अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- مَغْفِرَةٌ: पापों की क्षमा, गुनाहों को ढक देने वाली रहमत।
- رِزْقٌ كَرِيمٌ: वह उत्तम और बेहतरीन रोज़ी जो कभी समाप्त न हो, अर्थात जन्नत।
तफ़सीर (व्याख्या):
अल्लाह तआला इस आयत में उन लोगों के लिए खुशखबरी सुना रहा है जो ईमान लाए और अच्छे कर्म करते रहे। यह ईमान सिर्फ ज़ुबान का दावा नहीं, बल्कि दिल की गहराई में बैठा हुआ यक़ीन है, जो अमल से जुड़ा हो। ऐसे लोगों के लिए अल्लाह की ओर से दो बड़े इनाम हैं:
पहला इनाम: मग़फिरत (क्षमा) — यानी उनके सारे गुनाह माफ कर दिए जाएंगे। अल्लाह की रहमत उनके पापों पर परदा डाल देगी, और वे किसी भी तरह की पकड़ या सज़ा से महफूज़ रहेंगे। यह अल्लाह का वादा है जो कभी टूटता नहीं।
दूसरा इनाम: रिज़्क़े करीम (उत्तम रोज़ी) — यह दुनिया की मामूली रोज़ी नहीं है, बल्कि वह अज़ीमुश्शान नेअमत है जो जन्नत में मिलेगी। वहाँ के फल, पेय, भोजन और हर तरह की नेअमतें ऐसी हैं जिन्हें किसी आँख ने देखा नहीं, किसी कान ने सुना नहीं और किसी दिल ने उनका ख़याल भी नहीं किया। यह रोज़ी कभी खत्म नहीं होती और न ही उसमें कोई कमी आती है।
यह आयत हमें बताती है कि अल्लाह का रास्ता बिल्कुल साफ है — जो ईमान लाए और नेक अमल करे, उसके लिए जन्नत और माफी है। यह अल्लाह की रहमत का दरवाज़ा है जो हर उस बंदे के लिए खुला है जो सच्चे दिल से उसकी तरफ रुजू करे। इसलिए हमें चाहिए कि हम अपने ईमान को मज़बूत करें, नेक कामों में जुटे रहें, और अल्लाह की इस खुशखबरी पर भरोसा रखें। यही कामयाबी का रास्ता है — दुनिया में इत्मिनान और आख़िरत में हमेशा की कामयाबी।
📜 आयत 48-52 — अल-हज
अनुवाद — अल-हज 50
सूरा अल-हज आयत 50 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : पस जिन लोगों ने ईमान कुबूल किया और अच्छे-अच्छे काम…सूरा आयत 50/78 — अल-हज الحج (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-हज सुनें, अल-हज अनुवाद, अल-हज mp3, अल-हज pdf. आयत 48–52. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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