अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- السِّلْم (अस-सिल्म): इस्लाम, आज्ञाकारिता और समर्पण।
- كَافَّةً (क़ाफ़्फ़तन): पूर्ण रूप से, सम्पूर्ण, सभी भागों सहित।
- خُطُوَاتِ (ख़ुतुवात): क़दमों के निशान, राहें, तरीक़े।
- عَدُوٌّ مُّبِينٌ (अदुव्वुन मुबीन): खुला और स्पष्ट शत्रु।
तफ़सीर (व्याख्या):
हे ईमानवालो! तुम सब मिलकर इस्लाम में पूर्ण रूप से प्रवेश करो। इसका अर्थ यह है कि तुम केवल कुछ आदेशों को मानकर संतुष्ट न हो जाओ, बल्कि इस्लाम के सभी आदेशों, नियमों और शिक्षाओं को बिना किसी भेदभाव के अपनाओ। जिस प्रकार पहले की किताबों वालों (अहले-किताब) ने कुछ बातों पर ईमान रखा और कुछ को अस्वीकार कर दिया, उसी प्रकार तुम भी इस्लाम के किसी भी हिस्से को न छोड़ो।
साथ ही, शैतान के निशानों पर न चलो, अर्थात उसके उन तरीक़ों और रास्तों से बचो जिनके द्वारा वह तुम्हें गुनाहों और अवज्ञा की ओर बुलाता है। वह तुम्हारा खुला शत्रु है, उसकी दुश्मनी कोई छिपी हुई बात नहीं है, बल्कि उसने आदम (अलैहिस्सलाम) के समय से ही स्पष्ट रूप से अपनी शत्रुता का प्रदर्शन किया है। इसलिए उससे सावधान रहो और उसकी बातों में आकर अपने ईमान को कमज़ोर न करो।
फ़ायदे (लाभ):
- इस्लाम एक सम्पूर्ण जीवन-प्रणाली है। इसे अधूरा नहीं माना जा सकता; इसे पूर्ण रूप से अपनाना ही सच्चा ईमान है।
- ईमान और इस्लाम में आधे-अधूरेपन की गुंजाइश नहीं। जो व्यक्ति कुछ आदेश माने और कुछ छोड़ दे, वह वास्तव में उसी रवैये का अनुसरण करता है जो अहले-किताब में पाया जाता था।
- शैतान को खुला शत्रु मानकर उससे सतर्क रहना चाहिए। जो व्यक्ति अपने शत्रु को पहचान ले, वह उसके जाल में आसानी से नहीं फँसता।
- यह आयत मुसलमानों को एकता और पूर्ण समर्पण की शिक्षा देती है, जिससे समाज में भाईचारा और स्थिरता आती है।
- इस्लाम की राह ही सच्ची कामयाबी की राह है; इसे पूर्ण रूप से अपनाने से ही दुनिया और आख़िरत की भलाई मिलती है।
📜 आयत 206-210 — अल-बकरा
अनुवाद — अल-बकरा 208
सूरा अल-बकरा आयत 208 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : ईमान वालों तुम सबके सब एक बार इस्लाम में (पूरी…सूरा आयत 208/286 — अल-बकरा البقرة (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-बकरा सुनें, अल-बकरा अनुवाद, अल-बकरा mp3, अल-बकरा pdf. आयत 206–210. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए








