अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- تَرْمِيهِمْ: उन्हें (अब्रहा के सैनिकों को) फेंकती थीं।
- بِحِجَارَةٍ: पत्थरों के साथ।
- مِنْ سِجِّيلٍ: ऐसी मिट्टी जो पकाकर पत्थर जैसी सख्त बना दी गई हो (पकी हुई मिट्टी के पत्थर)।
तफसीर (व्याख्या):
इस आयत में अल्लाह तआला उन अबाबील (पक्षियों) के काम का वर्णन कर रहे हैं जिन्हें उसने अब्रहा के सैनिकों को तबाह करने के लिए भेजा था। वे पक्षी अपनी चोंच और पंजों में पकी हुई मिट्टी के पत्थर (सिज्जील) लेकर आते थे और उन्हें उन ज़ालिम सैनिकों पर फेंकते थे। ये पत्थर इतने सख्त और प्रभावी थे कि जिस किसी पर भी पड़ते, उसका शरीर छलनी हो जाता और वह तुरंत हलाक हो जाता। यह अल्लाह का अद्भुत इंतज़ाम था कि बिना किसी इंसानी लश्कर और हथियारों के, उसने अपने घर (काबा) की हिफाज़त की और अत्याचारियों को अपनी कुदरत से रौंद डाला।
यह वाकया हमारे लिए एक बहुत बड़ी सीख और निशानी है। अल्लाह तआला जब चाहता है, तो अपनी मदद के लिए सबसे छोटे और कमज़ोर दिखने वाले ज़रियों को भी सबसे बड़ी ताक़त बना देता है। जिस फ़ौज के पास हाथी, हथियार और तादाद में बढ़ोतरी थी, उसे मिट्टी के छोटे-छोटे पत्थरों ने ही तबाह कर दिया। यह इस बात की तरफ इशारा है कि अल्लाह की कुदरत के आगे सारी ताकतें बेबस हैं।
इससे हमें यह सबक मिलता है कि हमें हमेशा अल्लाह पर भरोसा रखना चाहिए। जब हम सच्चे दिल से अल्लाह की राह में कदम बढ़ाते हैं और उसके दीन की मदद करते हैं, तो अल्लाह तआला खुद हमारी हिफाज़त करता है और ऐसे तरीकों से मदद भेजता है जिनका हमें अंदाज़ा भी नहीं होता। यह क़ुरआन का वह मुजिज़ा है जो आज भी हमें यकीन दिलाता है कि अल्लाह का वादा सच्चा है—"जो अल्लाह की राह में जिहाद करेगा, अल्लाह उसका रास्ता खुद बनाएगा और उसे कामयाबी देगा।"
इसलिए हमें अपनी ज़िंदगी में भी इस यकीन को मज़बूत करना चाहिए कि अल्लाह हर मुश्किल में रास्ता निकालने वाला है। बस शर्त यह है कि हम सच्चे मुसलमान बनें, अल्लाह के हुक्मों पर अमल करें और उसकी राह में किसी भी कुर्बानी से पीछे न हटें। यही वह ईमान है जो हमें दुनिया और आख़िरत दोनों में कामयाबी देगा।
📜 आयत 2-5 — अल-फील
अनुवाद — अल-फील 4
सूरा अल-फील आयत 4 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : जो उन पर खरन्जों की कंकरियाँ फेकती थींसूरा आयत 4/5 — अल-फील الفيل (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-फील सुनें, अल-फील अनुवाद, अल-फील mp3, अल-फील pdf. आयत 2–5. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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