अल-हज · 50/78
अनुवाद उच्चारण — अल-हज
فَالَّذِينَ آمَنُوا وَعَمِلُوا الصَّالِحَاتِ لَهُم مَّغْفِرَةٌ وَرِزْقٌ كَرِيمٌ ۝٥٠
Fallazeena aamanoo wa `amilu saalihaati lahum maghfiratunw wa rizqun kareem
📖 हिंदी अर्थ
पस जिन लोगों ने ईमान कुबूल किया और अच्छे-अच्छे काम किए (आख़िरत में) उनके लिए बख्शिश है और बेहिश्त की बहुत उम्दा रोज़ी
📜

अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • مَغْفِرَةٌ: पापों की क्षमा, गुनाहों को ढक देने वाली रहमत।
  • رِزْقٌ كَرِيمٌ: वह उत्तम और बेहतरीन रोज़ी जो कभी समाप्त न हो, अर्थात जन्नत।

तफ़सीर (व्याख्या):

अल्लाह तआला इस आयत में उन लोगों के लिए खुशखबरी सुना रहा है जो ईमान लाए और अच्छे कर्म करते रहे। यह ईमान सिर्फ ज़ुबान का दावा नहीं, बल्कि दिल की गहराई में बैठा हुआ यक़ीन है, जो अमल से जुड़ा हो। ऐसे लोगों के लिए अल्लाह की ओर से दो बड़े इनाम हैं:

पहला इनाम: मग़फिरत (क्षमा) — यानी उनके सारे गुनाह माफ कर दिए जाएंगे। अल्लाह की रहमत उनके पापों पर परदा डाल देगी, और वे किसी भी तरह की पकड़ या सज़ा से महफूज़ रहेंगे। यह अल्लाह का वादा है जो कभी टूटता नहीं।

दूसरा इनाम: रिज़्क़े करीम (उत्तम रोज़ी) — यह दुनिया की मामूली रोज़ी नहीं है, बल्कि वह अज़ीमुश्शान नेअमत है जो जन्नत में मिलेगी। वहाँ के फल, पेय, भोजन और हर तरह की नेअमतें ऐसी हैं जिन्हें किसी आँख ने देखा नहीं, किसी कान ने सुना नहीं और किसी दिल ने उनका ख़याल भी नहीं किया। यह रोज़ी कभी खत्म नहीं होती और न ही उसमें कोई कमी आती है।

यह आयत हमें बताती है कि अल्लाह का रास्ता बिल्कुल साफ है — जो ईमान लाए और नेक अमल करे, उसके लिए जन्नत और माफी है। यह अल्लाह की रहमत का दरवाज़ा है जो हर उस बंदे के लिए खुला है जो सच्चे दिल से उसकी तरफ रुजू करे। इसलिए हमें चाहिए कि हम अपने ईमान को मज़बूत करें, नेक कामों में जुटे रहें, और अल्लाह की इस खुशखबरी पर भरोसा रखें। यही कामयाबी का रास्ता है — दुनिया में इत्मिनान और आख़िरत में हमेशा की कामयाबी।

🎧 सुनें

📜 आयत 48-52 — अल-हज

48وَكَأَيِّن مِّن قَرْيَةٍ أَمْلَيْتُ لَهَا وَهِيَ ظَالِمَةٌ ثُمَّ أَخَذْتُهَا وَإِلَيَّ الْمَصِيرُ
और कितनी बस्तियाँ हैं कि मैंने उन्हें (चन्द) मोहलत दी हालाँकि वह सरकश थी फिर (आख़िर) मैंने उन्हें ले डाला और (सबको) मेरी तरफ लौटना है
49قُلْ يَا أَيُّهَا النَّاسُ إِنَّمَا أَنَا لَكُمْ نَذِيرٌ مُّبِينٌ
(ऐ रसूल) तुम कह दो कि लोगों में तो सिर्फ तुमको खुल्लम-खुल्ला (अज़ाब से) डराने वाला हूँ
50فَالَّذِينَ آمَنُوا وَعَمِلُوا الصَّالِحَاتِ لَهُم مَّغْفِرَةٌ وَرِزْقٌ كَرِيمٌ
पस जिन लोगों ने ईमान कुबूल किया और अच्छे-अच्छे काम किए (आख़िरत में) उनके लिए बख्शिश है और बेहिश्त की बहुत उम्दा रोज़ी
51وَالَّذِينَ سَعَوْا فِي آيَاتِنَا مُعَاجِزِينَ أُولَٰئِكَ أَصْحَابُ الْجَحِيمِ
और जिन लोगों ने हमारी आयतों (के झुठलाने में हमारे) आजिज़ करने के वास्ते कोशिश की यही लोग तो जहन्नुमी हैं
52وَمَا أَرْسَلْنَا مِن قَبْلِكَ مِن رَّسُولٍ وَلَا نَبِيٍّ إِلَّا إِذَا تَمَنَّىٰ أَلْقَى الشَّيْطَانُ فِي أُمْنِيَّتِهِ فَيَنسَخُ اللَّهُ مَا يُلْقِي الشَّيْطَانُ ثُمَّ يُحْكِمُ اللَّهُ آيَاتِهِ ۗ وَاللَّهُ عَلِيمٌ حَكِيمٌ
और (ऐ रसूल) हमने तो तुमसे पहले जब कभी कोई रसूल और नबी भेजा तो ये ज़रूर हुआ कि जिस वक्त उसने (तबलीग़े एहकाम की) आरज़ू की तो शैतान ने उसकी आरज़ू में (लोंगों को बहका कर) ख़लल डाल दिया फिर जो वस वसा शैतान डालता है खुदा उसे बेट देता है फिर अपने एहकाम को मज़बूत करता है और खुदा तो बड़ा वाक़िफकार दाना है
अल-हजकुरान सूची
78आयत
मदनीRevelation
50आयत

अनुवाद — अल-हज 50

सूरा अल-हज आयत 50 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : पस जिन लोगों ने ईमान कुबूल किया और अच्छे-अच्छे काम…

सूरा आयत 50/78 — अल-हज الحج (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-हज सुनें, अल-हज अनुवाद, अल-हज mp3, अल-हज pdf. आयत 48–52. हिंदी अर्थ: اردو.




पवित्र क़ुरआन


Tuesday, August 18, 2026

अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए