pdf. आयत 11–15. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा अल-मुरसलात
पवित्र क़ुरआन
Thursday, October 1, 2026
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