Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- "ائْذَن لِّي": मुझे (जिहाद से) रुकने की अनुमति दे।
- "وَلَا تَفْتِنِّي": मुझे परीक्षा/फितने में मत डाल (अर्थात मुझ पर ऐसा आरोप मत लगा जो मुझे गुनाह में डाल दे)।
- "سَقَطُوا": वे गिर पड़े (अर्थात उसमें जा पड़े)।
- "لَمُحِيطَةٌ": (उन्हें) चारों ओर से घेरने वाली है।
तफ़सीर (व्याख्या):
इन मुनाफ़िक़ों (दिखावटी मुसलमानों) में से कुछ लोग हैं जो नबी (ﷺ) से कहते हैं: "हमें जिहाद से रुकने की अनुमति दे दीजिए और हमें उस परीक्षा में मत डालिए जो आपके साथ चलने पर हम पर आ सकती है।" उनका बहाना यह था कि जब हम रूम (बाइज़ैन्टाइन) की स्त्रियों को देखेंगे तो हम पर उनका फितना (मोह) हावी हो जाएगा और हम गुनाह में पड़ जाएँगे। अल्लाह ने उनके इस झूठे बहाने का खंडन करते हुए फ़रमाया: "सुन लो! ये लोग उस बड़ी फितने में गिर चुके हैं जो उनके दावे से कहीं बड़ी है — और वह है निफ़ाक़ (मुनाफ़िक़ी) का फितना और अल्लाह के हुक्म की अवज्ञा करके जिहाद से पीछे हटना। यानी उन्होंने जिस फितने से बचने की बात कही, वह तो सिर्फ़ एक वहम था, लेकिन वास्तव में वे निफ़ाक़ और अल्लाह की नाफ़रमानी के फितने में जा पड़े हैं।" फिर अल्लाह ने उन्हें डराते हुए फ़रमाया: "निश्चय ही जहन्नम (नरक) की आग काफ़िरों को चारों ओर से घेरने वाली है — वे उससे बच निकलने का कोई रास्ता नहीं पाएँगे, और वह उन्हें हर तरफ से घेर लेगी।"
फ़ायदे (सीख):
- मुनाफ़िक़ी और धोखेबाज़ी की हक़ीक़त यह है कि लोग छोटे-मोटे बहानों से बड़ी ज़िम्मेदारियों से भागते हैं, लेकिन इससे वे अल्लाह की नज़र में बड़े गुनाह में पड़ जाते हैं। इसलिए इंसान को चाहिए कि वह अल्लाह के हुक्मों का पालन करे और बहाने न बनाए।
- यह आयत हमें सिखाती है कि अल्लाह की राह में क़ुर्बानी और जिहाद (संघर्ष) से पीछे हटना किसी भी मुसलमान के लिए ठीक नहीं है, क्योंकि यह निफ़ाक़ की निशानी है।
- अल्लाह का डर और उसके अज़ाब का ख़्याल इंसान को गुनाहों से बचाता है। यह आयत हमें याद दिलाती है कि काफ़िरों और नाफ़रमानों के लिए जहन्नम का अज़ाब तैयार है, जो उन्हें घेर लेगा।
- मुसलमान को चाहिए कि वह अपने दिल को निफ़ाक़ से पाक रखे और अल्लाह और उसके रसूल (ﷺ) के हुक्मों को पूरे दिल से माने, क्योंकि यही कामयाबी का रास्ता है।
📜 आयत 47-51 — सूरा अत-तौबा
अनुवाद — अत-तौबा 49
सूरा अत-तौबा आयत 49 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : उन लोगों में से बाज़ ऐसे भी हैं जो साफ…सूरा आयत 49/129 — सूरा अत-तौबा التوبة (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अत-तौबा सुनें, सूरा अत-तौबा अनुवाद, सूरा अत-तौबा mp3, सूरा अत-तौबा pdf. आयत 47–51. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Monday, September 28, 2026
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