Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- القارعة (अल-क़ारिआह): वह चीज़ जो दिलों को ज़ोर से टकराए, हिला दे और डरा दे। यहाँ इससे मुराद क़ियामत का दिन है, जो अपनी दहशत और सख्ती से लोगों के दिलों को कड़कड़ा देगा।
- ما أدراك (मा अद्राक): तुम्हें क्या पता? यानी तुम इसकी हकीकत को कैसे जान सकते हो? यह एक ऐसा अंदाज़ है जो उस चीज़ की अज़मत और हैबत को बयान करता है।
तफसीर:
ऐ नबी! तुम्हें क्या पता कि वह "क़ारिआह" (दिल दहला देने वाली घड़ी) क्या है? यह वह दिन है जब क़ियामत अपनी पूरी दहशत और सख्ती के साथ आएगी, और लोगों के दिल उसके खौफ से काँप उठेंगे। यह दिन इतना भयानक और अज़ीम है कि इसकी हकीकत का अंदाज़ा लगाना इंसान की समझ से बाहर है। अल्लाह तआला इस आयत में नबी करीम ﷺ को भी यह बता रहे हैं कि इस दिन की पूरी हैसियत और उसके हौल की गहराई को सिर्फ अल्लाह ही जानता है, और इंसानी अक्ल उस तक पहुँच ही नहीं सकती।
यह आयत हमें बताती है कि क़ियामत का दिन कोई मामूली वाक़िया नहीं, बल्कि एक ऐसा महान सच है जिसकी अज़मत का एहसास दिलों को काँपा देता है। जिस दिन हर इंसान अपने अमल के सामने खड़ा होगा, और उसकी नेकियाँ और बुराइयाँ तोली जाएँगी। यह दिन उन लोगों के लिए राहत और खुशी का होगा जिनके पलड़े में नेकियाँ भारी होंगी, और उनके लिए अफ़सोस और अज़ाब का होगा जिनके पलड़े में बुराइयाँ भारी होंगी।
प्यारे भाइयों और बहनों! यह आयत हमें जगाती है कि हम इस दिन के लिए तैयारी करें। यह दिन ज़रूर आने वाला है, और हमें चाहिए कि अपनी ज़िंदगी को अल्लाह की रज़ा के मुताबिक बनाएँ, नेक अमल करें, और उस दिन की दहशत से बचने के लिए अल्लाह की रहमत का सहारा लें। क़ुरआन हमें बार-बार याद दिलाता है कि यह दुनिया फ़ानी है, और असली ज़िंदगी आख़िरत की है। जो लोग इस दिन पर ईमान रखते हैं और अच्छे काम करते हैं, उनके लिए अल्लाह ने जन्नत की खुशियाँ तैयार की हैं, और जो ग़ाफ़िल रहेंगे, उनके लिए सख्त अज़ाब है। अल्लाह हम सबको इस दिन की फिक्र करने और उसकी तैयारी करने की तौफ़ीक़ दे। आमीन।
📜 आयत 1-5 — सूरा अल-क़ारिया
अनुवाद — अल-क़ारिया 3
सूरा अल-क़ारिया आयत 3 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और तुम को क्या मालूम कि वह खड़खड़ाने वाली क्या…सूरा आयत 3/11 — सूरा अल-क़ारिया القارعة (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-क़ारिया सुनें, सूरा अल-क़ारिया अनुवाद, सूरा अल-क़ारिया mp3, सूरा अल-क़ारिया pdf. आयत 1–5. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा अल-क़ारिया
पवित्र क़ुरआन
Monday, September 28, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए


