Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- جَنَّاتُ عَدْنٍ: स्थायी निवास के बगीचे, जिनका कोई अंत नहीं।
- تَجْرِي مِن تَحْتِهَا الْأَنْهَارُ: उनके महलों और पेड़ों के नीचे नहरें बहती हैं।
- خَالِدِينَ فِيهَا: उनमें हमेशा के लिए रहने वाले।
- مَن تَزَكَّى: जो पवित्र हो गया, यानी शिर्क और पापों से बचा, और अल्लाह की इबादत में एकाग्र हुआ।
तफसीर:
यह आयत उन लोगों के लिए खुशखबरी है जो अपने रब के पास ईमान और नेक आमाल के साथ आते हैं। अल्लाह तआला ने उनके लिए "जन्नतुल अदन" तैयार की है—यानी स्थायी रहने के बगीचे, जिनके नीचे नहरें बहती हैं। ये नहरें महलों और पेड़ों के नीचे से गुजरती हैं, और यह दृश्य जन्नत की खूबसूरती को और बढ़ा देता है। वहाँ वे हमेशा रहेंगे, कभी नहीं मरेंगे, न ही वहाँ से निकाले जाएँगे। यह अल्लाह की ओर से उन लोगों का बदला है जिन्होंने अपने आपको पवित्र किया—यानी शिर्क, कुफ्र और गुनाहों से दूर रहे, अल्लाह की इबादत में किसी को साझी नहीं बनाया, और उसकी आज्ञा का पालन किया।
यहाँ "तज़क्की" का मतलब सिर्फ ज़ाहिरी पवित्रता नहीं, बल्कि दिल की पवित्रता है—दिल को अल्लाह के सिवा हर चीज़ से साफ करना, और उसे सिर्फ अल्लाह की मुहब्बत और इबादत के लिए समर्पित करना। यह वही रास्ता है जो फिरौन के मुकाबले में जादूगरों ने अपनाया—उन्होंने सच्चाई को पहचाना, अपने आपको शिर्क से पाक किया, और अल्लाह की राह में कुर्बान हो गए।
इस आयत में अल्लाह तआला हमें बताते हैं कि असली कामयाबी दुनिया के झूठे वादों में नहीं, बल्कि उस जन्नत में है जो हमेशा रहने वाली है। यहाँ की ज़िंदगी चंद रोज़ की है, लेकिन वहाँ की ज़िंदगी हमेशा की है। इसलिए हमें चाहिए कि हम अपने दिलों को पाक रखें, अल्लाह की इबादत में किसी को साझी न बनाएँ, और अपने आमाल को उसकी रज़ा के लिए खास कर दें।
याद रखिए, अल्लाह का वादा सच्चा है—जो कोई भी अपने आपको पवित्र करेगा, उसके लिए यही इनाम है। यह हमारे लिए सबसे बड़ी खुशखबरी है कि अल्लाह ने अपने बंदों के लिए ऐसी जगह तैयार की है जहाँ कोई दुख, थकान या मौत नहीं होगी। आइए, हम सब इस रास्ते को अपनाएँ और अल्लाह की रहमत के हक़दार बनें।
📜 आयत 74-78 — सूरा ताहा
अनुवाद — ताहा 76
सूरा ताहा आयत 76 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : वह सदाबहार बाग़ात जिनके नीचे नहरें जारी हैं वह लोग…सूरा आयत 76/135 — सूरा ताहा طه (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा ताहा सुनें, सूरा ताहा अनुवाद, सूरा ताहा mp3, सूरा ताहा pdf. आयत 74–78. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा ताहा
पवित्र क़ुरआन
Thursday, October 1, 2026
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