Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- أَلَّا تَعْبُدُوا: यह कि तुम इबादत न करो।
- نَذِيرٌ: डराने वाला, जो अल्लाह के अज़ाब से आगाह करे।
- بَشِيرٌ: खुशखबरी देने वाला, जो अल्लाह के सवाब (इनाम) की खुशी सुनाए।
तफ़सीर (व्याख्या):
इस आयत का मतलब यह है कि यह क़ुरआन और उसकी आयतें इसलिए उतारी गईं और उनके अहकाम (आदेश) इसलिए बयान किए गए, ताकि लोग सिर्फ़ अल्लाह ही की इबादत करें और उसके साथ किसी को शरीक न ठहराएँ। अल्लाह तआला ने अपने नबी हज़रत मुहम्मद ﷺ को हिदायत दी कि वे लोगों से कहें: "मैं तुम्हारे लिए अल्लाह की तरफ से डराने वाला और खुशखबरी देने वाला हूँ।" यानी मैं तुम्हें अल्लाह के अज़ाब से डराता हूँ अगर तुम कुफ़्र करो और उसकी नाफ़रमानी करो, और मैं तुम्हें उसके सवाब की खुशखबरी देता हूँ अगर तुम ईमान लाओ और उसके हुक्मों पर अमल करो। यह आयत तौहीद (एकेश्वरवाद) की बुनियादी शिक्षा को स्पष्ट करती है, जो हर नबी का मूल संदेश रहा है।
फ़ायदे (सबक़):
- इस आयत से सबसे बड़ा सबक़ यह है कि इबादत सिर्फ़ अल्लाह की होनी चाहिए, और यही दीन का ख़ुलासा है। जिसने तौहीद को अपना लिया, उसने दीन की नींव मज़बूत कर ली।
- अल्लाह का रसूल ﷺ अपनी उम्मत के लिए रहमत हैं, क्योंकि वे डराने और खुशखबरी देने दोनों काम करते हैं — डर अज़ाब से आगाह करने के लिए और खुशी सवाब की उम्मीद दिलाने के लिए। यह बताता है कि इस्लाम में डर और उम्मीद दोनों का संतुलन है, ताकि इंसान न तो निराश हो और न ही लापरवाह।
- यह आयत हमें सिखाती है कि अल्लाह की रहमत और उसका अज़ाब दोनों हक़ीक़त हैं। जो ईमान और नेक अमल अपनाए, उसके लिए खुशखबरी है; और जो कुफ़्र और नाफ़रमानी करे, उसके लिए डर है। यही बात इंसान को अच्छे कामों की तरफ़ राग़िब करती है और बुरे कामों से रोकती है।
- इस आयत में नबी ﷺ का अपनी उम्मत के प्रति शफ़्क़त और मुहब्बत का इज़हार है, क्योंकि वे लोगों को अज़ाब से बचाने और सवाब तक पहुँचाने के लिए भेजे गए हैं। यह हमें सिखाता है कि हमें भी अपने भाइयों को भलाई की तरफ़ बुलाना चाहिए और बुराई से डराना चाहिए।
📜 आयत 1-4 — सूरा हूद
अनुवाद — हूद 2
सूरा हूद आयत 2 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : फिर तफ़सीलदार बयान कर दी गयी हैं ये कि ख़ुदा…सूरा आयत 2/123 — सूरा हूद هود (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा हूद सुनें, सूरा हूद अनुवाद, सूरा हूद mp3, सूरा हूद pdf. आयत 1–4. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा हूद
पवित्र क़ुरआन
Monday, September 28, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए


