अल-बुरूज · 18/22
अनुवाद उच्चारण — सूरा अल-बुरूज
فِرْعَوْنَ وَثَمُودَ ۝١٨
Fir`awna wa Samood
📖 हिंदी अर्थ
(यानि) फिरऔन व समूद की (ज़रूर पहुँची है)

M Mishary Rashid Alafasy ✓
M Mahmoud Khalil Al-Husary ✓
A Abdurrahman As-Sudais ✓
M Mohamed Siddiq Al-Minshawi ✓
A Abdul Basit Abdul Samad ✓
A Ali Al-Hudhaify ✓
A Ahmed ibn Ali al-Ajamy ✓
A Abu Bakr Ash-Shaatree ✓
M Muhammad Ayyoub ✓
A Abdullah Basfar ✓
A Abdullah Al-Juhani ✓
M Maher Al Muaiqly ✓
0:00
0:00
📜

अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • फ़िरऔन: मिस्र का वह ज़ालिम बादशाह जिसने अल्लाह की रिसालत को झुठलाया और मूसा (अलैहिस्सलाम) की दावत को ठुकरा दिया।
  • समूद: नबी सालेह (अलैहिस्सलाम) की क़ौम, जो पत्थरों को तराश कर घर बनाती थी और अपनी ताक़त पर इतराती थी।

तफ़सीर:

अल्लाह तआला ने पिछली आयत में उन जमातों का ज़िक्र किया था जिन्होंने अपने नबियों को झुठलाया और अल्लाह के अज़ाब का शिकार हुईं। अब इस आयत में उनमें से दो मशहूर क़ौमों का नाम लेकर उनकी तरफ़ इशारा किया गया है — फ़िरऔन और समूद। फ़िरऔन ने हज़रत मूसा (अलैहिस्सलाम) को झुठलाया और अल्लाह की आयतों का मुक़ाबला किया, तो अल्लाह ने उसे और उसके लश्कर को समुंदर में ग़रक़ कर दिया। समूद क़ौम ने हज़रत सालेह (अलैहिस्सलाम) को झुठलाया और अल्लाह के मुक़ाबले में सरकशी की, तो उन पर बड़ा ज़बरदस्त अज़ाब आया और वे अपने घरों में उलटे पड़े रह गए।

यह ज़िक्र क़ुरैश के काफ़िरों को नसीहत के तौर पर किया गया है कि ये अकेले नहीं हैं जो रिसालत को झुठला रहे हैं, बल्कि उनसे पहले भी ऐसे लोग गुज़र चुके हैं जो ताक़त और सरकशी में इनसे कहीं बढ़े हुए थे, मगर अल्लाह की पकड़ से बच न सके। अल्लाह तआला ने अपने नबी (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) को तसल्ली दी कि ये काफ़िर जिस तरह पहले की उम्मतों की तरह हठ और इंकार पर अड़े हैं, उनका अंजाम भी वैसा ही होगा। अल्लाह की क़ुदरत और उसका इल्म हर चीज़ को घेरे हुए है, और वह अपने वादे को पूरा करके रहेगा।

इस आयत में हमारे लिए बड़ी नसीहत है कि हम उन लोगों के अंजाम से सबक़ लें जिन्होंने अल्लाह के रसूलों की नाफ़रमानी की। अल्लाह तआला की पकड़ बहुत सख़्त है, और उसका अज़ाब किसी भी ज़ालिम को नहीं छोड़ता। हमें चाहिए कि हम अपने नबी (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) की सुन्नत पर चलें, और उन लोगों की तरह न बनें जिन्होंने हक़ को झुठलाया और अल्लाह के अज़ाब को बुलावा दिया। अल्लाह तआला अपने नेक बंदों को दुनिया और आख़िरत में कामयाबी अता फ़रमाता है, और अपने दुश्मनों को रुसवा करके रहता है।



📜 आयत 16-20 — सूरा अल-बुरूज

16فَعَّالٌ لِّمَا يُرِيدُ
जो चाहता है करता है
17هَلْ أَتَاكَ حَدِيثُ الْجُنُودِ
क्या तुम्हारे पास लशकरों की ख़बर पहुँची है
18فِرْعَوْنَ وَثَمُودَ
(यानि) फिरऔन व समूद की (ज़रूर पहुँची है)
19بَلِ الَّذِينَ كَفَرُوا فِي تَكْذِيبٍ
मगर कुफ्फ़ार तो झुठलाने ही (की फ़िक्र) में हैं
20وَاللَّهُ مِن وَرَائِهِم مُّحِيطٌ
और ख़ुदा उनको पीछे से घेरे हुए है (ये झुठलाने के क़ाबिल नहीं)
अल-बुरूजकुरान सूची
22आयत
मक्कीअवतरण स्थान
18आयत

अनुवाद — अल-बुरूज 18

सूरा अल-बुरूज आयत 18 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : (यानि) फिरऔन व समूद की (ज़रूर पहुँची है)

सूरा आयत 18/22 — सूरा अल-बुरूज البروج (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-बुरूज सुनें, सूरा अल-बुरूज अनुवाद, सूरा अल-बुरूज mp3, सूरा अल-बुरूज pdf. आयत 16–20. हिंदी अर्थ: اردو.





पवित्र क़ुरआन


Thursday, October 1, 2026

अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए