Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- ثَانِيَ عِطْفِهِ (अपनी गर्दन को मोड़ने वाला) — अर्थात अहंकार और घमंड के कारण अपनी गर्दन को दूसरी ओर मोड़ लेने वाला।
- خِزْيٌ (अपमान, रुसवाई) — दुनिया में ज़िल्लत और अपमान।
- عَذَابَ الْحَرِيقِ (जलाने वाला अज़ाब) — आग का अज़ाब जो जलाकर भस्म कर दे।
तफ़सीर (व्याख्या):
यह आयत उन काफ़िरों के हाल का वर्णन करती है जो अल्लाह के दीन के खिलाफ़ झगड़ते हैं और लोगों को सच्चे रास्ते से भटकाने की कोशिश करते हैं। ऐसे लोग अपनी गर्दन को अहंकार से मोड़ लेते हैं, यानी वे सच्चाई की तरफ़ देखना भी पसंद नहीं करते। वे घमंड और अकड़ के साथ हक़ से मुँह मोड़ लेते हैं और अपने इसी घमंड के कारण दूसरों को भी अल्लाह के रास्ते से रोकने की कोशिश करते हैं।
ऐसे लोगों के लिए दुनिया में भी रुसवाई और अपमान है — उनकी सच्चाई सामने आ जाएगी, उनके झूठे तर्क बेनक़ाब हो जाएँगे और वे लोगों की नज़रों में ज़लील होंगे। और आख़िरत में उनके लिए सबसे भयानक अज़ाब है — आग का अज़ाब जो उन्हें जला देगा। यह अज़ाब इतना सख्त होगा कि उसकी कल्पना भी नहीं की जा सकती।
दावती पहलू:
यह आयत हमें एक बहुत बड़ी सीख देती है — अहंकार और घमंड इंसान को सच्चाई से अंधा कर देता है। जो लोग सच्चाई को जानते हुए भी घमंड के कारण उसे नहीं मानते, वे दुनिया और आख़िरत दोनों में नुकसान उठाते हैं। इसके विपरीत, जो लोग अपने अहंकार को दबाकर सच्चाई को क़बूल कर लेते हैं, अल्लाह उन्हें दुनिया में इज़्ज़त देता है और आख़िरत में जन्नत की नेमतें अता करता है।
इसलिए हमें चाहिए कि हम अपने दिलों से घमंड और अकड़ को निकालें, सच्चाई के आगे झुकें और अल्लाह के दीन की तरफ़ बुलाने वालों की बात को ध्यान से सुनें। याद रखें — जो लोग अल्लाह के रास्ते से दूसरों को रोकते हैं, वे खुद भी रास्ते से भटक जाते हैं और दूसरों को भी भटकाते हैं। लेकिन जो लोग अल्लाह की तरफ़ बुलाते हैं, उनके लिए दुनिया और आख़िरत दोनों में भलाई है। अल्लाह हमें सच्चाई को क़बूल करने की तौफ़ीक़ दे और हमें अहंकार और घमंड से बचाए। आमीन।
📜 आयत 7-11 — सूरा अल-हज
अनुवाद — अल-हज 9
सूरा अल-हज आयत 9 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : (ख्वाहमख्वाह) खुदा के बारे में लड़ने मरने पर तैयार है…सूरा आयत 9/78 — सूरा अल-हज الحج (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-हज सुनें, सूरा अल-हज अनुवाद, सूरा अल-हज mp3, सूरा अल-हज pdf. आयत 7–11. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Monday, September 28, 2026
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