Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- نَاقَةُ اللَّهِ: अल्लाह की ऊँटनी।
- آيَةً: निशानी, प्रमाण, चमत्कार।
- فَذَرُوهَا: उसे छोड़ दो।
- تَأْكُلْ فِي أَرْضِ اللَّهِ: अल्लाह की धरती में चरती रहे।
- بِسُوءٍ: किसी बुराई या नुक़सान के साथ (यहाँ अर्थ है उसे मारना या ज़ख़्मी करना)।
- عَذَابٌ قَرِيبٌ: निकट का अज़ाब (जो उसी वक़्त या बहुत जल्द आ जाए)।
तफ़सीर (व्याख्या):
ऐ मेरी क़ौम के लोगो! यह अल्लाह की ऊँटनी है, जिसे अल्लाह ने तुम्हारे लिए एक निशानी और प्रमाण बनाया है। यह मेरी सच्चाई की गवाह है, कि मैं जो कुछ कहता हूँ वह अल्लाह की तरफ़ से है। तुमने मुझसे एक चमत्कार माँगा था, और अल्लाह ने तुम्हारी माँग पूरी करते हुए यह ऊँटनी एक चट्टान से निकाली है। अब यह तुम्हारे सामने जीती-जागती निशानी के रूप में मौजूद है।
इसलिए, उसे छोड़ दो कि वह अल्लाह की धरती पर चरती रहे। उसके खाने-पीने की ज़िम्मेदारी तुम पर नहीं है, अल्लाह ही उसे रोज़ी देता है। उसे किसी भी प्रकार का नुक़सान मत पहुँचाओ, न उसे मारो और न ही उसे ज़ख़्मी करो। यदि तुमने उसे कोई तकलीफ़ दी या उसके साथ बुराई की, तो अल्लाह का अज़ाब तुम पर आ जाएगा, और वह अज़ाब बहुत निकट होगा — यानी तुम्हारे उस बुरे काम के तुरंत बाद ही आ जाएगा। यह अज़ाब तीन दिनों के भीतर आने वाला था, जैसा कि अल्लाह ने अपने नबी सालिह (अलैहिस्सलाम) के ज़रिए बताया था।
फ़ायदे (शिक्षाएँ):
- अल्लाह के नबी अपनी क़ौम के लिए सिर्फ़ ख़ैर और भलाई चाहते हैं। वे लोगों को अज़ाब से डराते हैं ताकि वे सीधे रास्ते पर आ जाएँ, और यही उनकी दया और शफ़्क़त का सबूत है।
- अल्लाह के निशानियों का सम्मान करना चाहिए। जब अल्लाह कोई चमत्कार या निशानी दिखाता है, तो उसका मज़ाक़ उड़ाना या उसे नुक़सान पहुँचाना अल्लाह की नाफ़रमानी है और उसका अंजाम बहुत बुरा होता है।
- अल्लाह की रहमत और उसका अज़ाब दोनों क़रीब हैं। इंसान को चाहिए कि वह अल्लाह की नाफ़रमानी से बचे, क्योंकि अज़ाब किसी भी वक़्त आ सकता है — जब इंसान को उम्मीद न हो।
- यह क़िस्सा हमें सिखाता है कि अल्लाह के हुक्मों की खिलाफ़वर्ज़ी करने वालों का अंजाम तबाही है, जबकि अल्लाह के हुक्मों का पालन करने वालों के लिए सुकून और कामयाबी है। इस्लाम हमें अल्लाह की रहमत की तरफ़ बुलाता है और उसके अज़ाब से बचने की तरकीब सिखाता है — और वह तरकीब है ईमान, इताअत और अच्छे अख़लाक़।
📜 आयत 62-66 — सूरा हूद
अनुवाद — हूद 64
सूरा हूद आयत 64 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : ऐ मेरी क़ौम ये ख़ुदा की (भेजी हुई) ऊँटनी है…सूरा आयत 64/123 — सूरा हूद هود (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा हूद सुनें, सूरा हूद अनुवाद, सूरा हूद mp3, सूरा हूद pdf. आयत 62–66. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा हूद
पवित्र क़ुरआन
Thursday, October 1, 2026
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