अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- नذير: डराने वाला, सचेत करने वाला
- मुबीन: स्पष्ट, खुला हुआ, जिसमें कोई अस्पष्टता न हो
तफसीर:
ऐ नबी! आप कह दीजिए कि ऐ लोगों! मैं तो तुम्हारे लिए केवल एक स्पष्ट सचेत करने वाला हूँ। मेरा काम केवल यह है कि तुम्हें अल्लाह का संदेश पहुँचा दूँ और उस दिन से डरा दूँ जब हर व्यक्ति अपने किए का फल पाएगा। मैं तुम्हारे लिए कोई जबरदस्ती करने वाला नहीं हूँ, न ही मुझे अल्लाह की ओर से यह अधिकार दिया गया है कि मैं तुम्हारे लिए अज़ाब को जल्दी ला दूँ या उसे टाल दूँ। मेरा काम केवल स्पष्ट रूप से सचेत करना है, और यही मेरी ज़िम्मेदारी है।
यह आयत हमें बताती है कि रसूलुल्लाह ﷺ की भूमिका एक स्पष्ट सचेत करने वाले की है। वे किसी पर कोई दबाव नहीं डालते, बल्कि केवल सत्य को स्पष्ट रूप से प्रस्तुत करते हैं। यही इस्लाम का सुंदर तरीका है — किसी को मजबूर नहीं किया जाता, बल्कि सत्य को स्पष्ट रूप से पेश किया जाता है और फिर हर व्यक्ति को चुनने की आज़ादी दी जाती है।
इसके बाद जो लोग अल्लाह और उसके रसूल पर ईमान लाते हैं और उस ईमान को अपने दिलों में जड़ जमाने देते हैं, और नेक काम करते हैं, उनके लिए अल्लाह के पास क्षमा और अपार दया है। उनके गुनाह माफ कर दिए जाते हैं और उन्हें ऐसा सम्मानजनक रिज़्क़ मिलता है जो कभी खत्म नहीं होता — वह है जन्नत। यह अल्लाह का वादा है जो कभी नहीं टूटता।
वहीं दूसरी ओर, जो लोग अल्लाह की आयतों को झुठलाने और उन्हें बेकार करने के लिए हर संभव कोशिश करते हैं, जो सत्य के खिलाफ संघर्ष करते हैं और उसे दबाने की कोशिश करते हैं, उनका अंजाम जहन्नम की आग है। वे उसमें हमेशा रहेंगे। यह उनकी अपनी पसंद का परिणाम है, क्योंकि अल्लाह ने तो सत्य को स्पष्ट कर दिया था।
प्यारे भाइयों और बहनों! यह आयत हमें एक बहुत बड़ी सच्चाई सिखाती है — कि इस दुनिया में हर व्यक्ति के पास चुनने की आज़ादी है। अल्लाह ने हमें बुद्धि दी है, समझ दी है, और सत्य को स्पष्ट रूप से हमारे सामने रख दिया है। अब यह हम पर है कि हम किस रास्ते को चुनते हैं। जो सत्य को स्वीकार करेगा और नेक काम करेगा, उसके लिए सुंदर परिणाम है। और जो सत्य से मुंह मोड़ेगा, उसका परिणाम उसे खुद भुगतना होगा।
अल्लाह ने हम पर किसी तरह का बोझ नहीं डाला। उसने अपने रसूल को स्पष्ट सचेत करने वाले के रूप में भेजा, ताकि हमारे पास कोई बहाना न बचे। आइए हम इस नेमत की क़द्र करें, सत्य को अपनाएँ, और उस रास्ते पर चलें जो हमें हमेशा की खुशियों तक पहुँचाए। यही हमारी भलाई है, यही हमारी सफलता है।
📜 आयत 47-51 — अल-हज
अनुवाद — अल-हज 49
सूरा अल-हज आयत 49 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : (ऐ रसूल) तुम कह दो कि लोगों में तो सिर्फ…सूरा आयत 49/78 — अल-हज الحج (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-हज सुनें, अल-हज अनुवाद, अल-हज mp3, अल-हज pdf. आयत 47–51. हिंदी अर्थ: اردو.
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Tuesday, August 18, 2026
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