अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- يَسْتَأْذِنُكَ: आपसे अनुमति माँगते हैं।
- وَارْتَابَتْ: संदेह में पड़ गए।
- يَتَرَدَّدُونَ: भटकते रहते हैं, हिचकिचाते हैं।
व्याख्या:
हे नबी! आपसे जिहाद से बचने के लिए अनुमति माँगने वाले वास्तव में वही लोग हैं जो अल्लाह और आख़िरत के दिन पर ईमान नहीं रखते। उनके दिलों में आपके द्वारा लाए गए इस्लाम और उसकी शिक्षाओं की सच्चाई के बारे में गहरा संदेह पैदा हो चुका है। वे न तो अल्लाह पर भरोसा रखते हैं, न ही उसके इनाम और अज़ाब की परवाह करते हैं। इसीलिए वे जिहाद के कठिन कार्य से भागते हैं और अनुमति माँगते हैं। ये लोग अपने इसी संदेह और शक की स्थिति में डगमगाते रहते हैं—कभी ईमान की तरफ झुकते हैं, कभी कुफ्र की तरफ—और कभी सीधे रास्ते पर स्थिर नहीं हो पाते। उनका यह व्यवहार उनके दिलों की बीमारी और निष्ठाहीनता को स्पष्ट करता है।
लाभ एवं शिक्षाएँ:
- यह आयत हमें सिखाती है कि ईमान और अच्छे कर्म आपस में जुड़े हुए हैं। जिसके दिल में सच्चा ईमान होता है, वह अल्लाह के कामों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेता है और कठिनाइयों से नहीं भागता।
- संदेह और शक की स्थिति इंसान को हिचकिचाहट और बेचैनी में डाल देती है, जबकि ईमान इंसान को स्थिरता, सुकून और साहस प्रदान करता है।
- इस आयत से हमें यह सीख मिलती है कि हमें अपने दिलों को संदेह से पाक रखना चाहिए और अल्लाह की राह में किए जाने वाले कार्यों में बाधाओं से घबराना नहीं चाहिए।
- यह भी शिक्षा है कि मुनाफ़िक़ीन (दिखावटी मुसलमानों) की पहचान उनके आलस, बहानेबाज़ी और अल्लाह के कामों से भागने से होती है, और हमें उनके रास्ते से बचना चाहिए।
- अल्लाह की राह में किया गया हर छोटा कार्य, चाहे वह जिहाद हो या कोई और नेकी, ईमान की मज़बूती और अल्लाह के प्रति प्रेम का प्रमाण है।
📜 आयत 43-47 — अत-तौबा
अनुवाद — अत-तौबा 45
सूरा अत-तौबा आयत 45 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : (पीछे रह जाने की) इजाज़त तो बस वही लोग मॉगेंगे…सूरा आयत 45/129 — अत-तौबा التوبة (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अत-तौबा सुनें, अत-तौबा अनुवाद, अत-तौबा mp3, अत-तौबा pdf. आयत 43–47. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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