अल-कहफ · 104/110
अनुवाद उच्चारण — अल-कहफ
الَّذِينَ ضَلَّ سَعْيُهُمْ فِي الْحَيَاةِ الدُّنْيَا وَهُمْ يَحْسَبُونَ أَنَّهُمْ يُحْسِنُونَ صُنْعًا ۝١٠٤
Allazeena dalla sa`yuhum fil hayaatid dunyaa wa hum yahsaboona annahum yuhsinoona sun`aa
📖 हिंदी अर्थ
(ये) वह लोग (हैं) जिन की दुनियावी ज़िन्दगी की राई (कोशिश सब) अकारत हो गई और वह उस ख़ाम ख्याल में हैं कि वह यक़ीनन अच्छे-अच्छे काम कर रहे हैं
📜

अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • ضَلَّ سَعْيُهُمْ: उनका किया हुआ काम बेकार और नष्ट हो गया।
  • يَحْسَبُونَ: वे समझते हैं, ख़्याल करते हैं।
  • يُحْسِنُونَ صُنْعًا: वे अच्छा काम कर रहे हैं, उनका काम अच्छा और सही है।

तफ़सीर (व्याख्या):

ये वे लोग हैं जिनके कर्म और मेहनत दुनिया की ज़िंदगी में बेकार और गुम हो गए। उनका सारा काम इस लायक़ नहीं था कि अल्लाह उसे क़बूल करता, क्योंकि उन्होंने उसे अल्लाह की रज़ा के लिए नहीं किया, बल्कि अपनी ख़्वाहिशों और ग़लत अक़ीदों पर चले। वे कुफ़्र और शिर्क में डूबे हुए थे, और अपने इन ग़लत कामों को ही सही समझ रहे थे। उन्हें यक़ीन था कि वे बहुत अच्छा काम कर रहे हैं और उन्हें इसका फल मिलेगा, लेकिन हक़ीक़त में उनका यह ख़्याल सरासर ग़लत था। वे अपने आपको धोखे में रखे हुए थे, और उनका यह भ्रम उन्हें अल्लाह की रहमत से दूर कर रहा था।

यह आयत हमें बताती है कि इंसान का काम तभी क़बूल होता है जब वह ईमान और सच्ची नीयत पर हो। अगर कोई शख़्स दुनिया में बहुत मेहनत करे, बड़े-बड़े काम करे, लेकिन उसका दिल अल्लाह से दूर हो और वह अपनी मनमानी पर चले, तो उसकी सारी मेहनत अकारथ जाएगी। यह बात हमें सिखाती है कि हमें अपने अमल को सही रास्ते पर लाना चाहिए, और अपने आपको धोखे में नहीं रखना चाहिए। हमें हमेशा यह देखना चाहिए कि हमारा काम अल्लाह की रज़ा के मुताबिक़ है या नहीं, क्योंकि क़यामत के दिन सिर्फ़ वही काम काम आएगा जो ईमान और अच्छी नीयत के साथ किया गया हो।

यह आयत हमें आगाह करती है कि हम अपनी ज़िंदगी में कभी भी अपने आपको सही समझकर ग़लत रास्ते पर न चलें। हमें हमेशा क़ुरआन और सुन्नत की रोशनी में अपने कामों की जाँच करनी चाहिए, ताकि हमारी मेहनत और हमारा सारा काम अल्लाह की रहमत का ज़रिया बने, न कि उसके ग़ज़ब का। अल्लाह हमें सही रास्ते पर चलने की तौफ़ीक़ दे और हमारे कामों को अपनी रज़ा के लिए क़बूल फ़रमाए। आमीन।

🎧 सुनें

📜 आयत 102-106 — अल-कहफ

102أَفَحَسِبَ الَّذِينَ كَفَرُوا أَن يَتَّخِذُوا عِبَادِي مِن دُونِي أَوْلِيَاءَ ۚ إِنَّا أَعْتَدْنَا جَهَنَّمَ لِلْكَافِرِينَ نُزُلًا
तो क्या जिन लोगों ने कुफ्र एख्तियार किया इस ख्याल में हैं कि हमको छोड़कर हमारे बन्दों को अपना सरपरस्त बना लें (कुछ पूछगछ न होगी) (अच्छा सुनो) हमने काफिरों की मेहमानदारी के लिए जहन्नुम तैयार कर रखी है
103قُلْ هَلْ نُنَبِّئُكُم بِالْأَخْسَرِينَ أَعْمَالًا
(ऐ रसूल) तुम कह दो कि क्या हम उन लोगों का पता बता दें जो लोग आमाल की हैसियत से बहुत घाटे में हैं
104الَّذِينَ ضَلَّ سَعْيُهُمْ فِي الْحَيَاةِ الدُّنْيَا وَهُمْ يَحْسَبُونَ أَنَّهُمْ يُحْسِنُونَ صُنْعًا
(ये) वह लोग (हैं) जिन की दुनियावी ज़िन्दगी की राई (कोशिश सब) अकारत हो गई और वह उस ख़ाम ख्याल में हैं कि वह यक़ीनन अच्छे-अच्छे काम कर रहे हैं
105أُولَٰئِكَ الَّذِينَ كَفَرُوا بِآيَاتِ رَبِّهِمْ وَلِقَائِهِ فَحَبِطَتْ أَعْمَالُهُمْ فَلَا نُقِيمُ لَهُمْ يَوْمَ الْقِيَامَةِ وَزْنًا
यही वह लोग हैं जिन्होंने अपने परवरदिगार की आयातों से और (क़यामत के दिन) उसके सामने हाज़िर होने से इन्कार किया तो उनका सब किया कराया अकारत हुआ तो हम उसके लिए क़यामत के दिन मीजान हिसाब भी क़ायम न करेंगे
106ذَٰلِكَ جَزَاؤُهُمْ جَهَنَّمُ بِمَا كَفَرُوا وَاتَّخَذُوا آيَاتِي وَرُسُلِي هُزُوًا
(और सीधे जहन्नुम में झोंक देगें) ये जहन्नुम उनकी करतूतों का बदला है कि उन्होंने कुफ्र एख्तियार किया और मेरी आयतों और मेरे रसूलों को हँसी ठठ्ठा बना लिया
अल-कहफकुरान सूची
110आयत
मक्कीRevelation
104आयत

अनुवाद — अल-कहफ 104

सूरा अल-कहफ आयत 104 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : (ये) वह लोग (हैं) जिन की दुनियावी ज़िन्दगी की राई…

सूरा आयत 104/110 — अल-कहफ الكهف (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-कहफ सुनें, अल-कहफ अनुवाद, अल-कहफ mp3, अल-कहफ pdf. आयत 102–106. हिंदी अर्थ: اردو.




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Tuesday, August 18, 2026

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