अल-इखलास · 4/4
अनुवाद उच्चारण — अल-इखलास
وَلَمْ يَكُن لَّهُ كُفُوًا أَحَدٌ ۝٤
Wa lam yakul-lahu kufuwan ahad
📖 हिंदी अर्थ
और उसका कोई हमसर नहीं
📜

अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • كُفُوًا (कुफुवन): समान, बराबर, सदृश, मिसाल या जोड़ी का अर्थ रखता है। अर्थात कोई ऐसा व्यक्ति या वस्तु जो किसी के समान हो या उसके बराबर हो।
  • أَحَدٌ (अहदुन): कोई एक, कोई भी व्यक्ति या चीज़।

व्याख्या:

इस पवित्र आयत में अल्लाह तआला ने अपनी पाक ज़ात की तमाम कमियों से पाक होने की घोषणा की है। अल्लाह तआला फ़रमाता है कि उसका कोई समकक्ष नहीं है, न उसके नामों में, न उसकी सिफ़ात (विशेषताओं) में, और न ही उसके कामों में कोई उसका जोड़ीदार या बराबर वाला है।

यह आयत सूरह अल-इखलास की आख़िरी आयत है, जो तौहीद (एकेश्वरवाद) का सबसे स्पष्ट और संक्षिप्त प्रमाण है। अल्लाह तआला ने इस सूरह में अपनी ज़ात की तीन बुनियादी सिफ़ात बयान की हैं:

  1. वह अहद है (एक और अकेला)।
  2. वह समद है (बेनियाज़, जिस पर सभी को ज़रूरत हो और वह किसी का मोहताज न हो)।
  3. उसका कोई बराबर या समकक्ष नहीं है।

यह आयत शिर्क (बहुदेववाद) की जड़ को काटती है। जो लोग अल्लाह के साथ किसी और को शरीक करते हैं, चाहे वह बुत हों, पैग़ंबर हों, फ़रिश्ते हों या कोई और मख़लूक़, उन्हें यह समझ लेना चाहिए कि अल्लाह की ज़ात, उसके नाम, उसकी सिफ़ात और उसके काम — सब कुछ बेमिसाल है। कोई भी मख़लूक़ उसके क़रीब भी नहीं पहुँच सकता।

यही वह सच्चाई है जो एक मुसलमान को हर शिर्क से बचाती है। जब हमें यह यक़ीन हो जाए कि अल्लाह जैसा कोई नहीं, तो हमारा दिल सिर्फ़ उसी की तरफ़ मुड़ता है, हम सिर्फ़ उसी से मदद माँगते हैं, सिर्फ़ उसी से डरते हैं और सिर्फ़ उसी से प्यार करते हैं। यही ख़ालिस इस्लाम है — यही वह पाक रास्ता है जो हमें जन्नत तक पहुँचाता है।

अल्लाह तआला ने इस सूरह को इतना प्यारा और आसान बना दिया है कि एक मुसलमान इसे पढ़कर अपने रब को पहचान लेता है। यह सूरह क़ुरआन का एक तिहाई हिस्सा बराबर है, क्योंकि इसमें तौहीद का पूरा बयान है। हमें चाहिए कि इस सूरह को पढ़ें, समझें और अपनी ज़िंदगी में इसकी तालीमात पर अमल करें। जो शख्स अल्लाह को इस तरह पहचान लेता है, उसकी ज़िंदगी में बरकत आती है, उसका दिल सुकून पाता है, और वह हर मुश्किल में अल्लाह पर भरोसा करता है — क्योंकि उसे यक़ीन होता है कि उसका रब सबसे बड़ा है, सबसे ताक़तवर है, और उसका कोई जोड़ीदार नहीं।

🎧 सुनें

📜 आयत 2-4 — अल-इखलास

2اللَّهُ الصَّمَدُ
ख़ुदा बरहक़ बेनियाज़ है
3لَمْ يَلِدْ وَلَمْ يُولَدْ
न उसने किसी को जना न उसको किसी ने जना,
4وَلَمْ يَكُن لَّهُ كُفُوًا أَحَدٌ
और उसका कोई हमसर नहीं
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अनुवाद — अल-इखलास 4

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पवित्र क़ुरआन


Tuesday, August 18, 2026

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