ताहा · 2/135
अनुवाद उच्चारण — सूरा ताहा
مَا أَنزَلْنَا عَلَيْكَ الْقُرْآنَ لِتَشْقَىٰ ۝٢
Maaa anzalnaa `alaikal Qur-aana litashqaaa
📖 हिंदी अर्थ
हमने तुम पर कुरान इसलिए नाज़िल नहीं किया कि तुम (इस क़दर) मशक्क़त उठाओ

M Mishary Rashid Alafasy ✓
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अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • لِتَشْقَىٰ: ताकि तुम कष्ट उठाओ, तकलीफ़ में पड़ो, या अपने आप को सख्त मेहनत में डालो।

तफ़सीर (व्याख्या):

ऐ नबी! हमने आप पर यह क़ुरआन इसलिए नाज़िल नहीं किया कि आप इसकी वजह से मुश्किल में पड़ जाएँ, या अपनी जान को सख्त मशक्कत में डाल दें। यह वह ग़लतफ़हमी थी जो शुरुआती दौर में कुछ लोगों को हुई, जब उन्होंने देखा कि रसूलुल्लाह ﷺ इबादत में इतना वक़्त गुज़ारते हैं कि कभी-कभी एक पैर पर खड़े होकर नमाज़ पढ़ते रहते हैं, यहाँ तक कि उनके पैर सूज जाते थे। उन्होंने समझा कि शायद क़ुरआन का नाज़िल होना ही आपके लिए बोझ और तकलीफ़ का सबब बना है।

अल्लाह तआला ने इस आयत में साफ़ फ़रमा दिया कि यह क़ुरआन आपको तकलीफ़ देने के लिए नहीं उतारा गया। हमने इसे आप पर इसलिए नाज़िल किया कि यह आपके लिए रहमत, हिदायत और नूर बने — न कि आपके लिए बोझ। हाँ, अगर किसी ने इसे अपने ऊपर बोझ बना लिया, तो यह उसकी अपनी समझ की कमी है। क़ुरआन तो उस चीज़ का ज़रिया है जो दिल को सुकून दे, रूह को तरोताज़ा करे और इंसान को अल्लाह से जोड़े।

यह आयत हमें एक बहुत बड़ी शिक्षा देती है कि दीन में ज़्यादती और इफ़रात (अति) नहीं चाहिए। अल्लाह ने अपने नबी को भी हल्का करने का हुक्म दिया, ताकि उम्मत के लिए आसानी का रास्ता साफ़ हो जाए। इसलिए हमें चाहिए कि इबादत में भी नबी ﷺ के तरीक़े को अपनाएँ — जो संतुलित, आसान और प्यार भरा है — और क़ुरआन को अपने लिए रहमत बनाएँ, न कि मुसीबत। क़ुरआन तो वह किताब है जो हर उस दिल के लिए शिफ़ा है जो सच्चे दिल से इसे पढ़ता और समझता है।



📜 आयत 1-4 — सूरा ताहा

1طه
ऐ ता हा (रसूलअल्लाह)
2مَا أَنزَلْنَا عَلَيْكَ الْقُرْآنَ لِتَشْقَىٰ
हमने तुम पर कुरान इसलिए नाज़िल नहीं किया कि तुम (इस क़दर) मशक्क़त उठाओ
3إِلَّا تَذْكِرَةً لِّمَن يَخْشَىٰ
मगर जो शख्स खुदा से डरता है उसके लिए नसीहत (क़रार दिया है)
4تَنزِيلًا مِّمَّنْ خَلَقَ الْأَرْضَ وَالسَّمَاوَاتِ الْعُلَى
(ये) उस शख्स की तरफ़ से नाज़िल हुआ है जिसने ज़मीन और ऊँचे-ऊँचे आसमानों को पैदा किया
ताहाकुरान सूची
135आयत
मक्कीअवतरण स्थान
2आयत

अनुवाद — ताहा 2

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पवित्र क़ुरआन


Tuesday, September 29, 2026

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