अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- لَمَّا: यहाँ इसका अर्थ है "अवश्य ही" — यह ताकीद (emphasis) के लिए आया है।
- لَيُوَفِّيَنَّهُمْ: वह उन्हें पूरा-पूरा बदला देगा, बिना किसी कमी के।
- خَبِيرٌ: पूर्ण जानकार रखने वाला, हर छोटी-बड़ी बात से अवगत।
विस्तृत व्याख्या:
हे नबी! ये सारे समुदाय जिनका ज़िक्र पहले हुआ — चाहे वे ईमान लाने वाले हों या इनकार करने वाले, चाहे उन्होंने अच्छे कर्म किए हों या बुरे — उनमें से हर एक को आपका रब उसके कर्मों का पूरा-पूरा बदला देगा। यह बदला दुनिया में नहीं, बल्कि क़ियामत के दिन होगा, जब हर आत्मा को उसकी कमाई का हिसाब मिलेगा। अगर उसने नेकी की होगी तो उसे नेकी का बदला मिलेगा, और अगर उसने बुराई की होगी तो उसे बुराई का अंजाम भुगतना होगा। यह कोई साधारण बात नहीं है — यह अल्लाह का वादा है जो अटल है। अल्लाह तआला अपने बंदों के सारे कर्मों से पूरी तरह वाक़िफ है; उससे कोई भी कर्म छिपा नहीं है — न छोटा, न बड़ा, न ज़ाहिरी, न छिपा हुआ। वह हर नीयत, हर हरकत, हर शब्द को जानता है और उसी के अनुसार इंसाफ़ के साथ फ़ैसला करेगा। यह उन लोगों के लिए एक सख़्त चेतावनी है जो अल्लाह के रसूलों को झुठलाते हैं और अपनी ज़िद पर अड़े रहते हैं — उन्हें यक़ीन रखना चाहिए कि उनका हर कर्म दर्ज किया जा रहा है और एक दिन उन्हें उसका पूरा हिसाब देना होगा।
उपदेश और फ़ायदे:
- यह आयत हमें सिखाती है कि अल्लाह का न्याय पूर्ण है — वह किसी के साथ ज़ुल्म नहीं करता, बल्कि हर कर्म का सही बदला देता है। यह हमारे दिलों में अल्लाह के प्रति विश्वास और उसके इंसाफ़ पर भरोसा पैदा करता है।
- यह जानना कि अल्लाह हर चीज़ से ख़बर रखता है, हमें अच्छे कर्म करने की प्रेरणा देता है — क्योंकि हमारी कोई भी नेकी बेकार नहीं जाती, चाहे वह कितनी ही छोटी क्यों न हो।
- यह आयत हमें गुनाहों से बचने की ताक़त देती है — जब हमें यक़ीन हो कि हमारा रब हमारे हर काम को देख रहा है और उसका हिसाब लेना है, तो हम बुराई से दूर रहने की कोशिश करते हैं।
- यहाँ मोमिनों के लिए बशारत है कि उनकी मेहनत और अच्छे कर्मों का फल उन्हें ज़रूर मिलेगा — चाहे दुनिया में देर हो, लेकिन अल्लाह का वादा सच्चा है और वह कभी अपना वादा नहीं तोड़ता।
- यह आयत हमें यह भी सिखाती है कि अल्लाह का इल्म असीमित है — वह हमारे दिलों के राज़ तक जानता है, इसलिए हमें अपनी नीयत को साफ़ रखना चाहिए और सिर्फ़ ज़ाहिरी अच्छाई पर ही नहीं, बल्कि अंदरूनी सच्चाई पर भी ध्यान देना चाहिए।
📜 आयत 109-113 — हूद
अनुवाद — हूद 111
सूरा हूद आयत 111 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और इसमें तो शक़ ही नहीं कि तुम्हारा परवरदिगार उनकी…सूरा आयत 111/123 — हूद هود (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: हूद सुनें, हूद अनुवाद, हूद mp3, हूद pdf. आयत 109–113. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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