Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- أَحَسَّ: महसूस किया, जान लिया, भाँप लिया।
- الْكُفْرَ: इनकार, अविश्वास, सत्य को छिपाना।
- أَنصَارِي: मेरे सहायक, मेरा साथ देने वाले।
- الْحَوَارِيُّونَ: ईसा (अलैहिस्सलाम) के विशेष और चुने हुए साथी, जो उनके धर्म के शुद्ध अनुयायी थे।
व्याख्या:
जब ईसा (अलैहिस्सलाम) ने बनी इस्राईल की ओर से कुफ्र (इनकार) और सत्य के विरुद्ध हठ की भावना को स्पष्ट रूप से महसूस किया, और यह समझ गए कि वे उन्हें मानने से इनकार कर रहे हैं और उनके विरुद्ध साजिश कर रहे हैं, तो उन्होंने अपने विशेष और निष्ठावान साथियों को संबोधित करते हुए पूछा: "कौन है जो अल्लाह की ओर बुलाने और उसके धर्म की मदद करने में मेरा साथ देगा?" यह प्रश्न उन्होंने इसलिए किया ताकि सच्चे और ईमानदार लोग सामने आ जाएँ।
इस पर हवारियों (उनके चुने हुए साथियों) ने उत्तर दिया: "हम अल्लाह के धर्म के सहायक हैं। हमने अल्लाह पर ईमान लाया है और आपकी पुष्टि की है। हे ईसा! आप गवाह रहें कि हम पूर्ण रूप से अल्लाह के आज्ञाकारी और उसके प्रति समर्पित (मुस्लिम) हैं।" उन्होंने यह बात इसलिए कही ताकि यह बात उनके लिए क़ियामत के दिन गवाही बन जाए और वे अपने ईमान पर दृढ़ रहें।
शिक्षाएँ और लाभ:
- सत्य के मार्ग पर चलने वालों को चाहिए कि जब वे विरोध और इनकार देखें, तो वे सच्चे और निष्ठावान साथियों की तलाश करें और उन्हें एकत्र करें, क्योंकि अकेले सत्य की रक्षा करना कठिन होता है।
- अल्लाह के धर्म की मदद करना सबसे बड़ा सम्मान और सौभाग्य है। हवारियों ने जिस प्रकार तुरंत सहायता का प्रस्ताव रखा, यह हमें सिखाता है कि सच्चे ईमानवाले कभी भी सत्य के समर्थन में पीछे नहीं हटते।
- ईमान का अर्थ केवल मौखिक घोषणा नहीं, बल्कि अल्लाह के प्रति पूर्ण समर्पण और आज्ञाकारिता है। हवारियों ने "मुस्लिम" होने की गवाही माँगी, जो दर्शाता है कि सच्चा ईमान अल्लाह के प्रति समर्पण का नाम है।
- यह आयत हमें सिखाती है कि नेक कामों में एक-दूसरे का साथ देना और सत्य के लिए खड़ा होना चाहिए, चाहे विरोध कितना भी बड़ा क्यों न हो। अल्लाह अपने सहायकों की मदद करता है और उन्हें कभी अकेला नहीं छोड़ता।
📜 आयत 50-54 — सूरा आल-इमरान
अनुवाद — आल-इमरान 52
सूरा आल-इमरान आयत 52 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : पस उसकी इबादत करो (क्योंकि) यही नजात का सीधा रास्ता…सूरा आयत 52/200 — सूरा आल-इमरान آل عمران (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा आल-इमरान सुनें, सूरा आल-इमरान अनुवाद, सूरा आल-इमरान mp3, सूरा आल-इमरान pdf. आयत 50–54. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा आल-इमरान
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, September 29, 2026
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