अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- الْهُدَىٰ (अल-हुदा): मार्गदर्शन, सत्य का रास्ता दिखाने वाला। यहाँ इसका अर्थ कुरआन और उसमें निहित एकेश्वरवाद (तौहीद) की शिक्षाएँ हैं।
- دِينِ الْحَقِّ (दीनिल हक़): सत्य धर्म, अर्थात इस्लाम।
- لِيُظْهِرَهُ (लियुज़्हिरहु): उसे प्रभावी और विजयी बनाने के लिए, उसे ऊपर उठाने के लिए।
- الدِّينِ كُلِّهِ (अद-दीन कुल्लिही): सभी धर्मों पर।
तफ़सीर (व्याख्या):
अल्लाह तआला ही वह है जिसने अपने रसूल मुहम्मद ﷺ को सत्य मार्गदर्शन (कुरआन) और सत्य धर्म (इस्लाम) के साथ भेजा। इसका उद्देश्य यह है कि इस धर्म को सभी धर्मों पर प्रभुत्व और विजय प्राप्त हो। अल्लाह ने यह वादा किया है कि वह इस धर्म को पूरे विश्व में फैलाएगा और उसे हर युग में सर्वोच्च बनाए रखेगा। यह विजय तर्कों, प्रमाणों और न्यायपूर्ण शिक्षाओं के माध्यम से होगी, जो सत्य को स्पष्ट कर देगी। चाहे मुशरिक (बहुदेववादी) इसे कितना भी नापसंद करें और इसके विरोध में अपनी पूरी ताकत लगा दें, अल्लाह की योजना अवश्य पूरी होगी। इस्लाम का प्रकाश कभी बुझने वाला नहीं, क्योंकि यह अल्लाह का वादा है और अल्लाह का वादा सत्य है।
फ़ायदे (लाभ और शिक्षाएँ):
- अल्लाह पर भरोसा: यह आयत मुसलमानों को सिखाती है कि सत्य की विजय अल्लाह के हाथ में है। चाहे परिस्थितियाँ कैसी भी हों, अल्लाह का वादा अवश्य पूरा होगा। इससे मोमिन के दिल में अल्लाह पर अटूट विश्वास पैदा होता है।
- इस्लाम की सर्वोच्चता: यह आयत बताती है कि इस्लाम एक ऐसा धर्म है जो सत्य, न्याय और मानव कल्याण पर आधारित है। इसकी शिक्षाएँ हर युग और हर स्थान के लिए उपयुक्त हैं, इसलिए यह सभी धर्मों पर प्रभावी रहेगा।
- कठिनाइयों में धैर्य: जब मुसलमानों को विरोध और कठिनाइयों का सामना करना पड़े, तो यह आयत उन्हें धैर्य और साहस प्रदान करती है। वे जानते हैं कि अल्लाह का समर्थन उनके साथ है।
- सत्य का प्रचार: यह आयत मुसलमानों को प्रेरित करती है कि वे सत्य और न्याय के प्रचार में कोई कसर न छोड़ें, भले ही लोग नापसंद करें। सत्य को बोलना और फैलाना ही मोमिन का कर्तव्य है।
- आशा और उत्साह: यह आयत मुसलमानों को यह आशा देती है कि अंततः सत्य की ही जीत होगी। यह उन्हें निराशा से बचाती है और उनके जज़्बे को बुलंद करती है।
📜 आयत 31-35 — अत-तौबा
अनुवाद — अत-तौबा 33
सूरा अत-तौबा आयत 33 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : अगरचे कुफ्फ़ार बुरा माना करें वही तो (वह ख़ुदा) है…सूरा आयत 33/129 — अत-तौबा التوبة (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अत-तौबा सुनें, अत-तौबा अनुवाद, अत-तौबा mp3, अत-तौबा pdf. आयत 31–35. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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