अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- فِئَةٌ – समूह, जत्था, साथी
- يَنصُرُونَهُ – उसकी सहायता करते
- مِن دُونِ اللَّهِ – अल्लाह के सिवा, अल्लाह से हटकर
- مُنتَصِرًا – अपनी ताकत से बच निकलने वाला, प्रतिशोध लेने वाला
तफ़सीर:
यह आयत उस धनवान व्यक्ति के दुखद अंत का वर्णन कर रही है जिसने अपने धन और बाग़ों पर घमंड किया था और अल्लाह के दिए हुए आशीर्वादों को भुला दिया था। जब उसके बाग़ तबाह हो गए और उसकी सारी दौलत बर्बाद हो गई, तो वह बिल्कुल अकेला रह गया।
उस समय उसके पास न तो कोई ऐसा समूह था जो उसकी मदद करता, और न ही वह अपनी ताकत से अल्लाह की पकड़ से बच सका। यह वही व्यक्ति था जो पहले अपने साथियों और धन-दौलत पर इतराया करता था, लेकिन जब मुसीबत आई तो उसके सारे साथी उससे दूर हो गए और उसकी ताकत भी काम न आई।
यह एक बहुत बड़ा सबक है हमारे लिए कि अल्लाह के सिवा कोई भी सहारा, कोई भी ताकत, कोई भी समूह हमें उसकी पकड़ से नहीं बचा सकता। जिस व्यक्ति ने अपने धन, अपनी औलाद, अपनी सामाजिक हैसियत पर भरोसा किया, वह अंततः निराश हुआ।
प्यारे भाइयों और बहनों! याद रखिए, यह दुनिया की सारी चीज़ें – धन, संपत्ति, रिश्तेदार, दोस्त – सब कुछ अल्लाह की देन हैं। जब अल्लाह चाहता है, तो ये सब छीन सकता है। इसलिए हमें इन पर घमंड नहीं करना चाहिए, बल्कि अल्लाह का शुक्रिया अदा करना चाहिए और उसकी राह में इन्हें खर्च करना चाहिए।
यह आयत हमें सिखाती है कि सच्ची इज़्ज़त और सुरक्षा सिर्फ अल्लाह के पास है। जो व्यक्ति अल्लाह पर भरोसा करता है, अल्लाह उसे कभी अकेला नहीं छोड़ता। लेकिन जो अल्लाह को भूलकर दुनिया के सहारों पर निर्भर हो जाता है, उसका अंजाम बहुत बुरा होता है।
आओ, हम सब अपने जीवन में यह संकल्प करें कि हम हमेशा अल्लाह पर भरोसा रखेंगे, उसकी दी हुई नेमतों का सही इस्तेमाल करेंगे और कभी घमंड नहीं करेंगे। क्योंकि असली कामयाबी उसी की है जो अल्लाह की राह पर चले।
📜 आयत 41-45 — अल-कहफ
अनुवाद — अल-कहफ 43
सूरा अल-कहफ आयत 43 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और ख़ुदा के सिवा उसका कोई जत्था भी न था…सूरा आयत 43/110 — अल-कहफ الكهف (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-कहफ सुनें, अल-कहफ अनुवाद, अल-कहफ mp3, अल-कहफ pdf. आयत 41–45. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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