अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- حَسَنَةٌ (हसनah): भलाई, खुशी, विजय, ग़नीमत (युद्ध में मिलने वाला धन)।
- تَسُؤْهُمْ (तसूहुम): उन्हें दुखी करती है, उन्हें बुरी लगती है।
- مُصِيبَةٌ (मुसीबah): कठिनाई, हार, विपत्ति।
- قَدْ أَخَذْنَا أَمْرَنَا (क़द अख़ज़ना अम्रना): हमने अपना मामला (अपनी सुरक्षा का इंतज़ाम) पहले ही कर लिया था।
- يَتَوَلَّوْا (यतवल्लौ): मुड़ जाते हैं, चले जाते हैं।
- فَرِحُونَ (फ़रिहून): खुशियाँ मनाते हुए, प्रसन्न।
तफ़सीर (व्याख्या):
ऐ नबी! ये मुनाफ़िक़ (दिखावटी मुसलमान) आपके और आपके साथियों के लिए किसी भी हालत में खैर नहीं चाहते। जब अल्लाह आपको कोई भलाई देता है—जैसे विजय, ग़नीमत, या कोई सफलता—तो उन्हें यह देखकर सख्त दुख होता है, उनका कलेजा जलता है। वे आपकी खुशी को सहन नहीं कर पाते। और अगर आप पर कोई मुसीबत आती है—जैसे युद्ध में हार, कठिनाई, या तकलीफ़—तो वे खुश होकर कहते हैं: "हमने तो पहले ही अपना मामला संभाल लिया था, हमने अपनी सुरक्षा का पूरा इंतज़ाम कर लिया था, इसलिए हम इस मुसीबत में नहीं पड़े।" वे यह सोचकर कि उन्होंने समझदारी दिखाई, आपसे और आपके साथियों से मुँह मोड़कर चले जाते हैं, और अपने इस काम पर बहुत खुश और प्रसन्न होते हैं।
यह उनकी मानसिकता है—वे न तो इस्लाम की भलाई चाहते हैं और न ही मुसलमानों की। उनकी खुशी मुसलमानों की तकलीफ़ में है, और उनका दुख मुसलमानों की खुशी में। यह उनके दिलों की बीमारी और ईमान की कमज़ोरी की सबसे बड़ी निशानी है।
दावती पहलू (शिक्षाप्रद संदेश):
इस आयत से हमें सीखना चाहिए कि सच्चा मुसलमान वही है जो अपने भाई-बहनों की खुशी में खुश हो और उनके दुख में दुखी हो। जिसके दिल में मुसलमानों के लिए बुराई की भावना हो, वह मुनाफ़िक़ की निशानी रखता है। हमें अपने दिलों को साफ़ रखना चाहिए, ईर्ष्या और बुराई से बचना चाहिए। याद रखिए, अल्लाह उन्हीं को प्यार करता है जो दूसरों की भलाई चाहते हैं। जब हम किसी मुसलमान भाई की सफलता पर खुश होते हैं, तो यह हमारे ईमान की निशानी है। और जब हम उनकी मुसीबत में उनके साथ खड़े होते हैं, तो यह हमारी मुहब्बत का सबूत है। अल्लाह हमें सच्चे दिल वाले बनाए और मुनाफ़िक़ी की बीमारी से बचाए। आमीन।
📜 आयत 48-52 — अत-तौबा
अनुवाद — अत-तौबा 50
सूरा अत-तौबा आयत 50 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : तुमको कोई फायदा पहुंचा तो उन को बुरा मालूम होता…सूरा आयत 50/129 — अत-तौबा التوبة (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अत-तौबा सुनें, अत-तौबा अनुवाद, अत-तौबा mp3, अत-तौबा pdf. आयत 48–52. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए







