Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- नारुल्लाह: अल्लाह की आग
- मूक़दा: सुलगाई हुई, भड़काई हुई, प्रज्वलित की गई
तफ़सीर:
यह वह आग है जिसे अल्लाह तआला ने अपने क़ुदरत (शक्ति) से सुलगाया है और उसे भड़काया है। यह कोई साधारण आग नहीं है, बल्कि अल्लाह की वह आग है जो अपनी शिद्दत (तीव्रता) और गर्मी में बेमिसाल है। इस आग की विशेषता यह है कि यह सिर्फ़ जिस्म (शरीर) तक ही सीमित नहीं रहती, बल्कि अपनी सख़्ती और तेज़ी की वजह से जिस्मों को चीरती हुई दिलों तक पहुँच जाती है। यानी यह आग बाहर से अंदर तक, पूरे इंसान को अपनी लपेट में ले लेती है।
यह आग उन लोगों के लिए तैयार की गई है जो दूसरों का मज़ाक उड़ाते हैं, उन्हें नीचा दिखाते हैं, लोगों के ऐब (बुराइयों) को गिनते हैं, और माल जमा करके उसे गिनते रहते हैं, यह समझते हुए कि उनका माल उन्हें हमेशा ज़िंदा रखेगा। अल्लाह तआला उन्हें बताता है कि उनका यह ग़ुरूर (घमंड) और माल उन्हें अल्लाह की इस आग से नहीं बचा सकता।
यह आग अल्लाह की ओर से है, जो उसके अज़ाब (दंड) का ज़रिया है। जब अल्लाह तआला किसी चीज़ को जलाने का इरादा करता है, तो उसकी आग की तीव्रता का अंदाज़ा कोई नहीं लगा सकता। यह वह आग है जो दिलों तक पहुँचती है, यानी दर्द और अज़ाब का एहसास सिर्फ़ बाहर नहीं, बल्कि अंदर तक होता है।
दावती पहलू:
यह आयत हमें अल्लाह के अज़ाब से डराती है और साथ ही यह सिखाती है कि हमें अपने अमल (कर्मों) पर ध्यान देना चाहिए। अल्लाह तआला ने हमें दुनिया में भेजा है ताकि हम उसकी इबादत करें और लोगों के साथ अच्छा व्यवहार करें। जो लोग दूसरों का मज़ाक उड़ाते हैं या माल के लालच में अपने रब को भूल जाते हैं, उनके लिए यह सख़्त चेतावनी है। लेकिन अल्लाह तआला रहीम (दयालु) और ग़फ़ूर (क्षमा करने वाला) है — जो कोई अपनी ग़लतियों से तौबा (पश्चाताप) कर ले, अल्लाह उसे माफ़ कर देता है। यह आयत हमें यह भी सिखाती है कि हम अपनी ज़ुबान और अपने कामों से लोगों को तकलीफ़ न दें, और याद रखें कि असली कामयाबी अल्लाह की रज़ा (प्रसन्नता) में है, न कि माल और दुनियावी चीज़ों में। अल्लाह तआला हम सबको उसकी आग से बचाए और जन्नत (स्वर्ग) की राह दिखाए। आमीन।
📜 आयत 4-8 — सूरा अल-हुमज़ा
अनुवाद — अल-हुमज़ा 6
सूरा अल-हुमज़ा आयत 6 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : वह ख़ुदा की भड़काई हुई आग है जो (तलवे से…सूरा आयत 6/9 — सूरा अल-हुमज़ा الهمزة (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-हुमज़ा सुनें, सूरा अल-हुमज़ा अनुवाद, सूरा अल-हुमज़ा mp3, सूरा अल-हुमज़ा pdf. आयत 4–8. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा अल-हुमज़ा
पवित्र क़ुरआन
Friday, October 2, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए


