मरियम · 76/98
अनुवाद उच्चारण — मरियम
وَيَزِيدُ اللَّهُ الَّذِينَ اهْتَدَوْا هُدًى ۗ وَالْبَاقِيَاتُ الصَّالِحَاتُ خَيْرٌ عِندَ رَبِّكَ ثَوَابًا وَخَيْرٌ مَّرَدًّا ۝٧٦
Wa yazeedul laahul lazeenah tadaw hudaa; wal baaqiyaatus saalihaatu khairun `inda Rabbika sawaabanw wa khairum maraddaa
📖 हिंदी अर्थ
और जो लोग राहे रास्त पर हैं खुदा उनकी हिदायत और ज्यादा करता जाता है और बाक़ी रह जाने वाली नेकियाँ तुम्हारे परवरदिगार के नज़दीक सवाब की राह से भी बेहतर है और अन्जाम के ऐतबार से (भी) बेहतर है
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अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • اهْتَدَوْا: जिन्होंने मार्गदर्शन प्राप्त किया, यानी ईमान लाए और सीधे रास्ते पर चले।
  • هُدًى: मार्गदर्शन, ईमान और सत्य की समझ में वृद्धि।
  • الْبَاقِيَاتُ الصَّالِحَاتُ: वे नेक कार्य जो स्थायी हों और जिनका अच्छा प्रभाव बना रहे, जैसे नमाज़, ज़िक्र, सच्चाई, अच्छे आचरण आदि।
  • ثَوَابًا: बदला, पुरस्कार।
  • مَرَدًّا: अंतिम परिणाम, लौटने की जगह, यानी आख़िरत में अच्छा ठिकाना।

तफ़सीर (व्याख्या):

अल्लाह तआला अपने उन बंदों को, जिन्होंने ईमान और हिदायत का रास्ता अपना लिया है, लगातार और भी ज़्यादा हिदायत और ईमान की रोशनी प्रदान करता है। जैसे-जैसे वे अल्लाह के आदेशों पर अमल करते हैं और उसकी राह में कदम बढ़ाते हैं, अल्लाह उनके दिलों में समझ, यक़ीन और नेकी की तरफ़ रग़बत बढ़ाता जाता है। यह अल्लाह की विशेष कृपा है कि वह हिदायत पाने वालों को और हिदायत देता है, और उनके अच्छे कर्मों को उनके लिए रौशनी और सहारा बनाता है।

फिर अल्लाह फ़रमाता है कि जो नेक कार्य स्थायी और पुण्यमय हैं—जैसे नमाज़, ज़िक्र, सच्चाई, अमानतदारी, माता-पिता की सेवा, और दूसरों के साथ भलाई—वे दुनिया के अस्थायी सुखों से कहीं बेहतर हैं। तुम्हारे रब के पास इनका बदला बहुत बड़ा है, और आख़िरत में इनका अंजाम बेहतरीन होगा। दुनिया का माल और ठाठ-बाठ तो ख़त्म हो जाता है, लेकिन नेकियाँ क़यामत के दिन काम आएँगी और इंसान को जन्नत तक पहुँचाएँगी।

दावती पहलू:

यह आयत हमें बताती है कि अल्लाह की राह पर चलना कोई मुश्किल काम नहीं, बल्कि यह एक ऐसा रास्ता है जो हर कदम पर नई रोशनी और सुकून देता है। जो लोग ईमान लाते हैं और नेक अमल करते हैं, अल्लाह उन्हें कभी अकेला नहीं छोड़ता—वह उनके दिल को और साफ़ करता है, उनकी समझ को और बढ़ाता है, और उन्हें अच्छाई पर क़ायम रखता है। यही असली कामयाबी है। दुनिया की दौलत और शोहरत चाहे कितनी भी बड़ी हो, वह एक दिन ख़त्म हो जाती है, लेकिन नेकियाँ वह पूँजी हैं जो आख़िरत में हमारे काम आएँगी। इसलिए हमें चाहिए कि हम अपनी ज़िंदगी को नेक कामों से भरें, क्योंकि यही वह चीज़ है जो हमें अल्लाह के करीब ले जाती है और हमें सच्ची ख़ुशी और सुकून देती है। अल्लाह का वादा है कि नेक लोगों का अंजाम बेहतरीन होगा—यही हमारी सबसे बड़ी उम्मीद और सहारा है।

🎧 सुनें

📜 आयत 74-78 — मरियम

74وَكَمْ أَهْلَكْنَا قَبْلَهُم مِّن قَرْنٍ هُمْ أَحْسَنُ أَثَاثًا وَرِئْيًا
हालाँकि हमने उनसे पहले बहुत सी जमाअतों को हलाक कर छोड़ा जो उनसे साज़ो सामान और ज़ाहिरी नमूद में कहीं बढ़ चढ़ के थी
75قُلْ مَن كَانَ فِي الضَّلَالَةِ فَلْيَمْدُدْ لَهُ الرَّحْمَٰنُ مَدًّا ۚ حَتَّىٰ إِذَا رَأَوْا مَا يُوعَدُونَ إِمَّا الْعَذَابَ وَإِمَّا السَّاعَةَ فَسَيَعْلَمُونَ مَنْ هُوَ شَرٌّ مَّكَانًا وَأَضْعَفُ جُندًا
(ऐ रसूल) कह दो कि जो शख्स गुमराही में पड़ा है तो खुदा उसको ढ़ील ही देता चला जाता है यहाँ तक कि उस चीज़ को (अपनी ऑंखों से) देख लेंगे जिनका उनसे वायदा किया गया है या अज़ाब या क़यामत तो उस वक्त उन्हें मालूम हो जाएगा कि मरतबे में कौन बदतर है और लश्कर (जत्थे) में कौन कमज़ोर है (बेकस) है
76وَيَزِيدُ اللَّهُ الَّذِينَ اهْتَدَوْا هُدًى ۗ وَالْبَاقِيَاتُ الصَّالِحَاتُ خَيْرٌ عِندَ رَبِّكَ ثَوَابًا وَخَيْرٌ مَّرَدًّا
और जो लोग राहे रास्त पर हैं खुदा उनकी हिदायत और ज्यादा करता जाता है और बाक़ी रह जाने वाली नेकियाँ तुम्हारे परवरदिगार के नज़दीक सवाब की राह से भी बेहतर है और अन्जाम के ऐतबार से (भी) बेहतर है
77أَفَرَأَيْتَ الَّذِي كَفَرَ بِآيَاتِنَا وَقَالَ لَأُوتَيَنَّ مَالًا وَوَلَدًا
(ऐ रसूल) क्या तुमने उस शख्स पर भी नज़र की जिसने हमारी आयतों से इन्कार किया और कहने लगा कि (अगर क़यामत हुईतो भी) मुझे माल और औलाद ज़रूर मिलेगी
78أَطَّلَعَ الْغَيْبَ أَمِ اتَّخَذَ عِندَ الرَّحْمَٰنِ عَهْدًا
क्या उसे ग़ैब का हाल मालूम हो गया है या उसने खुदा से कोई अहद (व पैमान) ले रखा है हरग़िज नहीं
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अनुवाद — मरियम 76

सूरा मरियम आयत 76 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और जो लोग राहे रास्त पर हैं खुदा उनकी हिदायत…

सूरा आयत 76/98 — मरियम مريم (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: मरियम सुनें, मरियम अनुवाद, मरियम mp3, मरियम pdf. आयत 74–78. हिंदी अर्थ: اردو.




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Tuesday, August 18, 2026

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