अल-बुरूज · 17/22
अनुवाद उच्चारण — सूरा अल-बुरूज
هَلْ أَتَاكَ حَدِيثُ الْجُنُودِ ۝١٧
Hal ataaka hadeesul junood
📖 हिंदी अर्थ
क्या तुम्हारे पास लशकरों की ख़बर पहुँची है

M Mishary Rashid Alafasy ✓
M Mahmoud Khalil Al-Husary ✓
A Abdurrahman As-Sudais ✓
M Mohamed Siddiq Al-Minshawi ✓
A Abdul Basit Abdul Samad ✓
A Ali Al-Hudhaify ✓
A Ahmed ibn Ali al-Ajamy ✓
A Abu Bakr Ash-Shaatree ✓
M Muhammad Ayyoub ✓
A Abdullah Basfar ✓
A Abdullah Al-Juhani ✓
M Maher Al Muaiqly ✓
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अनुवाद — Tafsir

शब्दार्थ:

  • हदीस – समाचार, वृत्तांत
  • जुनूद – सेनाएँ, विशाल समूह (यहाँ अर्थ है वे काफ़िर समुदाय जो अपने नबियों के विरुद्ध एकत्र हुए थे)

व्याख्या:

ऐ नबी! क्या तुम्हें उन विशाल सेनाओं और समूहों का समाचार नहीं पहुँचा है, जो सत्य का विरोध करने और उसे मिटाने के लिए एकत्र हुई थीं? यह प्रश्न के रूप में एक महत्वपूर्ण सत्य की ओर संकेत करता है कि यह घटना इतनी प्रसिद्ध और शिक्षाप्रद है कि इसका ज़िक्र अवश्य ही तुम तक पहुँचा होगा। ये वे काफ़िर समूह थे जिन्होंने अपने-अपने नबियों को झुठलाया और उनका विरोध किया, जिनमें फ़िरऔन और समूद की क़ौमें प्रमुख हैं। उन्होंने अपनी ताक़त और सैन्य शक्ति पर घमंड किया, लेकिन अल्लाह ने उन्हें ऐसी यातना में पकड़ा जिससे वे बच न सके। यह उन लोगों के लिए एक बड़ी सीख है जो आज भी सत्य का विरोध करते हैं और नबियों के संदेश को झुठलाते हैं। अल्लाह तआला ने उन सबको अपने ज्ञान और शक्ति से घेर रखा है, उनकी कोई चाल उससे छिपी नहीं है। यह क़ुरआन, जिसे ये मुनकिरीन जादू और कविता कहते हैं, वास्तव में एक महान और सम्मानित किताब है, जो लौह-ए-महफ़ूज़ में सुरक्षित है, जिसमें कोई परिवर्तन या विकृति नहीं आ सकती। यह उन सबके लिए एक चेतावनी है कि अल्लाह का दीन सदैव विजयी रहेगा, चाहे विरोधी कितनी भी ताक़त क्यों न जुटा लें। इस आयत से हमें यह सबक मिलता है कि सत्य के मार्ग पर चलने वालों को कभी निराश नहीं होना चाहिए, क्योंकि अल्लाह की मदद उनके साथ है, और अत्याचारी समूह चाहे कितने भी शक्तिशाली क्यों न हों, अंततः उनका विनाश निश्चित है। यह हमारे लिए धैर्य और दृढ़ता का पाठ है कि हम अपने ईमान पर स्थिर रहें और अल्लाह पर भरोसा रखें, क्योंकि अल्लाह का वादा सत्य है और उसकी मदद निकट है।



📜 आयत 15-19 — सूरा अल-बुरूज

15ذُو الْعَرْشِ الْمَجِيدُ
अर्श का मालिक बड़ा आलीशान है
16فَعَّالٌ لِّمَا يُرِيدُ
जो चाहता है करता है
17هَلْ أَتَاكَ حَدِيثُ الْجُنُودِ
क्या तुम्हारे पास लशकरों की ख़बर पहुँची है
18فِرْعَوْنَ وَثَمُودَ
(यानि) फिरऔन व समूद की (ज़रूर पहुँची है)
19بَلِ الَّذِينَ كَفَرُوا فِي تَكْذِيبٍ
मगर कुफ्फ़ार तो झुठलाने ही (की फ़िक्र) में हैं
अल-बुरूजकुरान सूची
22आयत
मक्कीअवतरण स्थान
17आयत

अनुवाद — अल-बुरूज 17

सूरा अल-बुरूज आयत 17 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : क्या तुम्हारे पास लशकरों की ख़बर पहुँची है

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Monday, September 28, 2026

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