अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- اخْتِلَافِ اللَّيْلِ وَالنَّهَارِ: रात और दिन का एक-दूसरे के बाद आना-जाना, कभी एक का लंबा और दूसरे का छोटा होना।
- لَآيَاتٍ: निशानियाँ, सबूत और सबक।
- يَتَّقُونَ: अल्लाह से डरने वाले, जो उसके आदेशों का पालन करें और उसकी मनाही से बचें।
तफसीर:
अल्लाह तआला इस आयत में अपनी कुदरत और हिकमत की निशानियाँ बयान कर रहा है। रात और दिन का बारी-बारी से आना, उनमें से एक का अंधेरा और दूसरे का उजाला, कभी एक का लंबा होना और कभी दूसरे का छोटा — यह सब एक व्यवस्थित प्रणाली के अधीन चल रहा है। यह बदलाव अपने आप नहीं होता, बल्कि अल्लाह की ओर से है, जो अपनी मशीयत (इच्छा) से इसे बदलता रहता है।
इसी तरह, आसमानों और ज़मीन में अल्लाह ने जो कुछ पैदा किया है — सूरज, चाँद, तारे, बादल, बारिश, पहाड़, दरिया, पेड़-पौधे, जानवर और तरह-तरह की मख़लूक़ात — यह सब उसकी कुदरत की निशानियाँ हैं। इनमें से हर चीज़ अपनी बनावट, अपने निज़ाम और अपने फ़ायदे के साथ इस बात का सबूत है कि इन्हें बनाने वाला कोई और नहीं बल्कि अल्लाह है, जो हर चीज़ पर क़ादिर है।
लेकिन यह निशानियाँ सिर्फ़ उन लोगों के लिए फ़ायदेमंद हैं जो अल्लाह से डरते हैं, उसके अज़ाब से बचने की कोशिश करते हैं, और उसके हुक्मों को मानते हैं। ऐसे लोग ही इन निशानियों पर ग़ौर करते हैं और उनसे सबक लेते हैं। जो लोग अल्लाह से नहीं डरते, वे इन चीज़ों को देखकर भी अंधे बने रहते हैं और उनसे कोई सबक नहीं लेते।
फ़ायदे:
- यह आयत हमें सिखाती है कि अल्लाह की पैदा की हुई हर चीज़ में उसकी कुदरत की निशानियाँ मौजूद हैं, और हमें इन पर ग़ौर करना चाहिए।
- रात और दिन का बदलना हमें याद दिलाता है कि जिस तरह यह दुनिया बदलती रहती है, उसी तरह हमारी ज़िंदगी भी बदलती रहेगी और एक दिन हमें अपने अमल का हिसाब देना होगा।
- अल्लाह से डरने वाला इंसान ही सही मायने में इन निशानियों से फ़ायदा उठा पाता है, इसलिए हमें अपने दिल में अल्लाह का ख़ौफ़ पैदा करना चाहिए।
- यह आयत हमें प्रकृति के निज़ाम पर ग़ौर करने की तरफ़ बुलाती है, जो हमें अल्लाह की महानता और उसकी हिकमत की तरफ़ ले जाता है।
📜 आयत 4-8 — यूनुस
अनुवाद — यूनुस 6
सूरा यूनुस आयत 6 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : इसमें ज़रा भी शक़ नहीं कि रात दिन के उलट…सूरा आयत 6/109 — यूनुस يونس (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: यूनुस सुनें, यूनुस अनुवाद, यूनुस mp3, यूनुस pdf. आयत 4–8. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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