ताहा · 30/135
अनुवाद उच्चारण — सूरा ताहा
هَارُونَ أَخِي ۝٣٠
Haaroona akhee
📖 हिंदी अर्थ
को मेरा वज़ीर बोझ बटाने वाला बना दे

M Mishary Rashid Alafasy ✓
M Mahmoud Khalil Al-Husary ✓
A Abdurrahman As-Sudais ✓
M Mohamed Siddiq Al-Minshawi ✓
A Abdul Basit Abdul Samad ✓
A Ali Al-Hudhaify ✓
A Ahmed ibn Ali al-Ajamy ✓
A Abu Bakr Ash-Shaatree ✓
M Muhammad Ayyoub ✓
A Abdullah Basfar ✓
A Abdullah Al-Juhani ✓
M Maher Al Muaiqly ✓
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अनुवाद — Tafsir

शब्दार्थ:

  • हारून — मूसा (अलैहिस्सलाम) के भाई, हारून बिन इमरान।
  • अखी — मेरा भाई।

तफ़सीर:

इस आयत में मूसा (अलैहिस्सलाम) अल्लाह तआला से दुआ कर रहे हैं कि ऐ मेरे रब! मेरे सीने को कुशादा कर दे, मेरे काम को आसान कर दे, और मेरी ज़ुबान की ग्रंथि खोल दे ताकि लोग मेरी बात अच्छी तरह समझ सकें। फिर वे अल्लाह से एक और बड़ी माँग करते हैं — कि मेरे ख़ानदान में से मेरे भाई हारून को मेरा मददगार बना दे।

मूसा (अलैहिस्सलाम) ने हारून को इसलिए चुना क्योंकि वे उनके सगे भाई थे, और उनकी ज़ुबान भी फ़सीह थी, वे बोलने में स्पष्ट और प्रभावी थे। मूसा ने अल्लाह से यह भी दुआ की कि उन्हें मेरी कमर मज़बूत करने वाला बना, और उन्हें मेरे नबुव्वत के काम में शरीक कर दे, ताकि हम दोनों मिलकर तेरी तस्बीह करें, तेरी बहुत ज़्यादा याद करें, और तेरी हम्द बयान करें। मूसा ने यह भी कहा कि ऐ मेरे रब! तू हमारे हाल को देखने वाला है, तुझसे हमारा कोई भी काम छिपा नहीं है।

यह दुआ सिखाती है कि इंसान को चाहिए कि वह अल्लाह से अपने काम में आसानी, सीने की कुशादगी, और अच्छे साथी की दुआ माँगे। मूसा (अलैहिस्सलाम) ने अपने भाई को अपना साथी बनाने की दुआ की, जो इस बात की दलील है कि नेक काम में मददगार और साथी चुनना सुन्नत है। यह भी सबक है कि अल्लाह से उन लोगों की मदद माँगनी चाहिए जो दीन के काम में हमारा हाथ बटाएँ, और हमें अच्छे कामों में ताक़त दें।

अल्लाह तआला ने मूसा की यह दुआ क़ुबूल की और हारून को उनका नबी और साथी बनाया। यह अल्लाह की रहमत है कि वह अपने नेक बंदों की दुआएँ सुनता है और उन्हें बेहतरीन साथी और मददगार अता करता है। हमें भी चाहिए कि हम अल्लाह से दुआ करें कि वह हमें नेक साथी, नेक दोस्त और दीन के काम में मददगार लोगों से मिलाए, और हमारे कामों को आसान करे।



📜 आयत 28-32 — सूरा ताहा

28يَفْقَهُوا قَوْلِي
ताकि लोग मेरी बात अच्छी तरह समझें और
29وَاجْعَل لِّي وَزِيرًا مِّنْ أَهْلِي
मेरे कीनेवालों में से मेरे भाई हारून
30هَارُونَ أَخِي
को मेरा वज़ीर बोझ बटाने वाला बना दे
31اشْدُدْ بِهِ أَزْرِي
उसके ज़रिए से मेरी पुश्त मज़बूत कर दे
32وَأَشْرِكْهُ فِي أَمْرِي
और मेरे काम में उसको मेरा शरीक बना
ताहाकुरान सूची
135आयत
मक्कीअवतरण स्थान
30आयत

अनुवाद — ताहा 30

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Friday, October 2, 2026

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