अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- ضَلَّ سَعْيُهُمْ: उनका किया हुआ काम बेकार और नष्ट हो गया।
- يَحْسَبُونَ: वे समझते हैं, ख़्याल करते हैं।
- يُحْسِنُونَ صُنْعًا: वे अच्छा काम कर रहे हैं, उनका काम अच्छा और सही है।
तफ़सीर (व्याख्या):
ये वे लोग हैं जिनके कर्म और मेहनत दुनिया की ज़िंदगी में बेकार और गुम हो गए। उनका सारा काम इस लायक़ नहीं था कि अल्लाह उसे क़बूल करता, क्योंकि उन्होंने उसे अल्लाह की रज़ा के लिए नहीं किया, बल्कि अपनी ख़्वाहिशों और ग़लत अक़ीदों पर चले। वे कुफ़्र और शिर्क में डूबे हुए थे, और अपने इन ग़लत कामों को ही सही समझ रहे थे। उन्हें यक़ीन था कि वे बहुत अच्छा काम कर रहे हैं और उन्हें इसका फल मिलेगा, लेकिन हक़ीक़त में उनका यह ख़्याल सरासर ग़लत था। वे अपने आपको धोखे में रखे हुए थे, और उनका यह भ्रम उन्हें अल्लाह की रहमत से दूर कर रहा था।
यह आयत हमें बताती है कि इंसान का काम तभी क़बूल होता है जब वह ईमान और सच्ची नीयत पर हो। अगर कोई शख़्स दुनिया में बहुत मेहनत करे, बड़े-बड़े काम करे, लेकिन उसका दिल अल्लाह से दूर हो और वह अपनी मनमानी पर चले, तो उसकी सारी मेहनत अकारथ जाएगी। यह बात हमें सिखाती है कि हमें अपने अमल को सही रास्ते पर लाना चाहिए, और अपने आपको धोखे में नहीं रखना चाहिए। हमें हमेशा यह देखना चाहिए कि हमारा काम अल्लाह की रज़ा के मुताबिक़ है या नहीं, क्योंकि क़यामत के दिन सिर्फ़ वही काम काम आएगा जो ईमान और अच्छी नीयत के साथ किया गया हो।
यह आयत हमें आगाह करती है कि हम अपनी ज़िंदगी में कभी भी अपने आपको सही समझकर ग़लत रास्ते पर न चलें। हमें हमेशा क़ुरआन और सुन्नत की रोशनी में अपने कामों की जाँच करनी चाहिए, ताकि हमारी मेहनत और हमारा सारा काम अल्लाह की रहमत का ज़रिया बने, न कि उसके ग़ज़ब का। अल्लाह हमें सही रास्ते पर चलने की तौफ़ीक़ दे और हमारे कामों को अपनी रज़ा के लिए क़बूल फ़रमाए। आमीन।
📜 आयत 102-106 — अल-कहफ
अनुवाद — अल-कहफ 104
सूरा अल-कहफ आयत 104 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : (ये) वह लोग (हैं) जिन की दुनियावी ज़िन्दगी की राई…सूरा आयत 104/110 — अल-कहफ الكهف (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-कहफ सुनें, अल-कहफ अनुवाद, अल-कहफ mp3, अल-कहफ pdf. आयत 102–106. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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