अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- نَتْلُو – हम पढ़कर सुनाते हैं, व्याख्या करते हैं।
- نَّبَإِ – खबर, समाचार।
- بِالْحَقِّ – सत्य के साथ, पूरी सच्चाई।
- لِقَوْمٍ يُؤْمِنُونَ – उन लोगों के लिए जो ईमान रखते हैं।
तफसीर (व्याख्या):
अल्लाह तआला अपने प्यारे नबी ﷺ को संबोधित करते हुए फ़रमा रहे हैं कि हम आपको मूसा (अलैहिस्सलाम) और फ़िरऔन की वह खबर सच्चाई और सत्यता के साथ सुनाते हैं, जिसमें कोई संदेह नहीं। यह क़िस्सा सिर्फ़ एक कहानी नहीं है, बल्कि इसमें बड़ी सीख और नसीहत है।
यह क़ुरआन उन लोगों के लिए रहनुमाई और हिदायत है जो ईमान लाते हैं, क्योंकि वही लोग हैं जो इससे लाभ उठाते हैं। ईमानवालों का दिल इस क़िस्से से इबरत हासिल करता है, उनका यक़ीन मज़बूत होता है और वे समझते हैं कि अल्लाह की मदद सच्चे बंदों के साथ होती है, चाहे हालात कितने भी कठिन क्यों न हों।
यहाँ अल्लाह तआला ने यह बात स्पष्ट कर दी कि यह क़िस्सा सच्चाई पर आधारित है, न कि किसी कल्पना या मनघड़ंत बात पर। यह उन लोगों के लिए रहमत और हिदायत है जो अल्लाह के कलाम पर ईमान रखते हैं और उस पर अमल करते हैं।
इस आयत से हमें यह सबक मिलता है कि हमें क़ुरआन की हर आयत पर गहराई से ग़ौर करना चाहिए, क्योंकि हर क़िस्से में हमारे लिए रहनुमाई है। यह क़िस्सा हमें सिखाता है कि सच्चाई और ईमान की ताक़त के आगे ज़ुल्म और ताक़त की कोई हक़ीक़त नहीं होती। फ़िरऔन जैसा ज़ालिम भी अपनी सारी ताक़त के बावजूद अल्लाह के नबी के मुक़ाबले में कुछ न कर सका।
अल्लाह तआला हम सबको क़ुरआन को समझने और उस पर अमल करने की तौफ़ीक़ अता फ़रमाए। आमीन।
📜 आयत 1-5 — अल-क़सस
अनुवाद — अल-क़सस 3
सूरा अल-क़सस आयत 3 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : (जिसमें) हम तुम्हारें सामने मूसा और फिरऔन का वाक़िया ईमानदार…सूरा आयत 3/88 — अल-क़सस القصص (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-क़सस सुनें, अल-क़सस अनुवाद, अल-क़सस mp3, अल-क़सस pdf. आयत 1–5. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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