Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- فَعَقَرُوهَا: उन्होंने (क़ौमे-समूद ने) उस ऊँटनी को काट डाला या उसके पैर काटकर उसे गिरा दिया।
- تَمَتَّعُوا: आनंद उठाओ, जीवन बिताओ।
- فِي دَارِكُمْ: अपने घरों में, अपनी बस्ती में।
- وَعْدٌ غَيْرُ مَكْذُوبٍ: एक ऐसा वादा जो झुठलाया न जा सके, अर्थात सत्य और अवश्य पूरा होने वाला वादा।
तफ़सीर (व्याख्या):
जब हज़रत सालेह (अलैहिस्सलाम) की क़ौम ने उनकी नसीहत को नकारते हुए अल्लाह की भेजी हुई निशानी (ऊँटनी) को काट डाला, और यह कार्य उन्होंने अत्यधिक हठधर्मी और इनकार के साथ किया, तो हज़रत सालेह (अलैहिस्सलाम) ने उन्हें बताया कि अब तुम्हारे लिए केवल तीन दिनों का जीवन शेष है। उन्होंने कहा: "अपने घरों में तीन दिन और आनंद उठा लो, फिर अल्लाह का अज़ाब (दंड) तुम पर आकर रहेगा।" यह कोई धमकी या डराने वाली बात नहीं थी, बल्कि यह अल्लाह की ओर से एक सच्चा और अटल वादा था, जिसे झुठलाया नहीं जा सकता। यह वादा अवश्य पूरा होना था, क्योंकि अल्लाह का फैसला कभी टलता नहीं। इसके बाद तीन दिनों के भीतर ही उस क़ौम पर अज़ाब आ गया और वे अपने घरों में तबाह हो गए।
फ़ायदे (शिक्षाएँ):
- अल्लाह के नबियों की निशानियों और आदेशों का मज़ाक उड़ाना या उन्हें नकारना विनाश का कारण बनता है। जो लोग हक़ (सत्य) को देखकर भी उसे ठुकरा देते हैं, उनका अंजाम बहुत बुरा होता है।
- अल्लाह का वादा और उसकी चेतावनी कभी झूठी नहीं होती। जब अल्लाह किसी क़ौम के लिए अज़ाब का फैसला कर लेता है, तो वह निश्चित रूप से आता है, चाहे उसमें कितनी भी देर क्यों न हो।
- इस आयत से हमें सीख मिलती है कि अल्लाह की दी हुई मोहलत (छूट) को हमें अपनी ताक़त या सुरक्षा नहीं समझनी चाहिए। कभी-कभी अल्लाह गुनाहगारों को थोड़ी सी मोहलत देता है, लेकिन फिर उन्हें अचानक पकड़ लेता है।
- नबियों की दावत और उनकी चेतावनियाँ हमेशा सच्ची और नेक नीयत पर आधारित होती हैं। उनका उद्देश्य लोगों को सुधारना होता है, न कि डराना या धमकाना। इसलिए हमें उनकी बातों को गंभीरता से लेना चाहिए।
- यह क़िस्सा हमें बताता है कि अल्लाह की पकड़ बहुत सख्त है, और उसके आदेशों की अवहेलना करने वालों को कोई नहीं बचा सकता। इसलिए हमें हमेशा अल्लाह के आदेशों का पालन करना चाहिए और उसकी निशानियों से सबक लेना चाहिए।
📜 आयत 63-67 — सूरा हूद
अनुवाद — हूद 65
सूरा हूद आयत 65 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : (वरना) फिर तुम्हें फौरन ही (ख़ुदा का) अज़ाब ले डालेगा…सूरा आयत 65/123 — सूरा हूद هود (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा हूद सुनें, सूरा हूद अनुवाद, सूरा हूद mp3, सूरा हूद pdf. आयत 63–67. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा हूद
पवित्र क़ुरआन
Thursday, October 1, 2026
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