अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- وَزِيرًا: सहायक, मददगार, साथी।
- مِّنْ أَهْلِي: मेरे परिवार में से, मेरे अपनों में से।
तफ़सीर (व्याख्या):
हज़रत मूसा (अलैहिस्सलाम) ने अपने रब से दुआ की कि वह उन्हें एक सहायक और मददगार प्रदान करे जो उनके परिवार में से हो। यह दुआ उन्होंने उस समय की जब अल्लाह ने उन्हें फ़िरऔन के पास जाने और उसे सच्चाई का संदेश देने का आदेश दिया था। उन्होंने यह इसलिए मांगा ताकि वह व्यक्ति उनके काम में सहायता करे, उनका बोझ हल्का करे, और उनके मिशन को पूरा करने में उनका साथ दे। यह सहायक उनके भाई हारून (अलैहिस्सलाम) थे, जो उनसे ज़्यादा वाक़ा (बोलने में धाराप्रवाह) थे और उनकी मदद कर सकते थे।
यह दुआ हमें सिखाती है कि जब हम कोई बड़ा काम करें, तो अल्लाह से मदद मांगें और अच्छे साथियों की तलाश करें। अकेले काम करने की बजाय, सहयोग और भाईचारे से काम करना बेहतर है। हज़रत मूसा (अलैहिस्सलाम) ने यह भी दिखाया कि परिवार के लोगों पर भरोसा करना और उन्हें अपने काम में शामिल करना एक अच्छी बात है, बशर्ते वह काबिल हों।
यह दुआ हमें यह भी सिखाती है कि अल्लाह से हमेशा विनम्रता और इख़लास (सच्चे दिल) से मांगना चाहिए। हज़रत मूसा (अलैहिस्सलाम) ने अपनी कमज़ोरी का अहसास किया और अल्लाह से मदद मांगी, और अल्लाह ने उनकी दुआ क़ुबूल की। यह हमारे लिए एक प्रेरणा है कि हम भी अपनी ज़िंदगी में अल्लाह पर भरोसा करें और उससे हर अच्छे काम के लिए मदद मांगें। अल्लाह अपने बंदों की दुआएं सुनता है और उन्हें बेहतरीन तरीके से क़ुबूल करता है।
📜 आयत 27-31 — ताहा
अनुवाद — ताहा 29
सूरा ताहा आयत 29 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : मेरे कीनेवालों में से मेरे भाई हारूनसूरा आयत 29/135 — ताहा طه (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: ताहा सुनें, ताहा अनुवाद, ताहा mp3, ताहा pdf. आयत 27–31. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए








