Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- क़ुतिलू – जो मारे गए (शहीद हुए)
- फ़ी सबीलिल्लाह – अल्लाह के रास्ते में (जिहाद करते हुए)
- अम्वातन – मुर्दा (बेजान)
- अह्याउ – ज़िंदा
- इंदा रब्बिहिम – अपने रब के पास
- युर्ज़क़ून – उन्हें रोज़ी (आजीविका) दी जाती है
तफ़सीर (व्याख्या):
ऐ नबी! आप यह कभी न समझें कि जो लोग अल्लाह के रास्ते में शहीद हो गए, वे मुर्दा हैं और उनका कोई वजूद नहीं रहा। हरगिज़ नहीं! बल्कि वे अपने रब के पास ज़िंदा हैं, एक ऐसी विशेष ज़िंदगी जो हमारी समझ से परे है — बरज़ख़ की ज़िंदगी। वे अपने रब की विशेष करीबी और रहमत में हैं, और उन्हें जन्नत की तरह-तरह की नेमतें और रोज़ी दी जा रही हैं, जिसका असली हाल केवल अल्लाह ही जानता है।
यह आयत मुख्य रूप से बद्र के शहीदों के बारे में उतरी, और कुछ के अनुसार उहुद के शहीदों — जैसे हज़रत हमज़ा (रज़ि.) और उनके साथियों — के बारे में। इसमें अल्लाह तआला ने शहादत की असली हक़ीक़त बयान की है कि शहीद मरते नहीं, बल्कि अपने रब के पास जीवित होकर नेमतों में रहते हैं।
दावती पहलू:
यह आयत मुसलमानों के दिलों में जिहाद और अल्लाह के रास्ते में कुर्बानी का जज़्बा पैदा करती है। जब एक मोमिन जानता है कि शहादत का मतलब मौत नहीं, बल्कि एक ऐसी ज़िंदगी है जो अल्लाह की करीबी और जन्नत की नेमतों से भरी हुई है, तो उसके दिल में अल्लाह के रास्ते में कुर्बानी का शौक़ पैदा होता है। यह आयत हमें सिखाती है कि मौत ख़त्म होना नहीं है, बल्कि एक दरवाज़ा है — और जो लोग अल्लाह के लिए जीते हैं और अल्लाह के लिए मरते हैं, उनका अंजाम कभी बुरा नहीं हो सकता। अल्लाह उन्हें अपनी जन्नत में जगह देता है और उन्हें ऐसी रोज़ी देता है जो कभी ख़त्म नहीं होती। यही वह सच्ची कामयाबी है जो हर मोमिन को मांगनी चाहिए — कि हम भी अल्लाह के रास्ते में जिएं, और अगर मौत आए तो उसी रास्ते में आए।
📜 आयत 167-171 — सूरा आल-इमरान
अनुवाद — आल-इमरान 169
सूरा आल-इमरान आयत 169 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और जो लोग ख़ुदा की राह में शहीद किए गए…सूरा आयत 169/200 — सूरा आल-इमरान آل عمران (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा आल-इमरान सुनें, सूरा आल-इमरान अनुवाद, सूरा आल-इमरान mp3, सूरा आल-इमरान pdf. आयत 167–171. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा आल-इमरान
पवित्र क़ुरआन
Thursday, October 1, 2026
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