Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- मद्दल अर्द: धरती को फैलाना, विस्तृत करना।
- रवासी: पहाड़, जो धरती को जमाए रखते हैं।
- ज़ौजैन: दो प्रकार, दो किस्में (जैसे मीठा और खट्टा, सफेद और काला)।
- युगशी: ढकना, छिपाना (रात का दिन को ढक लेना)।
तफसीर (व्याख्या):
यह आयत अल्लाह तआला की कुदरत और उसकी बेमिसाल रचना के कुछ अजीबोगरीब नमूने पेश करती है। अल्लाह ही वह है जिसने इस विशाल धरती को बिछाया और फैलाया, ताकि इंसान उस पर आराम से रह सके, चल-फिर सके और अपनी ज़रूरतें पूरी कर सके। उसी ने इस धरती में पहाड़ों को गाड़ दिया, जो मेखों (खूँटों) की तरह इसे जमाए रखते हैं, ताकि यह अपने रहने वालों को लेकर झुके या डगमगाए नहीं। उसी ने धरती में नदियाँ जारी कीं, जो पानी का सिलसिला हैं और इंसानों, जानवरों और खेती के लिए जीवन का साधन हैं।
फिर अल्लाह ने धरती में हर प्रकार के फलों की दो-दो किस्में पैदा कीं — जैसे मीठा और खट्टा, सफेद और काला, छोटा और बड़ा। यह विविधता और अलग-अलग रंग-रूप, स्वाद और खुशबू इस बात का सबूत है कि यह सब किसी एक कारीगर की बनाई हुई चीज़ है, जो अपनी हिकमत से सब कुछ बनाता है। इसी तरह, अल्लाह रात को दिन पर ओढ़ा देता है, यानी रात की तारीकी दिन की रोशनी को ढक लेती है, और फिर दिन आकर रात को ढक लेता है। यह नियमित बदलाव, जो कभी नहीं रुकता, अल्लाह की कुदरत की एक और निशानी है।
इन सब चीज़ों में — धरती का फैलाव, पहाड़ों की मज़बूती, नदियों का बहाव, फलों की किस्में, और रात-दिन का बदलना — उन लोगों के लिए बड़ी निशानियाँ हैं जो सोचते-समझते हैं। जो इन पर ग़ौर करता है, वह अल्लाह की कुदरत, उसकी हिकमत और उसकी रहमत को पहचान लेता है और उसके आगे सर झुका देता है।
फ़ायदे (सबक):
- यह आयत हमें सिखाती है कि कुदरत की हर चीज़ को ग़ौर से देखना चाहिए। जो इंसान सोचता है, वही अल्लाह की कुदरत को पहचान पाता है और उसकी इबादत की ओर रुख करता है।
- धरती, पहाड़, नदियाँ और फल — ये सब अल्लाह की रहमत के खज़ाने हैं। इन पर ध्यान देने से इंसान का दिल अल्लाह की मुहब्बत से भर जाता है और वह उसका शुक्र अदा करता है।
- रात और दिन का बदलना हमें याद दिलाता है कि इस दुनिया का सिलसिला किसी कारीगर के हाथ में है। जो इसे बदलता है, वही क़यामत के दिन हमें ज़िंदा करके हिसाब लेगा। यह ईमान और आख़िरत की याद दिलाता है।
- फलों की विविधता और उनके अलग-अलग स्वाद इस बात की दलील है कि अल्लाह हर चीज़ पर क़ादिर है। यह हमें सिखाता है कि हम अपनी ज़िंदगी में अल्लाह पर भरोसा रखें और उसकी दी हुई नेमतों का सही इस्तेमाल करें।
📜 आयत 1-5 — सूरा अर-राद
अनुवाद — अर-राद 3
सूरा अर-राद आयत 3 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : (अपनी) आयतें तफसीलदार बयान करता है और वह वही है…सूरा आयत 3/43 — सूरा अर-राद الرعد (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अर-राद सुनें, सूरा अर-राद अनुवाद, सूरा अर-राद mp3, सूरा अर-राद pdf. आयत 1–5. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Wednesday, September 30, 2026
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