अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- فَاسْتَقِمْ: सीधे रहो, दृढ़ता से स्थिर रहो, अडिग रहो।
- كَمَا أُمِرْتَ: जैसा तुम्हें आदेश दिया गया है।
- وَمَن تَابَ مَعَكَ: और जिन्होंने तुम्हारे साथ तौबा (पश्चाताप) किया।
- وَلَا تَطْغَوْا: और सीमा से आगे न बढ़ो, अत्याचार मत करो।
- بَصِيرٌ: देखने वाला, सब कुछ जानने वाला।
व्याख्या:
अल्लाह तआला अपने नबी ﷺ को संबोधित करते हुए आदेश देता है कि आप दीन (धर्म) पर सीधे और अडिग रहें, ठीक उसी तरह जैसा अल्लाह ने आपको आदेश दिया है। यह आदेश केवल नबी ﷺ के लिए नहीं है, बल्कि उन सभी मोमिनों के लिए भी है जिन्होंने अपने गुनाहों से तौबा करके ईमान की राह अपनाई है। उन्हें भी हुक्म दिया जा रहा है कि वे भी अपने नबी के साथ मिलकर सीधे रास्ते पर स्थिर रहें।
फिर अल्लाह फरमाता है: "और सीमा से आगे न बढ़ो" यानी अल्लाह के हुक्मों की सीमाओं का उल्लंघन मत करो, न ही उसकी इबादत में कमी करो और न ही उसकी मना की हुई चीज़ों की तरफ बढ़ो। तुम्हें जो आदेश दिए गए हैं, उन्हीं पर अमल करो और उनसे आगे न बढ़ो।
अंत में अल्लाह फरमाता है: "बेशक वह तुम्हारे सारे कामों को देख रहा है।" यानी अल्लाह को तुम्हारे सभी कर्मों का पूरा इल्म है, चाहे वे छोटे हों या बड़े, छिपे हों या खुले। उसकी नज़र से कोई चीज़ छिपी नहीं है, और वह तुम्हें तुम्हारे कर्मों का पूरा-पूरा बदला देगा।
फ़ायदे (लाभ):
- इस आयत से हमें सीखने को मिलता है कि इस्लाम में सबसे अहम चीज़ "इस्तिक़ामत" (स्थिरता) है। सिर्फ शुरुआत करना काफी नहीं, बल्कि दीन पर ज़िंदगी भर डटे रहना ज़रूरी है।
- तौबा करने वालों को अल्लाह ने अपने नबी के साथ शामिल किया है, जिससे पता चलता है कि तौबा करने वालों का दर्जा बहुत ऊंचा है और वे नबी की संगत के लायक बन जाते हैं।
- इस्लाम में हर चीज़ में संतुलन और मध्यमार्ग सिखाया गया है। न तो इबादत में इतना ज़्यादा करो कि हक़ तोड़ो, और न ही इतना कम कि फ़र्ज़ छूट जाएं।
- यह आयत हमें यह यकीन दिलाती है कि अल्लाह हमारे हर काम को देख रहा है, इसलिए हमें हर वक़्त उसकी निगरानी का एहसास रखना चाहिए और उसकी नाराज़गी से बचना चाहिए।
- यह आयत हमें बताती है कि अल्लाह का दीन कोई बोझ नहीं है, बल्कि वह हमारी भलाई के लिए है। जो लोग उस पर अमल करते हैं, उन्हें दुनिया और आख़िरत दोनों में कामयाबी मिलती है।
📜 आयत 110-114 — हूद
अनुवाद — हूद 112
सूरा हूद आयत 112 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : तो (ऐ रसूल) जैसा तुम्हें हुक्म दिया है तुम और…सूरा आयत 112/123 — हूद هود (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: हूद सुनें, हूद अनुवाद, हूद mp3, हूद pdf. आयत 110–114. हिंदी अर्थ: اردو.
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Tuesday, August 18, 2026
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