Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- أَلَمْ يَعْلَمْ: क्या उसे मालूम नहीं?
- بِأَنَّ اللهَ يَرَى: कि अल्लाह (सब कुछ) देख रहा है।
तफ़सीर (व्याख्या):
इस आयत में अल्लाह तआला उस शख़्स (अबू जहल) की नादानी और अहमक़ी पर सवाल उठा रहा है, जो अल्लाह के बंदे (मुहम्मद ﷺ) को नमाज़ पढ़ने से रोकता था। अल्लाह फ़रमाता है: क्या उसे यह नहीं मालूम कि अल्लाह उसके हर अमल को देख रहा है? उसके छिपे और खुले सभी काम अल्लाह की नज़र में हैं। वह जो कुछ भी करता है — चाहे वह नमाज़ पढ़ने वाले को रोकना हो, चाहे सच को झुठलाना हो, चाहे ईमान से मुँह मोड़ना हो — अल्लाह यह सब देख रहा है और उसका हिसाब लेगा।
यह आयत एक बड़ी सच्चाई की तरफ़ इशारा करती है: अल्लाह की निगाह हर चीज़ पर है। कोई भी काम, चाहे वह कितना ही छोटा या छिपा हुआ क्यों न हो, अल्लाह से पोशीदा नहीं है। यही वह चीज़ है जो मोमिन को अच्छे कामों पर उभारती है और बुरे कामों से रोकती है। जब इंसान को यह यक़ीन हो जाए कि अल्लाह मुझे देख रहा है, मेरी हर हरकत उसके इल्म में है, तो वह कभी गुनाह की तरफ़ नहीं बढ़ सकता।
इस आयत में उन लोगों के लिए बड़ी नसीहत है जो हक़ के रास्ते में रुकावटें डालते हैं, जो नेकी से रोकते हैं और जो अल्लाह के दीन को बदनाम करते हैं। उन्हें डरना चाहिए कि अल्लाह उन्हें देख रहा है और उनका अंजाम बहुत बुरा होगा। और उन लोगों के लिए ख़ुशख़बरी है जो अल्लाह की राह में सब्र करते हैं — उनका रब उन्हें देख रहा है, उनकी मेहनत और कुर्बानी बेकार नहीं जाएगी।
प्यारे भाइयो और बहनो! यह आयत हमें सिखाती है कि हम अपनी ज़िंदगी में इस एहसास को ज़िंदा रखें कि अल्लाह हमें देख रहा है। जब हम अकेले हों, तो याद रखें कि अल्लाह मौजूद है। जब हमें लालच आए, तो याद रखें कि अल्लाह देख रहा है। जब हम गुनाह करने का इरादा करें, तो यह सोचें कि अल्लाह की नज़र हम पर है। यही एहसास हमें सच्ची नेकी की तरफ़ ले जाता है और हमें उस मुक़ाम पर पहुँचाता है जहाँ अल्लाह हमसे राज़ी होता है। और जो लोग अल्लाह की नज़र से डरते हैं, उनके लिए जन्नत की ख़ुशख़बरी है — जहाँ कोई ग़म नहीं, कोई डर नहीं, सिर्फ़ अल्लाह की रहमत और इनाम है।
📜 आयत 12-16 — सूरा अल-अलक
अनुवाद — अल-अलक 14
सूरा अल-अलक आयत 14 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : (तो नतीजा क्या होगा) क्या उसको ये मालूम नहीं कि…सूरा आयत 14/19 — सूरा अल-अलक العلق (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-अलक सुनें, सूरा अल-अलक अनुवाद, सूरा अल-अलक mp3, सूरा अल-अलक pdf. आयत 12–16. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Friday, October 2, 2026
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