Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- بِغَيْرِ عَمَدٍ: बिना किसी स्तंभ (खंभे) के।
- تَرَوْنَهَا: तुम उन्हें (आकाशों को) देखते हो।
- اسْتَوَى: ऊपर उठना, सिंहासन पर विराजमान होना (जो अल्लाह की शान के अनुकूल है, बिना किसी प्रकार या आकार के)।
- سَخَّرَ: वश में किया, अधीन किया।
- يَجْرِي: चलता है, गतिशील है।
- أَجَلٍ مُّسَمًّى: निर्धारित समय तक।
- يُدَبِّرُ: प्रबंध करता है, योजना बनाता है।
- يُفَصِّلُ: विस्तार से स्पष्ट करता है, खोलकर बयान करता है।
- تُوقِنُونَ: यक़ीन करना, पक्का विश्वास करना।
विस्तृत तफ़सीर:
यह आयत मुसलमानों को अल्लाह की महान शक्ति और उसकी रचना के अद्भुत नज़ारों पर ग़ौर करने की दावत देती है। अल्लाह ही वह (एकमात्र) है जिसने सातों आकाशों को बिना किसी दिखाई देने वाले स्तंभ के ऊपर उठाया। तुम उन्हें अपनी आँखों से देखते हो कि वे बिना किसी सहारे के कैसे खड़े हैं, और यह उसकी कुदरत (शक्ति) का सबसे बड़ा प्रमाण है। इसके बाद वह अपने अर्श (सिंहासन) पर विराजमान हुआ — एक ऐसा उठना और ऊपर होना जो उसकी महानता और जलाल के योग्य है, न किसी प्रकार के साथ और न किसी चीज़ से मिलता-जुलता। उसने सूर्य और चंद्रमा को अपनी रचना के लाभ के लिए वश में कर रखा है; दोनों अपने निर्धारित कक्षाओं में एक निश्चित समय (क़यामत तक) के लिए चलते रहते हैं। वही सारे मामलों का प्रबंधन करता है — आकाश और धरती के हर काम को वही चलाता है, और कोई उसमें उसका साझी नहीं। वह अपनी निशानियों (आयतों) को विस्तार से स्पष्ट करता है ताकि तुम अपने रब से मिलने (आख़िरत) पर पक्का यक़ीन करो, और उसके वादे और डरावने अंजाम को सच मानकर उसकी इबादत में एकाग्र हो जाओ।
फ़ायदे (सीख):
- अल्लाह की कुदरत पर ग़ौर करना इमान की मज़बूती का ज़रिया है — जब इंसान आसमानों की बुलंदी और सूरज-चाँद के नियमित चलने को देखता है, तो उसका दिल अल्लाह की अज़मत (महानता) से भर जाता है और उस पर भरोसा बढ़ता है।
- अल्लाह हर चीज़ का प्रबंधक है — यह आयत हमें सिखाती है कि इस कायनात का हर छोटा-बड़ा काम अल्लाह के हाथ में है। इससे इंसान को सुकून मिलता है कि उसका मामला किसी और के हाथ में नहीं, बल्कि सबसे दयालु और सबसे ताक़तवर के हाथ में है।
- आख़िरत पर यक़ीन ही असली कामयाबी की कुंजी है — अल्लाह ने यह सब निशानियाँ इसलिए बयान कीं ताकि हमें अपने रब से मिलने का यक़ीन हो। यह यक़ीन इंसान को अच्छे कामों की तरफ़ प्रेरित करता है और बुराई से दूर रखता है, क्योंकि वह जानता है कि उसे एक दिन अपने रब के सामने हाज़िर होना है।
- अल्लाह की इबादत में एकाग्रता — जब हमें यक़ीन हो जाए कि सब कुछ अल्लाह के हाथ में है और हमें उसी के पास लौटना है, तो हमारी इबादत ख़ालिस (शुद्ध) हो जाती है और हम किसी और से उम्मीद नहीं रखते। यही तौहीद (एकेश्वरवाद) की असली रूह है।
📜 आयत 1-4 — सूरा अर-राद
अनुवाद — अर-राद 2
सूरा अर-राद आयत 2 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : ख़ुदा वही तो है जिसने आसमानों को जिन्हें तुम देखते…सूरा आयत 2/43 — सूरा अर-राद الرعد (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अर-राद सुनें, सूरा अर-राद अनुवाद, सूरा अर-राद mp3, सूरा अर-राद pdf. आयत 1–4. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Monday, September 28, 2026
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