अल-हुमज़ा · 6/9
अनुवाद उच्चारण — अल-हुमज़ा
نَارُ اللَّهِ الْمُوقَدَةُ ۝٦
Narul laahil-mooqada
📖 हिंदी अर्थ
वह ख़ुदा की भड़काई हुई आग है जो (तलवे से लगी तो) दिलों तक चढ़ जाएगी
📜

अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • नारुल्लाह: अल्लाह की आग
  • मूक़दा: सुलगाई हुई, भड़काई हुई, प्रज्वलित की गई

तफ़सीर:

यह वह आग है जिसे अल्लाह तआला ने अपने क़ुदरत (शक्ति) से सुलगाया है और उसे भड़काया है। यह कोई साधारण आग नहीं है, बल्कि अल्लाह की वह आग है जो अपनी शिद्दत (तीव्रता) और गर्मी में बेमिसाल है। इस आग की विशेषता यह है कि यह सिर्फ़ जिस्म (शरीर) तक ही सीमित नहीं रहती, बल्कि अपनी सख़्ती और तेज़ी की वजह से जिस्मों को चीरती हुई दिलों तक पहुँच जाती है। यानी यह आग बाहर से अंदर तक, पूरे इंसान को अपनी लपेट में ले लेती है।

यह आग उन लोगों के लिए तैयार की गई है जो दूसरों का मज़ाक उड़ाते हैं, उन्हें नीचा दिखाते हैं, लोगों के ऐब (बुराइयों) को गिनते हैं, और माल जमा करके उसे गिनते रहते हैं, यह समझते हुए कि उनका माल उन्हें हमेशा ज़िंदा रखेगा। अल्लाह तआला उन्हें बताता है कि उनका यह ग़ुरूर (घमंड) और माल उन्हें अल्लाह की इस आग से नहीं बचा सकता।

यह आग अल्लाह की ओर से है, जो उसके अज़ाब (दंड) का ज़रिया है। जब अल्लाह तआला किसी चीज़ को जलाने का इरादा करता है, तो उसकी आग की तीव्रता का अंदाज़ा कोई नहीं लगा सकता। यह वह आग है जो दिलों तक पहुँचती है, यानी दर्द और अज़ाब का एहसास सिर्फ़ बाहर नहीं, बल्कि अंदर तक होता है।

दावती पहलू:

यह आयत हमें अल्लाह के अज़ाब से डराती है और साथ ही यह सिखाती है कि हमें अपने अमल (कर्मों) पर ध्यान देना चाहिए। अल्लाह तआला ने हमें दुनिया में भेजा है ताकि हम उसकी इबादत करें और लोगों के साथ अच्छा व्यवहार करें। जो लोग दूसरों का मज़ाक उड़ाते हैं या माल के लालच में अपने रब को भूल जाते हैं, उनके लिए यह सख़्त चेतावनी है। लेकिन अल्लाह तआला रहीम (दयालु) और ग़फ़ूर (क्षमा करने वाला) है — जो कोई अपनी ग़लतियों से तौबा (पश्चाताप) कर ले, अल्लाह उसे माफ़ कर देता है। यह आयत हमें यह भी सिखाती है कि हम अपनी ज़ुबान और अपने कामों से लोगों को तकलीफ़ न दें, और याद रखें कि असली कामयाबी अल्लाह की रज़ा (प्रसन्नता) में है, न कि माल और दुनियावी चीज़ों में। अल्लाह तआला हम सबको उसकी आग से बचाए और जन्नत (स्वर्ग) की राह दिखाए। आमीन।

🎧 सुनें

📜 आयत 4-8 — अल-हुमज़ा

4كَلَّا ۖ لَيُنبَذَنَّ فِي الْحُطَمَةِ
हरगिज़ नहीं वह तो ज़रूर हुतमा में डाला जाएगा
5وَمَا أَدْرَاكَ مَا الْحُطَمَةُ
और तुमको क्या मालूम हतमा क्या है
6نَارُ اللَّهِ الْمُوقَدَةُ
वह ख़ुदा की भड़काई हुई आग है जो (तलवे से लगी तो) दिलों तक चढ़ जाएगी
7الَّتِي تَطَّلِعُ عَلَى الْأَفْئِدَةِ
ये लोग आग के लम्बे सुतूनो
8إِنَّهَا عَلَيْهِم مُّؤْصَدَةٌ
में डाल कर बन्द कर दिए
अल-हुमज़ाकुरान सूची
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अनुवाद — अल-हुमज़ा 6

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Tuesday, August 18, 2026

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