Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- اهْتَدَوْا: जिन्होंने मार्गदर्शन प्राप्त किया, यानी ईमान लाए और सीधे रास्ते पर चले।
- هُدًى: मार्गदर्शन, ईमान और सत्य की समझ में वृद्धि।
- الْبَاقِيَاتُ الصَّالِحَاتُ: वे नेक कार्य जो स्थायी हों और जिनका अच्छा प्रभाव बना रहे, जैसे नमाज़, ज़िक्र, सच्चाई, अच्छे आचरण आदि।
- ثَوَابًا: बदला, पुरस्कार।
- مَرَدًّا: अंतिम परिणाम, लौटने की जगह, यानी आख़िरत में अच्छा ठिकाना।
तफ़सीर (व्याख्या):
अल्लाह तआला अपने उन बंदों को, जिन्होंने ईमान और हिदायत का रास्ता अपना लिया है, लगातार और भी ज़्यादा हिदायत और ईमान की रोशनी प्रदान करता है। जैसे-जैसे वे अल्लाह के आदेशों पर अमल करते हैं और उसकी राह में कदम बढ़ाते हैं, अल्लाह उनके दिलों में समझ, यक़ीन और नेकी की तरफ़ रग़बत बढ़ाता जाता है। यह अल्लाह की विशेष कृपा है कि वह हिदायत पाने वालों को और हिदायत देता है, और उनके अच्छे कर्मों को उनके लिए रौशनी और सहारा बनाता है।
फिर अल्लाह फ़रमाता है कि जो नेक कार्य स्थायी और पुण्यमय हैं—जैसे नमाज़, ज़िक्र, सच्चाई, अमानतदारी, माता-पिता की सेवा, और दूसरों के साथ भलाई—वे दुनिया के अस्थायी सुखों से कहीं बेहतर हैं। तुम्हारे रब के पास इनका बदला बहुत बड़ा है, और आख़िरत में इनका अंजाम बेहतरीन होगा। दुनिया का माल और ठाठ-बाठ तो ख़त्म हो जाता है, लेकिन नेकियाँ क़यामत के दिन काम आएँगी और इंसान को जन्नत तक पहुँचाएँगी।
दावती पहलू:
यह आयत हमें बताती है कि अल्लाह की राह पर चलना कोई मुश्किल काम नहीं, बल्कि यह एक ऐसा रास्ता है जो हर कदम पर नई रोशनी और सुकून देता है। जो लोग ईमान लाते हैं और नेक अमल करते हैं, अल्लाह उन्हें कभी अकेला नहीं छोड़ता—वह उनके दिल को और साफ़ करता है, उनकी समझ को और बढ़ाता है, और उन्हें अच्छाई पर क़ायम रखता है। यही असली कामयाबी है। दुनिया की दौलत और शोहरत चाहे कितनी भी बड़ी हो, वह एक दिन ख़त्म हो जाती है, लेकिन नेकियाँ वह पूँजी हैं जो आख़िरत में हमारे काम आएँगी। इसलिए हमें चाहिए कि हम अपनी ज़िंदगी को नेक कामों से भरें, क्योंकि यही वह चीज़ है जो हमें अल्लाह के करीब ले जाती है और हमें सच्ची ख़ुशी और सुकून देती है। अल्लाह का वादा है कि नेक लोगों का अंजाम बेहतरीन होगा—यही हमारी सबसे बड़ी उम्मीद और सहारा है।
📜 आयत 74-78 — सूरा मरियम
अनुवाद — मरियम 76
सूरा मरियम आयत 76 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और जो लोग राहे रास्त पर हैं खुदा उनकी हिदायत…सूरा आयत 76/98 — सूरा मरियम مريم (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा मरियम सुनें, सूरा मरियम अनुवाद, सूरा मरियम mp3, सूरा मरियम pdf. आयत 74–78. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Thursday, October 1, 2026
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