अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- हारून — मूसा (अलैहिस्सलाम) के भाई, हारून बिन इमरान।
- अखी — मेरा भाई।
तफ़सीर:
इस आयत में मूसा (अलैहिस्सलाम) अल्लाह तआला से दुआ कर रहे हैं कि ऐ मेरे रब! मेरे सीने को कुशादा कर दे, मेरे काम को आसान कर दे, और मेरी ज़ुबान की ग्रंथि खोल दे ताकि लोग मेरी बात अच्छी तरह समझ सकें। फिर वे अल्लाह से एक और बड़ी माँग करते हैं — कि मेरे ख़ानदान में से मेरे भाई हारून को मेरा मददगार बना दे।
मूसा (अलैहिस्सलाम) ने हारून को इसलिए चुना क्योंकि वे उनके सगे भाई थे, और उनकी ज़ुबान भी फ़सीह थी, वे बोलने में स्पष्ट और प्रभावी थे। मूसा ने अल्लाह से यह भी दुआ की कि उन्हें मेरी कमर मज़बूत करने वाला बना, और उन्हें मेरे नबुव्वत के काम में शरीक कर दे, ताकि हम दोनों मिलकर तेरी तस्बीह करें, तेरी बहुत ज़्यादा याद करें, और तेरी हम्द बयान करें। मूसा ने यह भी कहा कि ऐ मेरे रब! तू हमारे हाल को देखने वाला है, तुझसे हमारा कोई भी काम छिपा नहीं है।
यह दुआ सिखाती है कि इंसान को चाहिए कि वह अल्लाह से अपने काम में आसानी, सीने की कुशादगी, और अच्छे साथी की दुआ माँगे। मूसा (अलैहिस्सलाम) ने अपने भाई को अपना साथी बनाने की दुआ की, जो इस बात की दलील है कि नेक काम में मददगार और साथी चुनना सुन्नत है। यह भी सबक है कि अल्लाह से उन लोगों की मदद माँगनी चाहिए जो दीन के काम में हमारा हाथ बटाएँ, और हमें अच्छे कामों में ताक़त दें।
अल्लाह तआला ने मूसा की यह दुआ क़ुबूल की और हारून को उनका नबी और साथी बनाया। यह अल्लाह की रहमत है कि वह अपने नेक बंदों की दुआएँ सुनता है और उन्हें बेहतरीन साथी और मददगार अता करता है। हमें भी चाहिए कि हम अल्लाह से दुआ करें कि वह हमें नेक साथी, नेक दोस्त और दीन के काम में मददगार लोगों से मिलाए, और हमारे कामों को आसान करे।
📜 आयत 28-32 — ताहा
अनुवाद — ताहा 30
सूरा ताहा आयत 30 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : को मेरा वज़ीर बोझ बटाने वाला बना देसूरा आयत 30/135 — ताहा طه (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: ताहा सुनें, ताहा अनुवाद, ताहा mp3, ताहा pdf. आयत 28–32. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए








