अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- الضَّلَالَةِ: सत्य पथ से भटकना, कुफ्र और गुमराही।
- فَلْيَمْدُدْ لَهُ الرَّحْمَنُ مَدًّا: अल्लाह उसे उसकी गुमराही में ढील देता रहे और उसे बढ़ावा देता रहे।
- مَكَانًا: ठिकाना, निवास स्थान।
- أَضْعَفُ جُندًا: सेना और सहायकों की दृष्टि से सबसे कमज़ोर।
तफसीर:
ऐ नबी! आप इन मुनकिरीन से कह दीजिए कि जो कोई भी सत्य से भटककर गुमराही में पड़ा हुआ है, तो रहमान (अल्लाह) उसे उसकी गुमराही में मुहलत देता रहता है और उसे बढ़ावा देता रहता है। यह अल्लाह की ओर से उसकी सज़ा को टालना नहीं है, बल्कि यह उसकी परीक्षा और उसके लिए एक अवसर है, ताकि वह और अधिक गुमराह होता जाए। यह अल्लाह की रहमत का एक रूप है कि वह इंसान को उसकी ज़िद और सरकशी के बावजूद तुरंत पकड़ नहीं लेता, बल्कि उसे मौका देता है, ताकि वह सुधर जाए।
यहाँ तक कि जब वे उस चीज़ को आँखों से देख लेंगे जिसका उन्हें वादा दिया गया है — चाहे वह दुनिया में आने वाला अज़ाब हो (जैसे कि मुसलमानों के हाथों उनकी हार, क़त्ल, या क़ैद) या फिर क़यामत का दिन हो (जब वे जहन्नम की आग में झोंक दिए जाएँगे) — उस वक़्त उन्हें साफ़ पता चल जाएगा कि कौन बदतर ठिकाने वाला है और कौन सबसे कमज़ोर सेना वाला है। उस दिन वे ख़ुद देख लेंगे कि असली बुरा ठिकाना और कमज़ोर सहायक उनका है, न कि ईमानवालों का। मोमिनीन का ठिकाना जन्नत है और उनकी सेना अल्लाह की मदद से सबसे मज़बूत है, जबकि काफ़िरों का ठिकाना जहन्नम है और उनकी सेना बिल्कुल बेबस और कमज़ोर है।
दावती पहलू:
यह आयत हमें बताती है कि अल्लाह रहमान है और अपने बंदों पर बहुत मेहरबान है। वह गुनाहगारों को फौरन सज़ा नहीं देता, बल्कि उन्हें तौबा करने का मौका देता है। यह अल्लाह की रहमत की एक झलक है कि वह चाहता है कि उसके बंदे उसकी ओर लौट आएँ। लेकिन यह भी याद रखना चाहिए कि अल्लाह की मुहलत उसकी पकड़ से बचने का ज़रिया नहीं है। जब वक़्त आ जाएगा, तो हर शख्स को अपने किए का नतीजा भुगतना ही पड़ेगा। इसलिए हमें चाहिए कि हम अल्लाह की रहमत का फायदा उठाएँ, अपनी गुमराही से तौबा करें, और सीधे रास्ते पर चलें, ताकि उस दिन हम उन लोगों में से न हों जिनका ठिकाना बुरा हो और जिनकी सेना कमज़ोर हो। अल्लाह हमें सीधे रास्ते पर चलने की तौफ़ीक़ दे। आमीन।
📜 आयत 73-77 — मरियम
अनुवाद — मरियम 75
सूरा मरियम आयत 75 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : (ऐ रसूल) कह दो कि जो शख्स गुमराही में पड़ा…सूरा आयत 75/98 — मरियम مريم (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: मरियम सुनें, मरियम अनुवाद, मरियम mp3, मरियम pdf. आयत 73–77. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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