अल-हज · 49/78
अनुवाद उच्चारण — अल-हज
قُلْ يَا أَيُّهَا النَّاسُ إِنَّمَا أَنَا لَكُمْ نَذِيرٌ مُّبِينٌ ۝٤٩
Qul yaaa ayyuhan naasu innamaaa ana lakum nazeerum mubeen
📖 हिंदी अर्थ
(ऐ रसूल) तुम कह दो कि लोगों में तो सिर्फ तुमको खुल्लम-खुल्ला (अज़ाब से) डराने वाला हूँ
📜

अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • नذير: डराने वाला, सचेत करने वाला
  • मुबीन: स्पष्ट, खुला हुआ, जिसमें कोई अस्पष्टता न हो

तफसीर:

ऐ नबी! आप कह दीजिए कि ऐ लोगों! मैं तो तुम्हारे लिए केवल एक स्पष्ट सचेत करने वाला हूँ। मेरा काम केवल यह है कि तुम्हें अल्लाह का संदेश पहुँचा दूँ और उस दिन से डरा दूँ जब हर व्यक्ति अपने किए का फल पाएगा। मैं तुम्हारे लिए कोई जबरदस्ती करने वाला नहीं हूँ, न ही मुझे अल्लाह की ओर से यह अधिकार दिया गया है कि मैं तुम्हारे लिए अज़ाब को जल्दी ला दूँ या उसे टाल दूँ। मेरा काम केवल स्पष्ट रूप से सचेत करना है, और यही मेरी ज़िम्मेदारी है।

यह आयत हमें बताती है कि रसूलुल्लाह ﷺ की भूमिका एक स्पष्ट सचेत करने वाले की है। वे किसी पर कोई दबाव नहीं डालते, बल्कि केवल सत्य को स्पष्ट रूप से प्रस्तुत करते हैं। यही इस्लाम का सुंदर तरीका है — किसी को मजबूर नहीं किया जाता, बल्कि सत्य को स्पष्ट रूप से पेश किया जाता है और फिर हर व्यक्ति को चुनने की आज़ादी दी जाती है।

इसके बाद जो लोग अल्लाह और उसके रसूल पर ईमान लाते हैं और उस ईमान को अपने दिलों में जड़ जमाने देते हैं, और नेक काम करते हैं, उनके लिए अल्लाह के पास क्षमा और अपार दया है। उनके गुनाह माफ कर दिए जाते हैं और उन्हें ऐसा सम्मानजनक रिज़्क़ मिलता है जो कभी खत्म नहीं होता — वह है जन्नत। यह अल्लाह का वादा है जो कभी नहीं टूटता।

वहीं दूसरी ओर, जो लोग अल्लाह की आयतों को झुठलाने और उन्हें बेकार करने के लिए हर संभव कोशिश करते हैं, जो सत्य के खिलाफ संघर्ष करते हैं और उसे दबाने की कोशिश करते हैं, उनका अंजाम जहन्नम की आग है। वे उसमें हमेशा रहेंगे। यह उनकी अपनी पसंद का परिणाम है, क्योंकि अल्लाह ने तो सत्य को स्पष्ट कर दिया था।

प्यारे भाइयों और बहनों! यह आयत हमें एक बहुत बड़ी सच्चाई सिखाती है — कि इस दुनिया में हर व्यक्ति के पास चुनने की आज़ादी है। अल्लाह ने हमें बुद्धि दी है, समझ दी है, और सत्य को स्पष्ट रूप से हमारे सामने रख दिया है। अब यह हम पर है कि हम किस रास्ते को चुनते हैं। जो सत्य को स्वीकार करेगा और नेक काम करेगा, उसके लिए सुंदर परिणाम है। और जो सत्य से मुंह मोड़ेगा, उसका परिणाम उसे खुद भुगतना होगा।

अल्लाह ने हम पर किसी तरह का बोझ नहीं डाला। उसने अपने रसूल को स्पष्ट सचेत करने वाले के रूप में भेजा, ताकि हमारे पास कोई बहाना न बचे। आइए हम इस नेमत की क़द्र करें, सत्य को अपनाएँ, और उस रास्ते पर चलें जो हमें हमेशा की खुशियों तक पहुँचाए। यही हमारी भलाई है, यही हमारी सफलता है।

🎧 सुनें

📜 आयत 47-51 — अल-हज

47وَيَسْتَعْجِلُونَكَ بِالْعَذَابِ وَلَن يُخْلِفَ اللَّهُ وَعْدَهُ ۚ وَإِنَّ يَوْمًا عِندَ رَبِّكَ كَأَلْفِ سَنَةٍ مِّمَّا تَعُدُّونَ
और (ऐ रसूल) तुम से ये लोग अज़ाब के जल्द आने की तमन्ना रखते हैं और खुदा तो हरगिज़ अपने वायदे के ख़िलाफ नहीं करेगा और बेशक (क़यामत का) एक दिन तुम्हारे परवरदिगार के नज़दीक तुम्हारी गिनती के हिसाब से एक हज़ार बरस के बराबर है
48وَكَأَيِّن مِّن قَرْيَةٍ أَمْلَيْتُ لَهَا وَهِيَ ظَالِمَةٌ ثُمَّ أَخَذْتُهَا وَإِلَيَّ الْمَصِيرُ
और कितनी बस्तियाँ हैं कि मैंने उन्हें (चन्द) मोहलत दी हालाँकि वह सरकश थी फिर (आख़िर) मैंने उन्हें ले डाला और (सबको) मेरी तरफ लौटना है
49قُلْ يَا أَيُّهَا النَّاسُ إِنَّمَا أَنَا لَكُمْ نَذِيرٌ مُّبِينٌ
(ऐ रसूल) तुम कह दो कि लोगों में तो सिर्फ तुमको खुल्लम-खुल्ला (अज़ाब से) डराने वाला हूँ
50فَالَّذِينَ آمَنُوا وَعَمِلُوا الصَّالِحَاتِ لَهُم مَّغْفِرَةٌ وَرِزْقٌ كَرِيمٌ
पस जिन लोगों ने ईमान कुबूल किया और अच्छे-अच्छे काम किए (आख़िरत में) उनके लिए बख्शिश है और बेहिश्त की बहुत उम्दा रोज़ी
51وَالَّذِينَ سَعَوْا فِي آيَاتِنَا مُعَاجِزِينَ أُولَٰئِكَ أَصْحَابُ الْجَحِيمِ
और जिन लोगों ने हमारी आयतों (के झुठलाने में हमारे) आजिज़ करने के वास्ते कोशिश की यही लोग तो जहन्नुमी हैं
अल-हजकुरान सूची
78आयत
मदनीRevelation
49आयत

अनुवाद — अल-हज 49

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Tuesday, August 18, 2026

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