अत-तीन · 3/8
अनुवाद उच्चारण — सूरा अत-तीन
وَهَٰذَا الْبَلَدِ الْأَمِينِ ۝٣
Wa haazal balad-il ameen
📖 हिंदी अर्थ
और उस अमन वाले शहर (मक्का) की

M Mishary Rashid Alafasy ✓
M Mahmoud Khalil Al-Husary ✓
A Abdurrahman As-Sudais ✓
M Mohamed Siddiq Al-Minshawi ✓
A Abdul Basit Abdul Samad ✓
A Ali Al-Hudhaify ✓
A Ahmed ibn Ali al-Ajamy ✓
A Abu Bakr Ash-Shaatree ✓
M Muhammad Ayyoub ✓
A Abdullah Basfar ✓
A Abdullah Al-Juhani ✓
M Maher Al Muaiqly ✓
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अनुवाद — Tafsir

शब्दार्थ:

  • وَهَٰذَا الْبَلَدِ الْأَمِينِ: इससे अभिप्राय पवित्र नगर 'मक्का' है, जिसे 'अमीन' (सुरक्षित) कहा गया है क्योंकि यहाँ हर प्रकार के भय से सुरक्षा प्रदान की गई है। यह वह धरती है जहाँ अल्लाह का पवित्र घर 'काबा' स्थित है।

तफ़सीर:

अल्लाह तआला ने इस आयत में पवित्र नगर मक्का की क़सम खाई है, जो हर भय से सुरक्षित है। यह वही धरती है जहाँ अल्लाह का घर 'बैतुल्लाह' है, और यहीं अंतिम नबी मुहम्मद ﷺ का जन्म हुआ और उन्हें नुबूवत प्रदान की गई। इस नगर को 'अमीन' (सुरक्षित) इसलिए कहा गया क्योंकि यहाँ आने वाला हर व्यक्ति अमन और सुकून पाता है। जाहिलियत के दौर में भी जब चारों ओर खून-खराबा और लूटपाट आम थी, तब भी मक्का में लोग सुरक्षित रहते थे और इस्लाम के आने के बाद तो यह सुरक्षा और भी बढ़ गई। अल्लाह ने इस पवित्र नगर की क़सम खाकर यह बताना चाहा कि जिस प्रकार यह नगर सुरक्षित है, उसी प्रकार जो व्यक्ति अल्लाह की राह पर चलेगा, वह भी दुनिया और आख़िरत दोनों में सुरक्षित रहेगा। यह क़सम उस महान सत्य की ओर संकेत करती है कि अल्लाह ने इंसान को सबसे अच्छी सूरत में पैदा किया, लेकिन जो लोग अल्लाह की नाफ़रमानी करते हैं और उसके रसूलों की पैरवी नहीं करते, उन्हें अंजाम में जहन्नुम की आग मिलेगी। इसके विपरीत जो लोग ईमान लाए और नेक अमल करते रहे, उनके लिए ऐसा अज्र है जो कभी खत्म नहीं होगा और न ही कम होगा। यह आयत हमें सिखाती है कि जिस तरह अल्लाह ने मक्का को सुरक्षित बनाया, उसी तरह वह अपने नेक बंदों को भी हर भय से सुरक्षित रखेगा। आओ, हम अपने जीवन को अल्लाह की इताअत और रसूल ﷺ की सुन्नत पर चलाकर उस सुरक्षा के हक़दार बनें, जो अल्लाह ने अपने नेक बंदों के लिए तैयार की है। यही सच्ची कामयाबी है और यही हमारे दुनिया और आख़िरत की भलाई का ज़रिया है।



📜 आयत 1-5 — सूरा अत-तीन

1وَالتِّينِ وَالزَّيْتُونِ
इन्जीर और ज़ैतून की क़सम
2وَطُورِ سِينِينَ
और तूर सीनीन की
3وَهَٰذَا الْبَلَدِ الْأَمِينِ
और उस अमन वाले शहर (मक्का) की
4لَقَدْ خَلَقْنَا الْإِنسَانَ فِي أَحْسَنِ تَقْوِيمٍ
कि हमने इन्सान बहुत अच्छे कैड़े का पैदा किया
5ثُمَّ رَدَدْنَاهُ أَسْفَلَ سَافِلِينَ
फिर हमने उसे (बूढ़ा करके रफ्ता रफ्ता) पस्त से पस्त हालत की तरफ फेर दिया
अत-तीनकुरान सूची
8आयत
मक्कीअवतरण स्थान
3आयत

अनुवाद — अत-तीन 3

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सूरा आयत 3/8 — सूरा अत-तीन التين (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अत-तीन सुनें, सूरा अत-तीन अनुवाद, सूरा अत-तीन mp3, सूरा अत-तीन pdf. आयत 1–5. हिंदी अर्थ: اردو.





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Tuesday, September 29, 2026

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