अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- أَهْدَىٰ: अधिक मार्गदर्शन करने वाला, अधिक सही रास्ता दिखाने वाला।
- مِنْهُمَا: इन दोनों (तौरात और क़ुरआन) से।
- صَادِقِينَ: सच्चे होने के दावे में।
तफ़सीर (व्याख्या):
ऐ नबी! आप इन मुनकिरों से कहिए जो तौरात और क़ुरआन दोनों को जादू कहकर खारिज कर रहे हैं: "अगर तुम अपने इस दावे में सच्चे हो कि ये दोनों किताबें अल्लाह की तरफ से नहीं हैं, और तुम्हारे पास कोई बेहतर रास्ता है, तो लाओ अल्लाह की तरफ से कोई ऐसी किताब जो इन दोनों (तौरात और क़ुरआन) से ज़्यादा सही रास्ता दिखाने वाली हो। मैं उसी की पैरवी करूँगा, बशर्ते कि तुम सच्चे हो।"
यह एक खुला चैलेंज है जो उनके झूठ को बेनकाब करता है। अगर वे सच्चे होते तो कोई ऐसी किताब पेश करते जो इंसानियत को बेहतर रास्ता दिखाती, लेकिन यह नामुमकिन है, क्योंकि क़ुरआन और तौरात में वह हिदायत है जो इंसान की दुनिया और आख़िरत दोनों की भलाई की ज़मानत देती है।
यह आयत हमें सिखाती है कि सच्चाई का दावा करने वालों के सामने सबूत पेश करने का तरीक़ा यही है — उन्हें चुनौती दो कि अगर तुम सच्चे हो तो अपना दावा साबित करो। और जब कोई सबूत नहीं ला सके, तो यही सबसे बड़ा प्रमाण है कि क़ुरआन अल्लाह की किताब है।
यह चुनौती आज भी क़ायम है — पूरी दुनिया की ताक़तें मिलकर भी क़ुरआन जैसी एक सूरा नहीं ला सकतीं। यही इस किताब की सच्चाई की सबसे बड़ी गवाही है। जो इसे मान ले, वह सीधे रास्ते पर है, और जो इसे ठुकराए, वह खुद अपने नुक़सान का सामान करता है। अल्लाह हमें क़ुरआन को समझने और उस पर अमल करने की तौफ़ीक़ दे। आमीन।
📜 आयत 47-51 — अल-क़सस
अनुवाद — अल-क़सस 49
सूरा अल-क़सस आयत 49 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और ये भी कह चुके कि हम एब के मुन्किर…सूरा आयत 49/88 — अल-क़सस القصص (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-क़सस सुनें, अल-क़सस अनुवाद, अल-क़सस mp3, अल-क़सस pdf. आयत 47–51. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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