अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- ذِكْرٍ (ज़िक्र): यहाँ इससे अभिप्राय क़ुरआन है, जो अल्लाह की याद दिलाने वाला और नसीहत करने वाला है।
- مُحْدَثٍ (मुहदस): नया उतारा गया, यानी जो अभी-अभी नाज़िल हुआ हो। यह क़ुरआन के क्रमिक अवतरण की ओर इशारा करता है।
- يَلْعَبُونَ (यल'अबून): खेल-कूद में मशगूल होना, मज़ाक़ और मसख़रापन करना।
तफ़सीर (व्याख्या):
इस आयत में अल्लाह तआला उन लोगों की हालत बयान कर रहा है जो क़ुरआन सुनकर भी उससे ग़ाफ़िल रहते हैं। जब भी उनके रब की तरफ़ से कोई नई आयत या सूरह नाज़िल होती है, जो उन्हें सच्चाई की याद दिलाती है और उनकी भलाई के लिए नसीहत बनकर आती है, तो वे उसे ध्यान से सुनने के बजाय मज़ाक़ और खेल-खिलाड़ में लग जाते हैं। वे उसे गंभीरता से नहीं सुनते, न उस पर विचार करते हैं, बल्कि उसका उपहास करते हैं और अपनी अज्ञानता और अहंकार के कारण उससे मुँह मोड़ लेते हैं।
यह उनकी उस हालत की तस्वीर है जो हक़ के सामने उनकी सख़्त ग़फ़लत और बेपरवाही को दिखाती है। वे क़ुरआन को एक साधारण किताब समझते हैं, जबकि यह उनके रब की तरफ़ से आया हुआ मार्गदर्शन है, जो उन्हें अंधकार से निकालकर प्रकाश की ओर ले जाना चाहता है। लेकिन उनका दिल बंद है और वे अपनी मौज-मस्ती में ही खोए रहते हैं।
इस आयत से हमें यह सबक़ मिलता है कि क़ुरआन को सुनते समय हमें पूरी गंभीरता और ध्यान से सुनना चाहिए। यह अल्लाह का कलाम है, जो हमारे लिए रहनुमा है। जो लोग इसे मज़ाक़ समझते हैं या इससे ग़ाफ़िल रहते हैं, वे अपने नुक़सान का सामान खुद करते हैं। अल्लाह तआला ने इस क़ुरआन को हमारी हिदायत के लिए उतारा है, और इसमें हमारी दुनिया और आख़िरत की भलाई है। इसलिए हमें चाहिए कि जब भी क़ुरआन की आयतें पढ़ी जाएँ, हम उन्हें ध्यान से सुनें, उन पर अमल करें, और उन्हें अपनी ज़िंदगी का नुस्ख़ा बनाएँ। यही वह रास्ता है जो हमें अल्लाह की रहमत और जन्नत तक पहुँचाएगा।
📜 आयत 1-4 — अल-अंबिया
अनुवाद — अल-अंबिया 2
सूरा अल-अंबिया आयत 2 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : जब उनके परवरदिगार की तरफ से उनके पास कोई नया…सूरा आयत 2/112 — अल-अंबिया الأنبياء (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-अंबिया सुनें, अल-अंबिया अनुवाद, अल-अंबिया mp3, अल-अंबिया pdf. आयत 1–4. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए








