अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- نَصْرُ اللهِ: अल्लाह की ओर से सहायता और विजय, जो उसके दीन (धर्म) को प्रदान की गई।
- الْفَتْحُ: यहाँ अर्थ है मक्का की विजय, जो इस्लाम के इतिहास में एक महत्वपूर्ण मोड़ थी।
तफसीर (व्याख्या):
जब अल्लाह की ओर से आपको (ऐ पैगंबर मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) सहायता प्राप्त हुई, और आपके दुश्मनों पर विजय मिली, और मक्का का फतह (विजय) हुआ—यह वह समय था जब अल्लाह ने अपने दीन (इस्लाम) को पूरी तरह से स्थापित कर दिया, और सत्य ने असत्य पर स्पष्ट विजय प्राप्त की। यह फतह केवल एक शहर की विजय नहीं थी, बल्कि यह पूरे अरब प्रायद्वीप के लिए रहमत और मार्गदर्शन का द्वार बनी। इस विजय के बाद लोगों ने समूहों में इस्लाम कबूल किया, और अल्लाह का नूर (प्रकाश) हर ओर फैल गया।
यह आयत हमें सिखाती है कि अल्लाह की मदद और विजय उसके वादे का सच है। जब हम अल्लाह के दीन पर साबित कदम रहते हैं, तो वह हमें न सिर्फ दुनिया में विजय देता है, बल्कि आखिरत में भी कामयाबी अता करता है। यह हमारे लिए सबसे बड़ी खुशखबरी है कि अल्लाह अपने बंदों को कभी अकेला नहीं छोड़ता, और सब्र व इखलास (निष्ठा) का फल हमेशा मीठा होता है।
दावत (आमंत्रण) का पहलू:
ऐ अल्लाह के बंदो! जिस तरह अल्लाह ने अपने पैगंबर (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) को मुश्किलों के बाद विजय दी, उसी तरह आज भी अगर हम कुरान और सुन्नत को थामे रहें, तो अल्लाह हमारी मदद करेगा। यह आयत हमें उम्मीद दिलाती है कि इस्लाम की सच्चाई कभी छिपी नहीं रह सकती, और जो लोग अल्लाह के रास्ते में कोशिश करते हैं, उनके लिए फतह (सफलता) लिखी जा चुकी है। आओ, हम अपने जीवन में इस्लाम को अपनाएं, और अल्लाह से उसकी मदद और विजय की दुआ करें, क्योंकि वही सबसे बड़ा मददगार है।
📜 आयत 1-3 — अन-नस्र
अनुवाद — अन-नस्र 1
सूरा अन-नस्र आयत 1 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : ऐ रसूल जब ख़ुदा की मदद आ पहँचेगीसूरा आयत 1/3 — अन-नस्र النصر (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अन-नस्र सुनें, अन-नस्र अनुवाद, अन-नस्र mp3, अन-नस्र pdf. आयत 1–3. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए








