Mishary Rashid Alafasy
✓
Mahmoud Khalil Al-Husary
✓
Abdurrahman As-Sudais
✓
Mohamed Siddiq Al-Minshawi
✓
Abdul Basit Abdul Samad
✓
Ali Al-Hudhaify
✓
Ahmed ibn Ali al-Ajamy
✓
Abu Bakr Ash-Shaatree
✓
Muhammad Ayyoub
✓
Abdullah Basfar
✓
Abdullah Al-Juhani
✓
Maher Al Muaiqly
✓
अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- أَوَّلَ بَيْتٍ: सबसे पहला घर (मस्जिद)।
- وُضِعَ: रखा गया, बनाया गया, स्थापित किया गया।
- بِبَكَّةَ: बक्का अर्थात मक्का (यह मक्का का ही एक नाम है)।
- مُبَارَكًا: बरकत वाला, जिसमें भलाई और अज़ीम फ़ज़ीलत हो।
- هُدًى: मार्गदर्शन, हिदायत।
तफ़सीर (व्याख्या):
यह आयत उस समय उतरी जब यहूदियों ने मुसलमानों से कहा कि बैतुल-मुक़द्दस (यरूशलम) हमारा क़िबला है और वह काबा से बेहतर और पुराना है। अल्लाह तआला ने इसका उत्तर देते हुए फ़रमाया कि सबसे पहला घर जो लोगों के लिए (इबादत और अल्लाह की बंदगी के लिए) बनाया गया, वह वही घर है जो मक्का (बक्का) में है। यह घर बरकतों वाला है, यानी इसमें नेकियाँ बढ़ाई जाती हैं, रहमतें उतरती हैं, और यह पूरी दुनिया के लिए हिदायत और मार्गदर्शन का केंद्र है। इसी की तरफ़ मुख करके नमाज़ पढ़ी जाती है, और यहीं हज और उमरा किया जाता है। यह घर इंसानों की रहनुमाई और उनके दीन-दुनिया की भलाई का ज़रिया है।
फ़ायदे (उपदेश):
- काबा की अज़मत और उसका मुक़ाम इस आयत से साबित होता है कि यह दुनिया का सबसे पहला घर है जो अल्लाह की इबादत के लिए बनाया गया। यह मुसलमानों के लिए फ़ख़्र और इज़्ज़त की जगह है।
- इस आयत से हमें यह सबक मिलता है कि अल्लाह ने काबा को बरकतों का केंद्र बनाया है, इसलिए हमें इसकी तरफ़ रुख करके नमाज़ पढ़नी चाहिए और हज-उमरा की कोशिश करनी चाहिए, ताकि हम उन बरकतों से महरूम न रहें।
- काबा सिर्फ़ एक इमारत नहीं, बल्कि पूरी दुनिया के लिए हिदायत का निशान है। यह हमें याद दिलाता है कि जिस तरह यह घर लोगों को एकजुट करता है, उसी तरह हमें भी अपने दिलों को अल्लाह की इबादत और आपसी भाईचारे के लिए जोड़ना चाहिए।
- यह आयत मुसलमानों को यह भी सिखाती है कि अल्लाह की इबादत की असल बुनियाद तौहीद (एकेश्वरवाद) पर है, और काबा उसी तौहीद का प्रतीक है। इसलिए हमें अपनी ज़िंदगी में तौहीद को ही केंद्र बनाना चाहिए।
📜 आयत 94-98 — सूरा आल-इमरान
अनुवाद — आल-इमरान 96
सूरा आल-इमरान आयत 96 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : लोगों (की इबादत) के वास्ते जो घर सबसे पहले बनाया…सूरा आयत 96/200 — सूरा आल-इमरान آل عمران (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा आल-इमरान सुनें, सूरा आल-इमरान अनुवाद, सूरा आल-इमरान mp3, सूरा आल-इमरान pdf. आयत 94–98. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा आल-इमरान
पवित्र क़ुरआन
Wednesday, September 30, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए


